पैर पर पैर चढ़ाकर... पीएम बोरिस जॉनसन को उत्तेजित कर रही थीं विपक्षी सांसद? ब्रिटेन में रिपोर्ट पर बवाल

ब्रिटिश अखबार ने बकायदा इसकी तुलना हॉलीवुड की मशहूर फिल्म बेसिक इंस्टिक्ट से की है, जो सेक्स संबंधों पर आधारित फिल्म है।

लंदन, अप्रैल 27: ब्रिटेन की राजनीति में एक अखबार के दावे के बवाल मच गया है, जिसमें दावा किया गया है, कि ब्रिटिश संसद की प्रमुख विपक्षी पार्टी की डिप्टी लीडर ने प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को उत्तेजित करने की कोशिश की। प्रमुख ब्रिटिश अखबार 'मेल' की इस रिपोर्ट के बाद एक तरफ जहां ब्रिटेन की राजनीति में तूफान खड़ा हो गया है, वहीं अखबार की पत्रकारिता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अखबार का दावा क्या है?

अखबार का दावा क्या है?

ब्रिटेन के फ़्रीव्हीलिंग टैब्लॉइड अख़बारों में से एक 'मेल' ने गुमनाम सोर्स का हवाला देकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसके बाग ब्रिटिश संसद में टैब्लॉइड पत्रकारिता की नैतिकता और लिंगवाद पर बहस छिड़ गई है। ब्रिटेन के कई लोग 'मेल' की पत्रकारिता पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं और अपनी प्रतिष्ठा को बर्बाद करने का तरीका बता रहे हैं। ब्रिटिश अखबार द मेल ने रविवार को एक गुमान सोर्स का हवाला देकर एक रिपोर्ट छापी है, जिसमें अखबार ने दावा किया है, कि ब्रिटेन की प्रमुख विपक्षी लेबर पार्टी की प्रमुख नेताओं मे से एक एंजेला रेनर ने संसद में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को उत्तेजित करने की कोशिश की।

फिल्म ‘बेसिक इंस्टिक्ट’ से तुलना

फिल्म ‘बेसिक इंस्टिक्ट’ से तुलना

ब्रिटिश अखबार ने बकायदा इसकी तुलना हॉलीवुड की मशहूर फिल्म बेसिक इंस्टिक्ट से की है, जो सेक्स संबंधों पर आधारित फिल्म है। ब्रिटिश अखबार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि, जब प्रधानमंत्री भाषण दे रहे थे, उस वक्त लेबर पार्टी की सांसद एंजेला रेनर, जो ब्रिटिश संसद में विपक्षी पार्टयों की तरफ से डिप्टी लीडर भी हैं, वो बार बार अपने पैरों को क्रॉस कर रही थीं और फिर पैरों के ऊपर पैर चढ़ा रही थीं, ताकि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन उत्तेजित हो जाएं और उनका ध्यान बार बार उस तरफ जाए।

आरोपों पर सांसद ने क्या कहा?

वहीं, महिला सांसद और विपक्षी नेता एंजेला रेनर ने कहा है कि, अखबार की रिपोर्ट के बाद वो आकाश से जमीन पर गिरा हुआ महसूस कर रही है। वहीं, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी इस रिपोर्ट को 'सेक्सिस्ट और मिसोगिनिस्ट ट्रिप' बताकर खारिज कर दिया है, जबकि करीब 5500 से ज्यादा लोगों ने अखबार की इस रिपोर्ट के खिलाफ शिकायत की है। वहीं, ब्रिटेन के कई टॉप वकीलों ने भी इस मुद्दे पर अखबार के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।

