पेरिस आतंकी हमलों के बाद से ही लंदन पर मंडरा रहा था आतंकी हमले का खतरा

वर्ष 2014 से ही यूके हाई अलर्ट पर है और वर्ष 2015 में पेरिस में हुए आतंकी हमले के बाद से ही लंदन पर किसी बड़े हमले का साया था। बुधवार को हुए आतंकी हमले से इंटेलीजेंस एजेंसियां हैरान।

लंदन। बुधवार को लंदन की संसद पर जो हमला हुआ है उसने एक बार फिर से साबित कर दी है कि आईएसआईएस किस कदर यूरोप में अपनी जडें जमा चुका है। इस हमले में जहां पांच लोगों की मौत हो गई तो वहीं 20 लोग घायल हो गए। पुलिस इस हमले की जांच को अब तक की बड़ी आतंकी वारदात के तहत कर रही है। लंदन वर्ष 2015 से ही खुद पर एक बड़े आतंकी हमले की उम्‍मीद कर रहा था लेकिन बुधवार का हमला एजेंसियों को चौंका गया है।

पेरिस आतंकी हमलों के बाद से ही लंदन पर मंडरा रहा था आतंकी हमले का खतरा

कैसे हुआ लंदन में आतंकी हमला

कहा जा रहा है कि तेज रफ्तार से आतकी कार वेस्‍टमिंस्‍टर ब्रिज पर चल रहे लोगों पर चढ़ा दी गई थी। यह ब्रिज वेस्‍टमिंस्‍टर पैलेस के बिल्‍कुल सामने है जिसे दुनिया में ब्रिटिश संसद के तौर पर जानते हैं। इस घटना में दो लोगों की मौत हुई। इसके बाद ड्राइवर, पार्लियामेंट कॉम्‍प्‍लेक्‍स के कुछ मीटर तक दौड़ता रहा और इसने एक पुलिस ऑफिसर पर चाकू से हमला किया। साथ ही एक और पुलिस ऑफिसर पर गोली चलाई। जिस पुलिस ऑफिसर पर चाकू से हमला किया गया उसकी मौत हुई और साथ ही हमलावर भी मारा गया। इसके बाद संसद को बंद कर दिया गया और प्रधानमंत्री थेरेसा मे को तुरंत संसद से निकाला गया। वेस्‍टमिंस्‍टर के आसपास व्‍हाइट हॉल में स्थित सभी सरकारी ऑफिसों को बंद कर दिया गया। पूरे लंदन में इस आतंकी हमले को लेकर भय और दहशत का माहौल है।

वर्ष 2005 के बाद बड़ा आतंकी हमला

ब्रिटेन की इंटेलीजेंस एजेंसी एमआई5 के मुखिया एंड्रयू पार्कर समेत कई सुरक्षा अधिकारियों की ओर से इस तरह के हमले की चेतावनियां दी जा चुकी थीं। लंदन पुलिस के पूर्व कमिश्‍नर बर्नार्ड होगान होउ ने वर्ष 2016 में चेतावनी दी थी कि जिस समय आप हमले की उम्‍मीद नहीं करेंगे उसी पल कोई हमला हो सकता है। उन्‍होंने बताया था कि किसी साधारण गाड़ी को हथियार के तौर पर प्रयोग कर नागरिकों को निशाना बनाया जा सकता है। जुलाई 2016 में नीस आतंकी हमला, इसके बाद दिसंबर में बर्लिन में हुआ आतंकी हमला, दोनों ही हमलों में ट्रक को भीड़ पर चढ़ा दिया गया था। इन हमलों के बाद भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्‍थानों पर सुरक्षा चिंता का विषय बन गया है। लंदन में जो हमला हुआ उसमें कार का प्रयोग किया गया था। लंदन की पुलिस वर्ष 2015 से ही इस तरह के हमले की तैयारी कर रही थी जब पेरिस में आतंकी हमलों को अंजाम दिया गया था। लंदन ने आखिरी बार वर्ष 2005 में बड़े आतंकी हमलों को झेला था लेकिन इसके बाद से कई छोटे-छोटे आतंकी हमले हुए और कई आतंकी हमलों की साजिशों को नाकाम किया गया। वर्ष 2014 से ही यूके अलर्ट पर है और यह अलर्ट हाई लेवल का अलर्ट है।

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