डोनाल्ड ट्रंप न्यूयॉर्क की अदालत में पहुंचे, सुनवाई शुरू, धोखाधड़ी साबित हुआ तो बन जाएंगे कंगाल!
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप सिविल फर्जीवाड़े के एक मामले में मैनहटन की एक अदालत में पेश हुए हैं। पूर्व राष्ट्रपति पर अपने व्यापारिक साम्राज्य ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन के माध्यम से बार-बार और लंबे समय तक धोखाधड़ी करने का आरोप है।
मुकदमे में ट्रंप का सामना न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल लेटीटिया जेम्स से हो रहा है। लेटीटिया अदालत के बाहर मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई भी नहीं है, न्याय होकर रहेगा।

अगर टंप पर आरोप साबित हुए तो उन पर 250 मिलियन डॉलर का जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा उन्होंने ट्रंप और उनके बेटों ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप पर न्यूयॉर्क में कारोबार करने पर रोक लगाने की मांग भी की है।
ये मामला उन आपराधिक मामलों से अलग है जिनका सामना ट्रंप अमेरिका की अलग-अलग अदालतों में कर रहे हैं। अदालत के बाहर कई प्रदर्शनकारी भी जुटे हैं जिनमें से अधिकतर ट्रंप के समर्थक नहीं है।
अदालत में प्रवेश करने से कुछ देर पहले पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रम्प ने मामले को लाने वाले न्यायाधीश और न्यूयॉर्क अटॉर्नी जनरल की आलोचना की, जिसे उन्होंने राजनीति से प्रेरित बताया।
ट्रम्प को इस मुकदमे का सामना क्यों करना पड़ रहा है?
न्यूयॉर्क के अभियोजकों के अनुसार, वर्षों तक ट्रम्प ने अपनी संपत्ति का अधिक मूल्यांकन करके और अपनी निवल संपत्ति को बढ़ा-चढ़ाकर बताकर बैंकों, बीमाकर्ताओं और अन्य लोगों को धोखा दिया।
उनका कहना है कि उन्होंने ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन के लिए अधिक फंडिंग हासिल करने के लिए ऐसा किया। ऐसा कर डोनाल्ड ट्रम्प ने 1 बिलियन डॉलर से अधिक की कमाई की।
न्यूयॉर्क सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश आर्थर एंगोरोन ने पहले ही ट्रम्प को धोखाधड़ी के एक दावे के लिए उत्तरदायी पाया है।
एंगोरोन को अब 6 अन्य दावों पर निर्णय लेना होगा:
- व्यावसायिक रिकॉर्ड में हेराफेरी करना
- व्यावसायिक रिकॉर्ड में हेराफेरी करने की साजिश
- गलत वित्तीय विवरण जारी करना
- झूठे वित्तीय विवरणों को गलत साबित करने की साजिश
- बीमा धोखाधड़ी
- बीमा धोखाधड़ी करने की साजिश












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