यूक्रेन के एक ही हमले में मारे गये 63 रूसी सैनिक, पुतिन के हाथ-पैर फूले, भीषण बदले की आशंका
रूस ने 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर हमला किया था, जिसे उसने सैन्य अभियान नाम दिया है। युद्ध को 10 महीने से ज्यादा बीत चुके हैं और अभी तक युद्ध का नतीजा नहीं निकला है।

Russia-Ukraine War: पिछले साल 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियान का आगाज किया था और अगले महीने इस युद्ध को शुरू हुए एक साल का वक्त बीत जाएगा। लेकिन, दोनों देशों के बीच का ये युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच यूक्रेन ने पहली बार रूसी सैनिकों पर भीषण हमला किया है, जिसमें एक झटके में ही 63 रूसी सैनिक मारे गये हैं। हालांकि, यूक्रेन ने 100 सैनिकों को मारने का दावा किया है, लेकिन रूस ने 63 सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है।

पूर्वी दोनेत्सक के मकीवका में हमला
रूस ने स्वीकार किया है, कि यूक्रेन युद्ध में अब तक का सबसे घातक हमला उसके सैनिकों पर किया गया है, जिसमें उसके दर्जनों सैनिक मारे गये हैं। के सबसे घातक हमलों में से एक में उसके दर्जनों सैनिक मारे गए हैं, जिसके बाद रूस के सांसद और रूसी राष्ट्रवादियों में भारी गुस्सा है। रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के राष्ट्रवादी और कमांडर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पूर्वी दोनेत्सक के मकीवका में यूक्रेन ने मिसाइल हमला किया था, जिसमें 63 रूसी सैनिक मारे गये हैं। रूसी सांसदों का कहना है, कि इतने सैनिकों के मारे जाने के पीछे रूसी सेना की बहुत बड़ी लापरवाही है और गोला बारूद के ढेर के पास रूसी सैनिक आराम कर रहे थे, जिसवक्त यूक्रेनी मिसाइल वहां गिरा था।

रूसी रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?
रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा है, कि नए साल की पूर्व संध्या पर भीषण विस्फोट में 63 सैनिकों की मौत हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन ने रूस के कब्जे वाली दोनेत्सक के मकीवका शहर में एक पूर्व मैनेजमेंट कॉलेज पर मिसाइल हमला किया था, जिसे रूसी सैनिकों ने अस्थाई बैरक बना रखा था। रूसी रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेनी हमले की पुष्टि करते हुए कहा है, कि यूक्रेन की तरफ से अमेरिका में बने चार HIMARS मिसाइल लॉन्चर्स से चार रॉकेट दागे गये थे। हालांकि, यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय का दावा है, कि उसकी सेना ने 6 रॉकेट दागे थे, जिसमें से दो को रूसी सेना ने मार गिराया था, लेकिन बाकी के मिसाइलों ने रूसी सेना की 10 इकाइयों को नष्ट कर दिया। यूक्रेन ने कहा है, कि उसके हमले में मरने वाले रूसी सैनिकों की संख्या सैकड़ों में हो सकती है। हालांकि, रूस ने यूक्रेन के दावे को अतिशयोक्ति बताया है।

रूसी सैनिकों के लिए काला दिन
रूसी सैन्य ब्लॉगर्स ने कहा है, कि लापरवाही की वजह से इतनी संख्या में रूसी सैनिक मारे गये हैं। ब्लॉगर्स के मुताबिक, जिस इमारत में रूसी गोला-बारूद का भंडारण किया गया था, उसी बैरक में रूसी सैनिक भी ठहरे हुए थे और यूक्रेनी रॉकेट हथियारों के भंडार पर ही गिरा था। वहीं, यूक्रेन, जो कभी भी रूसी सैनिकों पर होने वाले हमलों की सार्वजनिक तौर पर जिम्मेदारी नहीं लेता है, उसने सोमवार को हमले की जिम्मेदारी नहीं ली थी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने सोमवार को अपने रात के भाषण में मकीवका स्ट्राइक को संबोधित नहीं किया। लेकिन, यूक्रेन के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने सोमवार को मकीवका हमले को "रूसी जनशक्ति और सैन्य उपकरणों पर हमला" बताया है। हालांकि, इसमें हताहतों का उल्लेख नहीं किया गया, लेकिन कहा गया कि सैन्य उपकरणों के 10 टुकड़े नष्ट हो गए।

रूस का भीषण पलटवार
अपने दर्जनों सैनिकों के मारे जाने के बाद रूस ने भी भीषण पलटवार किया है और यूक्रेन ने सोमवार को कहा है, कि रूस ने दर्जनों ड्रोन हमले उसकी राजधानी कीव और दूसरे शहरों पर किए हैं। यूक्रेन का दावा है, कि उसने रूस के 39 ड्रोन को मार गिराया है, जो ईरान निर्मित है। यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि, उनकी सफलता ने साबित कर दिया है कि हाल के महीनों में मिसाइलों और ड्रोनों को गिराने की रूस की रणनीति यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को खत्म करने में तेजी से नाकाम हो रही थी। आपको बता दें कि, पश्चिमी देशों से मिल रही लगातार सैन्य मदद के चलते कीव ने अपने एयर डिफेंस को मजबूत किया है और अभी उसे अमेरिका से पैट्रियट मिसाइल भी मिलना है। लिहाजा, आने वाले वक्त में रूस के लिए ये युद्ध और भी ज्यादा मुश्किलों से भरा होने वाला है।












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