गांव छोड़ शहर जा बसे किसान तो फसल की उपज घटी, अब तुर्की ने अपनाया ये अनोखा तरीका
खाद्य सुरक्षा पर बढ़ती चिंताओं के बीच तुर्की ने कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अलग योजना पर काम करना शुरू कर दिया है। अब यह देश दूसरे देशों में फसल उत्पादन की योजना बना रहा है।
अंकारा, 05 जुलाईः खाद्य सुरक्षा पर बढ़ती चिंताओं के बीच तुर्की ने कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अलग योजना पर काम करना शुरू कर दिया है। अब यह देश दूसरे देशों में फसल उत्पादन की योजना बना रहा है। तुर्की ने अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कई देशों में कृषि भूमि को पट्टे पर लेने की योजना बनाई है। इसके लिए तुर्की के अधिकारी वेनेजुएला और सूडान के अलावा 10 देशों में कृषि के अवसर तलाश रहे हैं।

विदेशों में पट्टे पर जमीन लेगा तुर्की
खाद्यान्नों की बढ़ती कीमतें और गेहूं की वैश्विक किल्लत का तुर्की पर काफी असर पड़ा है। इसके लिए तुर्की देश के अलावा विदेशों में कृषि योजना पर काम कर रहा है। हुर्रियत डेली न्यूज के मुताबिक तुर्की के कृषि और वन्य मंत्री वाहित किरिस्की ने हाल ही में सांसदों के साथ कृषि की इस योजना पर चर्चा की। किरिस्की ने सांसदों से कहा कि स्थानीय उत्पादन से घरेलू खपत पूरा होता है लेकिन फिर भी अधिक उत्पादन कर विदेशी निर्यात बढ़ाना जरूरी है। इसके लिए विदेशों में कृषि भूमि को पट्टे पर लेना होगा।

गांव छोड़ शहरों में बसे किसान
वाहित किरिस्की ने कहा,'दक्षिण अफ्रीका में काफी अधिक कृषि भूमि है और हम वहां आसानी से खेती कर सकते हैं। अपने उत्पाद विकसित कर सकते हैं। हम कुछ लैटिन अफ्रीकी देशों पर भी विचार कर रहे हैं।' मंत्री ने विदेशों में खेती की एक और वजह बताते हुए कहा कि तुर्की के किसान खेती छोड़कर अब बड़े शहरों में बस रहे हैं। इस कारण हमारे ग्रामीण इलाकों की खेती में कमी आई है। इस कमी को पूरा करने के लिए अब तुर्की विदेशों में खेती करने पर गंभीरता से काम कर रहा है।

सूडान में बुरी तरह फेल हुआ तुर्की
हालांकि ये पहली बार नहीं है जब फसल उत्पादन के लिए तुर्की विदेशों में खेती का यह उपाय अपना रहा है। तुर्की ने इससे पहले सूडान में 850,000 हेक्टेयर खेती की जमीन लीज पर ली थी, लेकिन इससे तुर्की को कोई फायदा हासिल नहीं हुआ। इस बार अधिकारी उन उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करेंगे जो जलवायु परिस्थितियों के कारण तुर्की में नहीं उपजायी जा सकती हैं या जिनका उत्पादन कम होता है।

10 देशों में खेती की है योजना
इसके लिए कृषि अधिकारी अफ्रीकी और लैटिन अमेरिकी देशों के साथ-साथ यूक्रेन सहित कुल 10 देशों में भूमि पट्टे पर लेने के लिए बातचीत कर रहे हैं। विदेशों में खेती की ये परियोजना मक्का, सूरजमुखी, कपास और गन्ने के उत्पादन को प्राथमिकता देगी। इस योजना के तहत अनानास, आम और कैनोला का उत्पादन घरेलू खपत और निर्यात दोनों उद्देश्यों के लिए भी किया जाएगा।

वेनेजुएला ने रखी ये शर्त
विचाराधीन योजनाओं के अनुसार, तुर्की की निजी कंपनियां विदेशों में खेती के लिए लीज पर ली गई जमीन का इस्तेमाल करेंगी। वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो की हालिया तुर्की यात्रा के दौरान इस विषय पर गंभीरता से चर्चा हुई थी। उस दौरान यह मुद्दा एजेंडा का मुख्य हिस्सा था। मादुरो ने कहा है कि तुर्की वेनेजुएला में गेहूं की फसल के लिए चार लाख हेक्टेयर जमीन लीज पर ले सकता है। उन्होंने तुर्की के समक्ष ये पेशकश की है कि उत्पादन का 70 प्रतिशत तुर्की को और 30 प्रतिशत वेनेजुएला को जाएगा। तुर्की ने इस पर इस विभाजन पर सहमति जताई है।












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