तालिबान की धमकी से तुर्की हुआ बेहाल, राष्ट्रपति एर्दोगान ने फौरन मांगी अमेरिका से मदद

तालिबान की धमकी से डरकर तुर्की के राष्ट्रपति ने अफगानिस्तान में अमेरिका से मदद मांगी है।

काबुल/अंकारा, जुलाई 20: मुस्लिम देशों के नये खलीफा बनने की चाहत रखने वाले तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन की नींद को तालिबान ने अपनी एक धमकी से उड़ा दी है। जिसके बाद तुर्की ने फौरन अमेरिका से मदद की मांग की है। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पहुंचकर राष्ट्रपति भवन तक रॉकेट फोड़ देने वाले तालिबान की हिमाकत से तुर्की बुरी तरह से डर गया है और काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए फौरन अमेरिका का साथ मांगा है।

तालिबान से डरा तुर्की

तालिबान से डरा तुर्की

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए अमेरिका से फौरन मदद मांगी है। अफगानिस्तानी अखबार टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने अमेरिका से आर्थिक, लॉजिस्टिक और राजनीतिक समर्थन मांगा है। रिपोर्ट के मुताबिक काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा कर तुर्की एक तीर से कई निशाने लगाना चाहता है, जिससे तालिबान भड़क गया है और उसने तुर्की को फौरन एयरपोर्ट खाली करने की धमकी दे दी है।

तालिबान की धमकी

तालिबान की धमकी

तुर्की को धमकी देते हुए तालिबान ने कहा है कि अगर तुर्की जल्द से जल्द अफगानिस्तान की धरती से नहीं जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तालिबान की इस धमकी के बाद तुर्की काफी डर गया है और उसने अमेरिका से मदद मांगी है। जबकि पिछले महीने खुद तुर्की ने आगे बढ़कर काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था संभालने की मांग की थी। इसके लिए तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने बकायदा अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात भी की थी। तुर्की ने पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात के दौरान कहा था कि वो वो अकेले ही काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए सक्षम है और इसके लिए अमेरिका और राष्ट्रपति जो बाइडेन को चिंता करने की जरूरत नहीं है।

अब अमेरिका से मांगी मदद

अब अमेरिका से मांगी मदद

दरअसल, तुर्की ने फैसला किया था कि जैसे ही नाटो की सेना अफगानिस्तान से निकलेगी, ठीक वैसे ही तुर्की और ज्यादा सेना को काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए तैनात कर देगा, लेकिन तुर्की का ये दांव उल्टा पड़ गया और तालिबान काफी ज्यादा भड़क गया है। उत्तरी साइप्रस में एक कार्यक्रम के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने कहा कि ''सबसे पहले, संयुक्त राज्य अमेरिका को कूटनीति और राजनयिक संबंधों के मामले में हमारा पक्ष लेना होगा और दूसरी बात ये कि तुर्की की सैनिकों को लॉजिस्टिक मदद भी उपलब्ध करवानी पड़ेगी। अमेरिकी सैनिकों को अपनी पूरी लॉजिस्टिक सपोर्ट को हमें सौंपना होगा।'' तुर्की के राष्ट्रपति ने आगे कहा कि ''इस पूरी प्रक्रिया के दौरान वित्तीय और प्रशासनिक संकट भी उत्पन्न होंगे, लिहाजा आर्थिक तौर पर भी अमेरिका को तुर्की की मदद करनी होगी''

तुर्की ने दी थी तालिबान को धमकी

तुर्की ने दी थी तालिबान को धमकी

आपको बता दें कि दो दिन पहले ही तुर्की ने तालिबान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि अफगानिस्तान के लोगों की जमीन पर वो कब्जा करना फौरन बंद करे, लेकिन तालिबान के तेवर देखकर अर्दोआन बैकफुट पर आ गये हैं। अब एर्दोआन ने तालिबान से अपील करते हुए कहा है कि 'दुनिया को चाहिए कि अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया को लागू करने के लिए आगे आएं'। जिसके बाद तालिबान ने तुर्की को काबुल एयरपोर्ट नहीं खाली करने पर भयानक नतीजे देखने की धमकी दी थी।

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