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    तुलसी गबार्ड-क्‍या 2020 में अमेरिका को मिलेगा पहला हिंदु राष्‍ट्रपति?

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    वॉशिंगटन। अमेरिकी कांग्रेस की पहली हिंदू सदस्‍य तुलसी गबार्ड ने ऐलान कर दिया है कि साल 2020 में होने वाले राष्‍ट्रपति चुनावों के लिए वह मैदान में उतरेंगी। तुलसी ने 12 जनवरी को सीएनएन के द वैन जोंस शो पर इस बात का ऐलान किया है कि वह चुनावों राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को चुनौती देंगी। तुलसी पहली हिंदु हैं जो अमेरिकी चुनावों में अपनी किस्‍मत आजमाने जा रही हैं। गबार्ड हवाई से अमेरिकी कांग्रेस की सदस्‍य हैं। वह पहली बार साल 2012 में कांग्रेस के लिए चुनी गई थीं । वर्तमान में गबार्ड सीनेट की ताकतवर विदेशी मामलों की समिति की सदस्‍या भी हैं। साल 2013 में तुलसी डेमोक्रेटिक पार्टी की नेशनल कमेटी की वाइस-चेयरमैन थीं लेकिन साल 2015 में उन्‍होंने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया। गबार्ड इस समय कांग्रेस के इंडिया काकस की को-चेयरपर्सन हैं।

    हिंदु धर्म में तुलसी की आस्‍था

    हिंदु धर्म में तुलसी की आस्‍था

    तुलसी गबार्ड के पिता माइक एक सामोअन हैं और उनकी मां का नाम कैरोल है। गबार्ड की उम्र दो वर्ष की थी जब साल 1983 में वह हवाई आ गई थीं। साल 2002 में तुलसी हवाई की प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी गईं। साल 2003 में तुलसी नेशनल गार्ड में शामिल हुईं और फिर एक मेडिकल ऑपरेशन स्‍पेशलिस्‍ट के तौर पर इराक पहुंचीं। गबार्ड हिंदु धर्म को मानती हैं और वह अपनी आस्‍था को लेकर काफी खुले विचार रखती हैं। पूरी तरह से शाकाहारी गबार्ड ने अमेरिकी कांग्रेस का सदस्‍य बनने पर हाथ में भगवद् गीता लेकर शपथ ली थी। हर वर्ष दिवाली पर गबार्ड के वीडियो रिलीज होते हैं। इन वीडियोज को काफी लोग देखते हैं और पसंद करते हैं।

    दिवाली को दिलाई पहचान

    दिवाली को दिलाई पहचान

    अमेरिकी पोस्‍टल सर्विस की ओर से जब दिवाली को 'फेस्टिवल ऑफ लाइट्स' के तौर पर मान्‍यता दी गई तो इसके पीछे गबार्ड की कोशिशों का बसे बड़ा रोल था। गबार्ड का राष्‍ट्रपति चुनावों में किस्‍मत आजमाने का ऐलान करना, अमेरिकी भारतीयों के लिहाज से काफी महत्‍वपूर्ण है। गबार्ड चुनाव में किस्‍मत आजमाने वाली पहली हिंदु तो हैं लेकिन उनका जन्‍म किसी हिंदु परिवार में नहीं हुआ था। गबार्ड एसी भक्तिवेदांता स्‍वामी प्रभुपदा की अनुयायी हैं और उनके हरे कृष्‍णा मूवमेंट से जुड़ी हुई हैं। गबार्ड को अमेरिकी राजनीति में एक योद्धा के तौर पर माना जाता है। राजनीति में गबार्ड के शुरुआती वर्ष और उनके सार्वजनिक जीवन को कुछ लोग रुढ़‍िवादी मानते हैं। गबार्ड गर्भपात की विरोधी हैं और साथ ही साथ सेम-सेक्‍स मैरिज का विरोध भी करती आई हैं।हालांकि इन दोनों संवेदनशील मुद्दों पर उनके रुख में परिवर्तन भी आया है।

    लेकिन आ सकती है अड़चनें

    लेकिन आ सकती है अड़चनें

    हालांकि हिंदु धर्म का सार्वजनिक तौर पर हिंदु धर्म का समर्थन करना, राष्‍ट्रपति चुनाव के दौरान अड़चनें पैदा कर सकता है। अमेरिका में हिंदुओं की आबादी काफी कम है लेकिन वे काफी सफल हैं और उन्‍हें एक सफल धार्मिक संगठन के तौर पर देखा जाता है। अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के तौर पर हिंदुओं को रंगभेद का भी समाना करना पड़ता है। हिंदु अमेरिका में उनके समुदाय पर हो रहे अत्‍याचार को सामने लाने में सफल नहीं रहे हैं। साल 2014 में गबार्ड भारत आई थीं और यहां पर उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। तुलसी ने पीएम मोदी को अपनी भगवद् गीता गिफ्ट की थी। यह वही गीता था जिसे लेकर वह इराक गई थीं और जिस पर हाथ रखकर उन्‍होंने अमेरिकी कांग्रेस का सदस्‍य बनने पर शपथ ली थी।

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    English summary
    Tulsi Gabbard first Hindu in US congress to run for Presidency in year 2020 what it means for Hindus around the world.
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