'हड्डियों वाली सड़क' पर माइनस 50 डिग्री में हफ्तेभर फंसे रहे दो युवक, फिर हुई रहस्यमयी घटना से डॉक्टर भी हैरान
नई दिल्ली: रूस के कई इलाके भीषण ठंड और बर्फबारी के लिए जाने जाते हैं। इसी में से एक इलाका है याकुतिया (Yakutia), जहां पर दो युवक गलती से फंस गए और हफ्तेभर वो अपनी कार में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ते रहे। काफी खोजबीन के बाद बचाव दल उनके पास पहुंचा तो, लेकिन तब तक एक की मौत हो चुकी थी, जबकि अविश्वसनीय रूप से उसका साथी बच गया।

'रोड ऑफ बोन्स' पर भटके
रूसी मीडिया के मुताबिक याकुतिया इलाका भीषण ठंड के लिए जाना जाता है, यहां पर रात का तापमान -50 डिग्री सेल्सियस तक चल जाता है। 28 नवंबर को दो युवक याकुत्स्क ( Yakutsk) से मगादान (Magadan) के लिए कार से निकले थे। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। इन दोनों शहरों के बीच कोलीमा नाम की सड़क है, जिसे रोड ऑफ बोन्स यानी हड्डियों की सड़क कहा जाता है। इस सड़क को बनाने में गुलाम कैदियों की मदद ली गई थी, जिसमें कई मजदूर मर भी गए थे। इसी वजह से उसका नाम रोड ऑफ बोन्स पड़ा। इसी सड़क के पास दोनों युवक रास्त भटके।

गाड़ी का रेडिएटर टूटा
बचाव दल के मुताबिक दोनों की उम्र 18 साल के करीब थी। वो टोयोटा चेजर से निकले थे। इसके बाद उस रास्ते से भटक गए और उनकी गाड़ी का रेडिएटर टूट गया। करीब एक हफ्ते दोनों युवक उसी गाड़ी में फंसे रहे। साथ ही माइनस 50 डिग्री तक के तापमान को उन्होंने झेला। 5 दिसंबर को बचाव दल उनके पास पहुंच तब तक एक युवक की मौत हो चुकी थी, जबकि दूसरा चमत्कारी रूप से बच गया। बचाव दल को अभी तक ये नहीं पता चला कि वो रास्ते से कैसे और कब भटके थे।

Oymyakon सबसे ठंडी जगहों में से एक
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक जिंदा बचे युवक को ओयमकॉन (Oymyakon) जिले के अस्पताल ले जाया गया। वो जिंदा तो बच गया लेकिन ठंड की वजह से उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। Oymyakon पृथ्वी पर सबसे ठंडा रहने वाली जगहों में से एक है, जहां का पारा अक्सर माइनस 60 डिग्री सेल्सियस तक चल जाता है। ऐसे में युवक के हफ्तेभर जिंदा बचने की घटना से डॉक्टर भी हैरान हैं। अब उसके होश में आने के बाद ही इस घटना की सटीक जानकारी मिल पाएगी।












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