UK elections: PM ऋषि सुनक नहीं आ रहे ब्रिटिश जनता को पसंद? चुनाव में कंजर्वेटिव पार्टी बुरी तरह से हारी
UK Special Elections 2023 Results: ब्रिटेन की सत्ताधारी कंजर्वेटिव पार्टी को ब्रिटेन में तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा है। तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में ऋषि सुनक की पार्टी 2 सीटों पर बुरी तरह से हारी है, जबकि एक सीट पर 500 वोटों से भी कम अंतर से जीत हासिल की है।
हालांकि, पार्टी सभी सीटों पर हार का सामना करने से बच गई और उपनगरीय लंदन में पूर्व प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन की सीट पर कब्जा करने में कामयाब रही, लेकिन इस उप-चुनाव ने ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी के लिए खतरे की घंटी बजा दी है और ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनावी हार से सबक लेते हुए, आज अपनी कैबिनेट में कई बड़े फेरबदल कर सकते हैं। मुख्य विपक्षी लेबर पार्टी और छोटे मध्यमार्गी लिबरल डेमोक्रेट्स की चुनावी कामयाबी ने कंजर्वेटिव पार्टी को चुनाव को लेकर सोचने पर मजबूर कर दिया है।

ऋषि सुनक की पार्टी खो चुकी है लोकप्रियता?
चुनावों के नतीजे, अगर अगले साल संभावित आम चुनाव में दोहराए जाते हैं, तो निश्चित रूप से ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी एक बड़े हार की तरफ बढ़ रही है और मुख्य विपक्षी लेबर पार्टी के सत्ता में आने की संभावना काफी बढ़ गई है।
चुनाव परिणामों को देखने के बाद संभावना जताई जाने लगी है, कि लेबर पार्टी आम चुनाव में देश की सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आ सकती है।
हालांकि, ऋषि सुनक की पार्टी ने पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की सीट लंदन उपनगर को जीत लिया है, लेकिन ये जीत सिर्फ 495 वोटों की है, जिससे पता चलता है, कि कंजर्वेटिव पार्टी अंदरूनी गुटबाजी और लड़ाई-झगड़ों की वजह से अगले चुनाव में मुंह की खा सकती है।
लेबर पार्टी ने उत्तरी इंग्लैंड के 'सेल्बी एंड आइंस्टी' लोकसभा सीट पर जीत हासिल की है।
लेबर पार्टी के अध्यक्ष कीर स्टार्मर ने कहा, कि "यह एक ऐतिहासिक परिणाम है, जो दिखाता है कि लोग लेबर पार्टी की तरफ देख रहे हैं, जिसकी कार्ययोजना पूरी तरह से एक महत्वाकांक्षी, व्यावहारिक योजना के साथ कामकाजी लोगों की प्राथमिकताओं पर केंद्रित है।"
वहीं, लिबरल डेमोक्रेट्स पार्टी ने दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड में 'सोमरटन एंड फ्रोम' पर जीत हासिल की है।
चुनावी नतीजों से पता चलता है, कि दोनों पार्टियों के उन मतदाताओं को जनता ने अपना मत दिया है, जो कंजर्वेटिव पार्टी के उम्मीदवार को हराने की क्षमता रखते थे और एक्सपर्ट्स का कहना है, कि ये हार कंजर्वेटिव पार्टी के नेताओं के लिए परेशान करने वाली है और उन्हें वक्त रहते संभल जाना होगा।
हालांकि, इस हार से संसद में ऋषि सुनक की सरकार पर कोई असर नहीं होगा, क्योंकि हाउस ऑफ कॉमन्स में कंजर्वेटिव पार्टी के पास अभी भी विशालकाय बहुमत है। लेकिन, अलग अलग जनमस संग्रहों में कंजर्वेटिव पार्टी के मुकाबले, लेबर पार्टी को 2 अंकों की बढ़त मिलने की बात कही गई है, जो कंजर्वेटिव पार्टी के लिए खतरे की घंटी है।

चुनाव के नतीजे इस बात का सबूत देते हैं, कि ब्रिटेन में जीवन जीने के लिए लोगों को आर्थिक मोर्चों पर जो संघर्ष करना पड़ रहा है और लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ही खुद शराब पार्टी कर, जिस तरह से नियमों का उल्लंघन किया, उससे जनता में भारी नाराजगी है और इसका नतीजा ये हो रहा है, कि कंजर्वेटिव पार्टी के नेता, मतदाताओं के बीच अपनी जमीन खो रहे हैं।
वहीं, अब ऐसी अटकलें हैं, कि प्रधानमंत्री ऋषि सुनक आज अपनी कैबिनेट में फेरबदल कर अपनी ही सरकार को हिला सकते हैं और जनता के बीच फिर से अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर सकते हैं।












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