क्या रूस से अभी भी S-400 डिफेंस सिस्टम खरीदेगा भारत? यूक्रेन ने फिर पुतिन के सबसे बड़े हथियार को किया तबाह
Ukraine Russian air defence system: यूक्रेन ने दावा किया है, कि उसने रूस के कब्जे वाले क्रीमिया में एक अत्याधुनिक रूसी एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया है। यूक्रेनी खुफिया सूत्र ने बीबीसी को बताया है, कि कीव की सुरक्षा सेवा (एसबीयू) और नौसेना ने क्रूज मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करके येवपटोरिया के पास एक रूसी फैसिलिटी पर हमला किया था।
सोशल मीडिया पर वीडियो फुटेज में रूस के कब्जे वाले प्रायद्वीप के पश्चिम में शहर के पास आग और धुआं दिखाई दे रहा है। हालांकि, मॉस्को ने अभी तक यूक्रेन के दावे पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

इसके बजाय, रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा है, कि उसने कई यूक्रेनी हवाई ड्रोनों को मार गिराया है और उसके एक नौसैनिक गश्ती जहाज पर एक अलग हमले को नाकाम कर दिया है।
यूक्रेन ने एस-400 मिसाइल सिस्टम को उड़ाया
इससे पहले गुरुवार को क्रीमिया प्रायद्वीप में कई विस्फोटों की सूचना मिली थी, जिस पर रूस ने 2014 में कब्जा कर लिया था। बीबीसी की एक रिपोर्ट में ख़ुफ़िया सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है, कि यूक्रेनी ऑपरेशन में रडार उपकरण निकालने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, फिर वायु रक्षा मिसाइल लांचरों को मारने के लिए क्रूज़ मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।
सूत्र ने कहा, "रडार स्टेशनों को निष्क्रिय करने के बाद, नौसेना इकाइयों ने दो नेप्च्यून क्रूज मिसाइलों से 1.2 अरब डॉलर मूल्य के S300 और S-400 'ट्रायम्फ' सिस्टम को निशाना बनाया।"
नेप्च्यून मिसाइलों को यूक्रेन की सेना द्वारा नौसैनिक उपयोग के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन इन्हें जमीनी लक्ष्यों के लिए भी मोडिफाइड किया गया है।
हालांकि, क्षतिग्रस्त एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की संख्या के बारे में कोई विवरण नहीं दिया गया है।
स्थानीय निवासियों का हवाला देते हुए, यूक्रेनी मीडिया ने बताया, कि विस्फोट स्थानीय समयानुसार लगभग 05:40 बजे (02:40 GMT) हुए और सैन्य अड्डे के पास धुआं देखा गया।
बीबीसी ने दावा किया है, कि उसकी वेरिफाई टीम ने सोशल मीडिया पर धुआं उठते फुटेज का विश्लेषण किया है और माना है कि यह येवपटोरिया पर हुए हमले का फुटेज है।
दूसरी तरफ, रूस के रक्षा मंत्रालय ने हमले के महत्व को कम करते हुए कहा है, कि उन्होंने क्रीमिया के ऊपर 11 ड्रोन मार गिराए। रूस द्वारा नियुक्त स्थानीय अधिकारियों ने सैन्य सुविधा या वायु रक्षा प्रणालियों में किसी नुकसान की सूचना नहीं दी है।
आपको बता दें, कि S400 एयर डिफेंस सिस्टम 2007 से रूस की सेना की सेवा कर रहा है, और शीत युद्ध-युग में बनाए गये S-300 मिसाइल सिस्टम का एडवांस वेरिएंट है।
इसकी सबसे आधुनिक वेरिएं की मिसाइलें 400 किमी (250 मील) की यात्रा कर सकती हैं और 48 किमी (30 मील) की ऊंचाई पर लक्ष्य को संचालित और हमला कर सकती हैं।
S400 विमान और बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट कर सकता है।
वहीं, इस हमले के बाद ऐसा लग रहा है, कि यूक्रेन क्रीमिया में कब्ज़ा करने वाली सेना के ख़िलाफ़ अपनी कार्रवाई तेज़ कर रहा है। उसने कल रूस के काला सागर बेड़े के मुख्यालय सेवस्तोपोल बंदरगाह पर बड़ा हमला किया था।
यूक्रेनी अधिकारियों का दावा है कि दो रूसी नौसैनिक जहाजों को गंभीर क्षति हुई है।
रूसी अधिकारियों ने कहा कि हमले में 10 मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें कथित तौर पर 24 लोग घायल हो गए। मिसाइलों के उपयोग ने यूक्रेन द्वारा लंबी दूरी के हथियारों के बढ़ते उपयोग को प्रदर्शित किया।

भारत के लिए क्यों है चिंता की बात?
वहीं, एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम का तबाह हो जाना, भारत के लिए अच्छी बात नहीं है, क्योंकि भारत ने रूस से कई एस-400 एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदे हैं।
अमेरिकी डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी ने कहा था, कि रूस ने दिसंबर 2021 से भारत को एस-400 मिसाइलों की डिलीवरी शुरू कर दी और भारत ने इन मिसाइलों को चीन और पाकिस्तान के खतरे से निपटने के लिए तैनात किया हुआ है।
रूस का दावा है, कि ये दुनिया का सबसे बेहतरीन मिसाइल डिफेंस सिस्टम है, और ये दुनिया के किसी भी हथियार को मार गिराने की क्षमता रखता है। लेकिन, अगर यूक्रेन ने वाकई में एस-400 मिसाइल को तबाह कर दिया है, तो रूस के दावे पर सवाल उठते हैं।
एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भारत अपनी हवाई सुरक्षा का कवच मानता है। एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को लेकर रूस का दावा रहा है, कि ये किसी भी न्यूक्लियर हथियार को तबाह कर सकता है।












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