US-भारत तनाव के बीच पुतिन से मिले अजित डोभाल, ट्रंप को लगी मिर्ची! कहा-नहीं होगी व्यापार पर बात
Trump vs Modi: भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंध एक बार फिर तनाव में हैं। इस बार वजह बना है अमेरिका का बड़ा फैसला, जिसमें उसने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगा दिए हैं। इनमें से आधे टैरिफ रूस से तेल खरीदने की सज़ा के तौर पर लगाए गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो टूक कहा है कि जब तक यह मसला हल नहीं होगा, तब तक व्यापार वार्ता की कोई गुंजाइश नहीं है।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अमेरिका को सीधा संदेश दिया है कि भारत अपने किसानों, मछुआरों और डेयरी क्षेत्र के हितों से पीछे नहीं हटेगा, चाहे इसकी कितनी भी बड़ी कीमत क्यों न चुकानी पड़े। यह विवाद सिर्फ आर्थिक नीतियों की टकराहट नहीं, बल्कि दो देशों की प्राथमिकताओं और सिद्धांतों की भी लड़ाई बन गया है।

डोभाल-पुतिन की मुलाकात बनी चर्चा का विषय
इसी बीच भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल गुरुवार, 7 अगस्त को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिले। यह मुलाकात रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है। इस मुलाकात ने अमेरिका की चिंता और बढ़ा दी है, जो पहले से भारत-रूस की बढ़ती दोस्ती को लेकर असहज है।
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#WATCH | Responding to ANI's question, 'Just to follow up India's tariff, do you expect increased trade negotiations since you have announced the 50% tariffs?', US President Donald Trump says, "No, not until we get it resolved."
(Source: US Network Pool via Reuters) pic.twitter.com/qpBevmxWDA
— ANI (@ANI) August 8, 2025
पुतिन ने गर्मजोशी से किया डोभाल का स्वागत
डोभाल जैसे ही क्रेमलिन पहुंचे, पुतिन उन्हें देखकर तुरंत आगे बढ़े और मुस्कुराते हुए गर्मजोशी से हाथ मिलाया। पुतिन के चेहरे की मुस्कान और व्यवहार से साफ था कि वे इस मुलाकात को लेकर बेहद खुश थे। यह संकेत था कि रूस भारत के साथ अपने संबंधों को और मज़बूत करना चाहता है।
क्रेमलिन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार #AjitDoval से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मुलाकात की.@MEAIndia pic.twitter.com/7A9DWbJRrU
— SansadTV (@sansad_tv) August 7, 2025
अमेरिका को भारत-रूस की दोस्ती से आपत्ति
अमेरिका को लंबे समय से भारत और रूस की नजदीकियों पर ऐतराज रहा है। रूस से भारत द्वारा तेल खरीदने को अमेरिका ठीक नहीं मानता। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि इससे रूस को आर्थिक लाभ मिलता है, जिससे वह यूक्रेन के खिलाफ अपने युद्ध को जारी रख पा रहा है।
ट्रंप का आरोप- भारत रूस को आर्थिक मदद दे रहा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर आरोप लगाया है कि वह रूस से सस्ते दाम पर तेल खरीदकर उसे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में मुनाफे में बेच रहा है। इससे रूस की कमाई बढ़ रही है और यही पैसा वह यूक्रेन युद्ध में खर्च कर रहा है। अमेरिका का यह भी कहना है कि इस तरह भारत रूस की आक्रमणकारी गतिविधियों को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन दे रहा है।
अमेरिका के लिए सिरदर्द बन सकती है यह मुलाकात
डोभाल और पुतिन की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका ने भारत पर कड़ा रुख अपनाया है। इस मुलाकात को अमेरिका अपनी रणनीतिक नीति के खिलाफ एक चुनौती के रूप में देख सकता है। भारत की तरफ से यह स्पष्ट संकेत है कि वह अपने रणनीतिक हितों के लिए स्वतंत्र फैसले लेगा, भले ही अमेरिका को इससे आपत्ति क्यों न हो।
भारत पर 50% टैरिफ लागू
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक भारत के साथ टैरिफ का मुद्दा हल नहीं होता, तब तक किसी भी तरह की व्यापार वार्ता की संभावना नहीं है। अमेरिका ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगा दिया है, जिसमें से आधे टैरिफ गुरुवार, 7 अगस्त से लागू हो गए हैं। बाकी के टैरिफ 27 अगस्त से लागू होंगे, जो रूस से तेल खरीदने के चलते लगाए गए हैं। जब एक पत्रकार ने पूछा कि क्या भारत पर 50% टैरिफ लगाने के बाद व्यापार वार्ता बढ़ेगी, तो ट्रंप ने कंधे उचकाते हुए जवाब दिया, "नहीं, जब तक हम इसे हल नहीं कर लेते।"
रूस से व्यापार पर अमेरिका को आपत्ति
व्हाइट हाउस की ओर से बुधवार को एक नया आदेश जारी किया गया, जिसमें रूस के साथ व्यापार करने को लेकर भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया गया। अमेरिका का कहना है कि इससे रूस की आक्रामक गतिविधियों को समर्थन मिलता है। व्हाइट हाउस ने कहा, "भारत जब इस तेल को खुले बाजार में बेचता है और इससे मुनाफा कमाता है, तो वह रूसी अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है, जिससे रूस की जंग जारी रखने की ताकत बढ़ती है।"
ट्रंप का सख्त संदेश
ट्रंप सरकार ने यह भी कहा कि इन टैरिफ का उद्देश्य यह है कि अन्य देश रूस की अर्थव्यवस्था को तेल के जरिए समर्थन न दें। इसके जरिए रूस पर आर्थिक दबाव बनाया जा रहा है ताकि उसकी आक्रामक नीतियों को रोका जा सके।
PM मोदी का जवाब- किसानों के लिए सब कुछ कुर्बान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के इस फैसले के बाद गुरुवार को बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत अपने किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के हितों से किसी भी हालत में समझौता नहीं करेगा, चाहे इसके लिए कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े।
PM मोदी ने कहा, "हमारे लिए किसानों का हित सबसे बड़ा है। भारत अपने किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है, भले ही इसके लिए भारी कीमत क्यों न देनी पड़े। मैं इसके लिए तैयार हूं, देश तैयार है।"
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