Venezuela के राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी से दुनिया में हड़कंप, UNSC ने बुलाई आपात बैठक, जवाब देगा वाशिंगटन!
US Military Action on Venezuela: वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने के लिए की गई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने वैश्विक कूटनीति में भूचाल ला दिया है। इस घटनाक्रम के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) सोमवार को एक अत्यंत महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक करने जा रही है। कोलंबिया द्वारा बुलाई गई इस बैठक को रूस और चीन का भी पुरजोर समर्थन प्राप्त है।
संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष नेतृत्व और महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस सैन्य हस्तक्षेप को एक "खतरनाक मिसाल" करार देते हुए चेतावनी दी है कि इससे अंतरराष्ट्रीय कानून की नींव कमजोर हो सकती है। जहां अमेरिका इसे आत्मरक्षा और न्याय की कार्रवाई बता रहा है, वहीं वेनेजुएला इसे अपने संसाधनों पर कब्जे के लिए किया गया 'औपनिवेशिक हमला' मान रहा है।

कोलंबिया की मांग और सुरक्षा परिषद का रुख
वेनेजुएला की सीमा से लगे कोलंबिया ने इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपात बैठक की मांग की है। 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब पिछले साल अक्टूबर और दिसंबर में भी इसी मुद्दे पर दो बार बहस हो चुकी है। रूस और चीन के समर्थन ने इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है, क्योंकि ये दोनों देश शुरू से ही वेनेजुएला के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप का विरोध करते रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख की चिंता और अंतरराष्ट्रीय कानून
महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन का सवाल खड़ा करती है। उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक के अनुसार, महासचिव इस बात से चिंतित हैं कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उन प्रावधानों की अनदेखी की गई है, जो किसी देश की संप्रभुता और राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ बल प्रयोग को प्रतिबंधित करते हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप का 'अस्थायी प्रशासन' का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरी कार्रवाई के बाद शनिवार को घोषणा की कि अमेरिका अस्थायी तौर पर वेनेजुएला का प्रशासन अपने हाथों में लेगा। ट्रंप के अनुसार, यह व्यवस्था तब तक बनी रहेगी जब तक वहां "सुरक्षित और सही तरीके से सत्ता का हस्तांतरण" सुनिश्चित नहीं हो जाता।
हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस प्रशासन की समय सीमा या कार्यप्रणाली पर अभी तक कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। गौरतलब है कि अमेरिका ने हाल के महीनों में कैरिबियन और प्रशांत क्षेत्र में अपनी नौसैनिक उपस्थिति और मादक पदार्थ विरोधी अभियानों के नाम पर सैन्य गतिविधियां तेज कर दी थीं।
वेनेजुएला का आरोप, "तेल पर कब्जे की साजिश"
संयुक्त राष्ट्र में वेनेजुएला के राजदूत सैमुअल मोंकाडा ने सुरक्षा परिषद को लिखे पत्र में अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे एक "औपनिवेशिक युद्ध" बताते हुए कहा कि अमेरिका का असली मकसद वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों पर कब्जा करना और वहां एक कठपुतली सरकार स्थापित करना है। मोंकाडा ने तर्क दिया कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सीधा उल्लंघन है।
अमेरिका की सफाई
वहीं, अमेरिका ने अपनी कार्रवाई को वैध ठहराने के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का सहारा लिया है। अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने इस अभियान को "सत्ता परिवर्तन के बजाय न्याय" की संज्ञा दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि निकोलस मादुरो एक अवैध तानाशाह थे जो मादक पदार्थों के व्यापार में संलिप्त थे, जिससे अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया था।












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