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खेरसॉन को फिर से हासिल करने में जुटा यूक्रेन, रूस यहां हारा तो पुतिन को होगा भारी नुकसान

खेरसॉन रूस के लिए काफी अहमियत रखता है। खेरसॉन एक बड़ा शिप मैन्युफैक्चरर है, जहां मर्चेंट शिप, टैंकर, कंटेनर शिप, आइसब्रेकर, आर्किट सप्लाई शिप बनाई जाती हैं।
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यूक्रेन की सेना ने रूसी कब्जे वाले दक्षिणी शहर खेरसॉन पर हमला तेज कर दिया है। रूस की पकड़ इस इलाके पर कमजोर पड़ने लगी है। रूस ने भी पहली बार माना है कि खेरसॉन में उसके 23 सैनिक मारे गए और 58 अन्य घायल हुए हैं। यूक्रेनी सेना ने ये दावा किया है कि रूस द्वारा नियुक्त अधिकारियों ने शहर छोड़ दिया है। यूक्रेनी सेना पश्चिम से खेरसॉन को घेर रही है और नीपर नदी के पश्चिमी तट पर रूस की तलहटी पर हमला कर रही है जो इस क्षेत्र व देश को विभाजित करती है। खेरसॉन रूस के लिए काफी अहमियत रखता है। खेरसॉन एक बड़ा शिप मैन्युफैक्चरर है, जहां मर्चेंट शिप, टैंकर, कंटेनर शिप, आइसब्रेकर, आर्किट सप्लाई शिप बनाई जाती हैं। 2014 में क्रीमिया पर कब्जे के बाद से ही इसकी भौगोलिक स्थिति रूस के लिए रणनीतिक रूप से काफी अहम है।

Image- PTI

नागरिकों को सुरक्षित इलाके में रेसक्यू कर रही सेना

नागरिकों को सुरक्षित इलाके में रेसक्यू कर रही सेना

इसी बीच अब रूस ने खेरसॉन से नागरिकों को रेस्क्यू करने का काम लगभग पूरा कर लिया है। रूसी जनरल सर्गेई अक्स्योनोव ने कहा, "नीपर नदी के बाईं ओर रहने वाले निवासियों को रूस के सुरक्षित क्षेत्रों में रेस्क्यू करने का काम पूरा हो गया है। इससे पहले रूसी जनरल सर्गेई सुरोविकिन ने खेरसॉन शहर से नागरिकों को निकालने की बात कही थी। ऐसा कहा जा रहा है कि इन इलाकों में यूक्रेनी सेना की पकड़ तेज होती जा रही है।

70 हजार लोगों ने छोड़ा खेरसॉन

70 हजार लोगों ने छोड़ा खेरसॉन

क्षेत्र में क्रेमलिन द्वारा नियुक्त गवर्नर व्लादिमीर साल्डो ने बृहस्पतिवार को बताया कि खेरसॉन शहर क्षेत्र के 70,000 से अधिक निवासियों ने हाल के दिनों में शहर छोड़ा है। वहीं यूक्रेन ने खेरसॉन क्षेत्र और उसकी राजधानी को पुनः प्राप्त करने के लिए अपने आक्रामक अभियान को आगे बढ़ाया है। रूसी सेना ने युद्ध के शुरुआती दिनों में उसे अपने कब्जे में ले लिया था।

खेरसॉन पर कब्जे के लिए जीन जान लगा रहा यूक्रेन

खेरसॉन पर कब्जे के लिए जीन जान लगा रहा यूक्रेन

खेरसॉन उन चार आंशिक रूप से कब्जे वाले यूक्रेनी प्रांतों में से एक है जिसे रूस ने फरवरी के अंत में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद कब्जा करने का दावा किया है। इस इलाके में क्रीमियन प्रायद्वीप का एकमात्र भूमि मार्ग शामिल है, जिसे रूस ने 2014 में जब्त कर लिया था। नीपर नदी का मुहाना एक महत्वपूर्ण आर्थिक धमनी है और यूक्रेन को विभाजित करती है। सैन्य विश्लेषकों का कहना है कि खेरसॉन शहर पर कब्जे की यह लड़ाई निर्धारित करेगी कि इस युद्ध में किसका पलड़ा अधिक भारी है। अगर यूक्रेन इस हिस्से पर कब्जा करने में सफल होता है तो यह रूस के लिए बेहद घाटे का सौदा होगा।

यूक्रेन पर परमाणु हमले का इरादा नहींः पुतिन

यूक्रेन पर परमाणु हमले का इरादा नहींः पुतिन

इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस का यूक्रेन में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने का कोई इरादा नहीं है। हालांकि पहले रूस कई बार आगाह कर चुका है कि वह अपने परमाणु शस्त्रागार सहित रूस की रक्षा के लिए सभी उपलब्ध साधनों का उपयोग करने को तैयार है। रूस की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने अमेरिका पर बिना सोच-विचार के तनाव बढ़ाने व माहौल को भड़काने का आरोप लगाया। मारिया जखारोवा ने कहा कि अमेरिका जितना यूक्रेन का समर्थन करेगा, परमाणु शक्तियों के बीच सीधे सैन्य टकराव का जोखिम उतना बढ़ेगा।

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English summary
Kherson city will determine whether Ukraine can loosen Russia’s grip on the south.
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