अखबार के संपादक को बुलाया गया

अखबार के संपादक को बुलाया गया

वहीं, ब्रिटेन की हाउस ऑफ कॉमन्स के स्पीकर लिंडसे हॉयल ने बुधवार को एक बैठक में अखबार के संपादक डेविड डिलन और इसके राजनीतिक संपादक ग्लेन ओवेन को बुलाकर उनसे इस रिपोर्ट के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं, महिलाओं के अधिकारों लेकर काम करने वाले हैरियट हरमन ने इस रिपोर्ट को लेकर कहा है कि, 'हाउस ऑफ कॉमन्स के गलियारों में अच्छी तरह से गलत तरीकों से पीछा किया जाता है'। उन्होंने एलबीसी रेडियो को बताया कि, 'जब महिलाएं प्रगति कर रही होती हैं तो आपको हमेशा प्रतिक्रिया मिलती है और कुछ मर्द ऐसे होते हैं, जो यह सोचते हैं, कि उन्हें उन महिलाओं को फिर से उसी जगह पहुंचाने का अधिकार मिला हुआ है।

लगे हैं कई सनसनीखेज आरोप

आपको बता दें कि, ब्रिटिश संसद में हाउस ऑफ कॉमन्स और हाउस ऑफ लॉर्ड्स को मिलाकर 454 महिलाएं और 963 पुरुष हैं। 2019 में पिछले आम चुनाव से पहले, कई महिला राजनेताओं ने कहा था, कि उत्पीड़न और दुर्व्यवहार ने कई महिला नेताओं को राजनीति से ही बाहर कर दिया है। वहीं, कई अधिकार समूहों को चिंता है, कि संसद में एक अजीब संस्कृति है, जिससे आगे बढ़ने वालों को रोकने की कोशिश की जाती है। वहीं, इंडियन एक्सप्रेस ने रविवार को बार बार ब्रिटिश अखबार 'द मेल' को फोन और ईमेल किया, लेकिन अखबार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।

अखबार के खिलाफ कार्रवाई की मांग

वहीं, लैंगिक समानता और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन करने वाली एक प्रमुख ब्रिटिश चैरिटी फॉसेट सोसाइटी की मुख्य अधिकारी जेमिमा ओलचॉस्की ने एक बयान में कहा कि, 'इस व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। एक राष्ट्र के रूप में हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते और न ही करना चाहिए'। उन्होंने कहा कि, उनके संगठन ने लंबे समय से "संसद की संस्कृति को ठीक करने और इसे अधिक समावेशी और विविध कार्यस्थल बनाने के लिए व्यवस्थित परिवर्तन" के लिए अभियान चलाया है। आपको बता दें कि, ब्रिटिश सांसद एंजेला रेनर एक बेहद सामान्य परिवार से आती हैं और उनका परिवार मजदूर वर्ग से आता है, लेकिन अपनी मेहनत की बदौलत उन्होंने राजनीति में अपना एक अलग मुकाम बनाया है।

सांसद ने बताया, अखबार को क्या कहा

वहीं, मंगलवार को एक टीवी इंटरव्यू के दौरान सांसद रेनर ने बताया कि, जब अखबार ने उनसे इस स्टोरी को लेकर संपर्क किया था, तो उन्होंने इस रिपोर्ट को पूरी तरह से झूठा करार दिया था और उन्होंन अखबार से कहा था, कि वो इस तरह की स्टोरी ना छापें, क्योंकि इससे उनके बच्चों पर काफी गलत प्रभाव पड़ेगा, लेकिन उसके बाद भी अखबार ने उनके खिलाफ स्टोरी छापी। उन्होंने कहा कि, अखबार की रिपोर्ट पूरी तरह से पूर्वाग्रह में डूबा हुआ है। उन्होंने आईटीवी को बताया कि, 'मैं कहाँ से आती हूं और मैं कैसे बड़ी हूं', मेरा ध्यान हमेशा इस तरफ होता है। उन्होंने कहा कि, 'वे मेरी पृष्ठभूमि के बारे में बात करते हैं, क्योंकि मैं उस वक्त मां बन गई थी, जब मेरी उम्र काफी कम थी। इसीलिए वो मुझे कामुक कहते रहते हैं, क्योंकि मैं ऐसी पृष्टभूमि से आई हूं'।

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