ओसामा बिन लादेन के 'लेटर टू अमेरिका' से सनसनी, यहूदियों के खिलाफ नफरत फैला रहा टिकटॉक? जानें क्या है...
Osama bin Laden: ओसामा बिन लादेन के "लेटर टू अमेरिका" पर भारी विवाद शुरू हो गया है और बाइडेन प्रशासन ने आनन-फानन में विवादास्पद वीडियो पर प्रतिबंध लगा दिया है। ये वीडियो सोशल मीडिया एप टिकटॉक पर काफी ज्यादा वायरल हो रहा है। ओसामा बिन लादेन से संबंधित इस वीडियो ने गाजा में युद्ध के बीच इजरायल के लिए अमेरिकी समर्थन के बारे में एक गर्म बहस छेड़ दी है।
इस वीडियो में मध्य-पूर्वी देशों में अमेरिका के नागरिकों पर हमले को उकसाया जा रहा है, जिससे इस बात की आशंका पैदा हो गई है, कि अमेरिकी नागरिकों पर मध्य-पूर्व देशों में हमले हो सकते हैं, जिसके बाद टिकटॉक ने अलकायदा आतंकी के वीडियो पर प्रतिबंध लगा दिया है। ओसामा बिन लादेन की ये चिट्टी साल 2002 की है, जिसे टिकटॉक पर इजराइल-हमास युद्ध के बीच वायरल किया गया था।

लादेन का विवादित वीडियो वायरल
इजराइल-हमास युद्ध के बीच इस हफ्ते टिकटॉक पर ओसामा बिन लादेन के 20 साल पुराने पत्र पर तीखी बहस छिड़ गई है। बिन लादेन, जो 9/11 के हमले का मास्टरमाइंड था, उसने न्यूयॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन में यात्री विमानों को दुर्घटनाग्रस्त करके लगभग 3,000 लोगों की जान ले ली थी।
दुनिया के मोस्ट वांटेड आतंकवादी के रूप में लगभग 10 सालों तक रहने के बाद, 2011 में अमेरिकी विशेष बलों ने उसे पाकिस्तान में खोज लिया था और फिर उसे मार दिया गया था।
विवादास्पद 'लेटर टू अमेरिका' में क्या है?
विवादित पत्र, जो अल कायदा द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका पर हमला करने के बाद लिखा गया था, उसमें इजराइल को लेकर अमेरिका के समर्थन की आलोचना की गई थी।
इस चिट्ठी में ओसामा बिन लादेन ने अमेरिका के ऊपर फिलीस्तीनी लोगों के उत्पीड़न के लिए इजराइल को आर्थिक मदद देने का आरोप लगाया था। वहीं, चिट्ठी में यहूदियों को लेकर काफी ज्यादा घृणा भरी बातें लिखी गई थीं और अमेरिका पर किए गये हमले को उचित ठहराया गया था।
वहीं, टिकटॉक ने विवादित वीडियो को बैन करने के बाद एक बयान जारी करते हुए कहा है, कि "इस पत्र को बढ़ावा देने वाली सामग्री स्पष्ट रूप से किसी भी प्रकार के आतंकवाद का समर्थन करने पर हमारे नियमों का उल्लंघन करती है।"
टिकटॉक अधिकारियों ने यह भी कहा, कि प्लेटफॉर्म पर इसके "ट्रेंडिंग" होने की खबरें गलत हैं। टिकटॉक पर "लेटर टू अमेरिका" की खोज से गुरुवार को कोई परिणाम नहीं मिला, एक नोटिस के साथ कहा गया कि यह वाक्यांश "हमारे दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाली सामग्री" से जुड़ा हो सकता है।
लेकिन, फ्रांस की एजेंसियों ने कहा है, कि टिकटॉक पर भारी संख्या में लोगों ने ओसामा बिन लादेन की इस चिट्ठी को सर्च किया और उन्हें वो चिट्टी मिली भी है। जिसके बाद टिकटॉक ने कहा, कि इससे संबंधित वीडियो कम संख्या में थे।
अमेरिका ने क्या प्रतिक्रिया दी?
ओसामा बिन लादेन का वीडियो वायरल होने के बाद अमेरिका के सांसदों की तरफ से काफी कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है।
अमेरिकी सांसदों ने चीनी सोशल मीडिया कंपनी टिकटॉक पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाकर इसपर प्रतिबंध लगानेका आह्वान किया है। डेमोक्रेटिक सांसद जोश गोटेहाइमर ने बुधवार को कहा, कि टिकटॉक "अमेरिकियों को प्रभावित करने के लिए आतंकवाद समर्थक कंटेट को आगे बढ़ा रहा है।"
जबकि, व्हाइट हाउस ने इस घटना की तीखी आलोचना की, जिसके बाद टिकटॉक ने कहा, कि वह इसमें शामिल पोस्ट को हटाने के लिए कदम उठा रहा है। डब्ल्यूएच के प्रवक्ता एंड्रयू बेट्स ने गुरुवार को एक बयान में कहा, "अमेरिकी इतिहास में सबसे खराब आतंकवादी हमले को अंजाम देने के बाद अल कायदा के नेता द्वारा जारी किए गए घृणित, बुरे और यहूदी विरोधी झूठ को फैलाने का कोई औचित्य नहीं है।"
व्हाइट हाउस ने कहा, कि "किसी को भी ओसामा बिन लादेन के घृणित शब्दों से खुद को जोड़कर उन 2,977 अमेरिकी परिवारों का अपमान नहीं करना चाहिए, जो अभी भी अपने प्रियजनों के लिए शोक मना रहे हैं।"
जबकि, बुधवार को, ब्रिटिश अखबार द गार्जियन ने ओसामा बिन लादेन के उस पत्र का पूरा हटा दिया है, जिसे उसने 2002 में प्रकाशित किया था। समाचार आउटलेट ने अपनी वेबसाइट पर कहा है, कि पत्र को पूरे संदर्भ के बिना सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा था, लिहाजा उस स्टोरी को हटा दिया गया है।












Click it and Unblock the Notifications