UAE ने ऐतिहासिक स्पेश मिशन का किया ऐलान, शुक्र पर पहुंचने की है तैयारी, 2033 तक का मास्टर प्लान तैयार
यूनाइटेड अरब अमीरात ने मिशन वीनस का ऐलान किया है. यह मिशन अगल 12 सालों का जिसके तहत 2028 तक पहले स्पेसक्रॉफ्ट तैयार होगा और फिर लॉन्चिंग होगी. उसके बाद 2030 तक यह स्पेसक्राफ्ट asteroid belt पहुंच जाएगा.
अबू धाबी, अक्टूबर 15: यूनाइटेड अरब अमीरात यानी UAE अपने लिए अंतरिक्ष की दुनिया में पहचान बनाने में जोर-शोर से जुटा हुआ है। पिछले सप्ताह UAE ने कहा था कि वह वीनस यानी शुक्र ग्रह के बारे में जानकारी हासिल करेगा, साथ ही asteroid यानी छोटा तारा पर भी लैंड करने की कोशिश करेगा। वह इस मिशन को इस दशक के अंत तक पूरा करना चाहता है।

यूएई का मिशन शुक्र
माना जा रहा है कि शुक्र ग्रह पर पहुंचने के लिए जो एयरक्रॉफ्ट तैयार किया जा रहा है उसे बनाने में करीब सात साल लग जाएंगे। ऐसे में लॉन्चिंग की तैयारी 2028 में है। अपनी यात्रा के दौरान यह गुरुत्वाकर्षण का इस्तेमाल करते हुए शुक्र और पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाएगा। इस तरह वह 2030 तक asteroid belt तक पहुंच जाएगा। अगर सबकुछ ठीक ठाक रहा तो 2033 में UAE का स्पेसक्राफ्ट धरती से 560 मिलियन किलोमीटर दूर एस्टेरॉयड बेल्ट पर लैंड करेगा।

इन्वेस्टर्स को मदद
UAE के मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और प्रेसिडेंट ऑफ द UAE स्पेस एजेंसी सराह बिंत अल अमीरी ने कहा कि इस मिशन की मदद से लोकल और रिजनल इन्वेस्टर्स को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के टैलेंटेड लोगों को भी यह आकर्षित करेगा। दरअसल स्पेस साइंस में यूनाइटेड अरब अमीरात "Projects of the 50" का लक्ष्य लेकर चल रहा है। यह देश का नया डेवलपमेंट एजेंडा है और इसी के तहत 5 अक्टूबर को इस मिशन को शुरू किया गया था।

बहरीन के किंग कर रहे सपोर्ट
इस मौके पर अल अमीरी ने कहा कि स्पेश की दुनिया में हमें लगातार विकास की आवश्यकता है। स्पेस टेक्नोलॉजी आज की जरूरत है और इससे आने वाले दिनों में शहरों और गांवों में जिंदगी में काफी बदलाव होगा। उन्होंने बहरीन के राजा की तारीफ में कहा कि आप यंग और टैलेंटेड युवाओं को प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसके अलावा आप उन्हें अरब ग्रुप फॉर स्पेस को-ऑपरेशन के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

2009 में पहला सैटेलाइट लॉन्च
UAE ने हमेशा जो काम किया वह ग्रांड किया है। यूनाइटेड अरब अमीरात ने सबसे पहले 2009 और 2013 में साउथ कोरिया के साथ मिलकर पहली बार सैटेलाइट को लॉन्च किया था। उसके बाद 2014 में इसने अपना स्पेस एजेंसी खोल लिया। शुक्र पर जाने की तैयारी को लेकर यूएई पहला देश नहीं है। इससे पहले भी कई देश ऐसा कर चुके हैं। इस प्रोजेक्ट को लेकर वहां के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन राशिद ने कहा कि अंतरिक्ष की दुनिया में हर सफल कदम युवाओं के लिए संभावनाओं का नया द्वार खोलेगा।












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