ट्विटर ने 1.7 लाख ट्विटर अकाउंट को किया बंद, ये है बड़ी वजह
नई दिल्ली। सोशल मीडिया साइट ट्विटर ने 170000 ट्विटर यूजर्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी ने इन सभी लोगों के अकाउंट को सस्पेंड कर दिया है, आरोप है कि ये लोग चीनी सरकार के अनुकूल भूराजनीतिक मत का प्रसार कर रहे थे। सीएनएन के एक्सपर्ट जोकि ट्विटर के साथ जुड़े हैं उनका कहना है कि ये सभी अकाउंट हॉन्गकॉन्ग में हो रहे प्रदर्शन को लेककर अलग भ्रामक जानकारी लोगों के साथ साझा कर रहे थे। यही नहीं ये लोग कोरोना और अन्य मसलों पर भ्रामक तथ्य लोगों के बीच प्रसारित कर रहे थे, जिसके चलते इन लोगों के अकाउंट को सस्पेंड कर दिया गया है।

ट्विटर का कहना है कि ये लोग भूप्रसार को समर्थन करने वाले रवैये का प्रसार कर रहे थे जोकि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का समर्थन करती है। इन लोगों के अकाउंट को ट्विटर के नियमों का उल्लंघन करने की वजह से सस्पेंड कर दिया गया है। चीन में ट्विटर आधिकारिक रूप से प्रतिबंधित है, लेकिन बावजूद इसके कई लोग वीपीएन के जरिए इसका इस्तेमाल करते हैं। ट्विटर का कहना है कि ये सभी अकाउंट मुख्य रूप से चीनी भाषा में ट्वीट करते थे। स्टैनफोर्ड इंटरनेट ऑब्सर्वेटरी की रिसर्च मैनेजर रीनी डिरेस्टा ने बताया कि इसमे से कई अकाउंट जनवरी माह में बनाए गए हैं और इसके जरिए कोरोना को लेकर ट्वीट किए जाते थे।
ट्विटर की ओर से कहा गया है कि उसने 23750 अकाउंट की पहचान की है जोकि कोर नेटवर्क में काफी ज्यादा सक्रिय हैं और चीन को समर्थन करने वाले रुख को आगे बढ़ा रहे थे, जिसकी संख्या आगे बढ़कर 150000 तक पहुंच गई। ये लोग इन तमाम ट्वीट को रीट्वीट करके इसे आगे बढ़ाते थे। 23750 ट्वीट ने कुल मिलाकर 348607 बार ट्वीट किए हैं। बता दें कि वर्ष 2010 के अगस्ता माह में भी 1000 ट्विटर अकाउंट चीन के रुख को आगे बढ़ाने का काम कर रहे थे। कंपनी का कहना है कि उसने रूस और टर्की से जुड़े अकाउंट को भी बंद करेगी जोक इससे जुड़े हैं। ट्विटर ने यह भी पाया है कि 1000 से अधिक ट्विटर अकाउंट युनाइटेड रसिया पार्टी से जुड़े हैं। टर्की में 7340 ट्विटर अकाउंट ने टर्की के राष्ट्रपति के समर्थन में ट्वीट किए थे।












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