सख्त इस्लामी कानून का पालन करेगा तालिबान! अफगानिस्तान में बढ़ रहा महिलाओं पर प्रतिबंध
तालिबान ने सबसे पहले महिलाओं के अधिकारों को कुंठित कर दिया। इसके बाद उनके विपक्ष में खड़े लोगों को प्रताड़ित किया। लड़कियों को सरेआम बेचा गया।
अफगानिस्तान में तालिबान (Taliban in Afghanistan) ने पूरी तरह से इस्लामी कानून लागू करने का आदेश जारी कर दिया है। समूह के प्रवक्ता के मुताबिक तालिबान इस्लामिक कानून या शरिया के साथ मजबूती से टिका रहेगा। तालिबान ने अगस्त 2021 में अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद से देश में मानवाधिकार का हनन होने लगा और महिलाओं के अधिकारों को खत्म कर दिया गया। अब तालिबान शासन में इस्लामी कानून लागू किए जाएंगे। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, समूह के सर्वोच्च नेता, हिबतुल्ला अखुनजादा ने कुछ दिनों पहले तालिबान के न्यायाधीशों से मुलाकात की और उन्हें अपने फैसलों में शरिया कानून लागू करने का निर्देश दिया। यह पहली बार है जब तालिबान नेता ने इस्लामिक समूह के सत्ता में आने के बाद से पूरे देश में इस्लामी कानून के सभी पहलुओं को पूरी तरह से लागू करने का औपचारिक आदेश जारी किया है।

तालिबान में इस्लामी कानून
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, समूह के सर्वोच्च नेता, हिबतुल्ला अखुनजादा ने कुछ दिनों पहले तालिबान के न्यायाधीशों से मुलाकात की और उन्हें अपने फैसलों में शरिया कानून लागू करने का निर्देश दिया। यह पहली बार है जब तालिबान नेता ने इस्लामिक समूह के सत्ता में आने के बाद से पूरे देश में इस्लामी कानून के सभी पहलुओं को पूरी तरह से लागू करने का औपचारिक आदेश जारी किया है।

महिलाओं के अधिकार खत्म
अफगानिस्तान की सत्ता पर एक साल से काबिज तालिबान अब इस्लामिक कानून से शासन को चलाएगा। 1990 के दशक के अंत में सत्ता में रहने के दौरान, तालिबान ने अदालतों में अपराधियों को सार्वजनिक फांसी, उन पर कोड़े बरसाने और पत्थर मारने का काम किया। हालांकि,अगस्त 2021 में अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा होने, 20 साल के युद्ध के बाद अमेरिकी और नाटो सेना की घर वापसी के दौरान तालिबान ने महिलाओं, अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात कही थी। जैसे ही अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान की जमीन को छोड़ा, तालिबान के तेवर ही बदल गए। उन्होंने जो वादा किए थे, उन्हें तोड़ते हुए महिलाओं के अधिकारों और स्वतंत्रता पर भारी प्रहार किया।

आत्महत्या करने पर मजबूर अफगान महिलाएं
तालिबान ने सबसे पहले महिलाओं के अधिकारों को कुंठित कर दिया। इसके बाद उनके विपक्ष में खड़े लोगों को प्रताड़ित किया। लड़कियों को सरेआम बेचा गया। उनके साथ घोर जुल्म किए गए। खबर मिली थी कि वहां, हालात इतने बिगड़ गए कि लड़कियों और महिलाएं आत्महत्या करने लगी थीं।

अफगानिस्तान में शरिया कानून
हिबतुल्ला अखुनज़ादा ने कहा कि, इस्लामी अमीरात पहले दिन से सभी शरिया कानूनों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले 15 महीनों में तालिबान लड़ाकों द्वारा लोगों को विभिन्न अपराधों के लिए दंडित करने के वीडियो और तस्वीरें अक्सर सोशल मीडिया पर दिखाई वायरल होते रहे हैं। हालांकि अधिकारियों ने कभी भी इन घटनाओं की पुष्टि नहीं की है।

तालिबान का जुल्म बढ़ रहा
गुरुवार को, बामियान प्रांत में, एक युवक और युवती को कथित रूप से विवाहेतर संबंध बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके आरोप में प्रत्येक को 39 बार सार्वजनिक रूप से कोड़े मारे गए। एक व्यक्ति ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि, सैकड़ों स्थानीय लोगों ने उन पर हुए तालिबानी जुल्म को देखा लेकिन तस्वीरें लेने और फिल्म बनाने से लोगों को रोक दिया गया।

अब क्या होगा
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने बताया कि हैबतुल्ला अखुंदजादा ने जजों के एक समूह से मुलाकात के बाद आदेश दिया।जजों की बैठक में यह भी आदेश दिया गया कि चोरों, अपहरणकर्ताओं और देशद्रोहियों के मामलों की जांच की जाए। तालिबान के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस्लामिक अमीरात के नेता के आदेश को पूरे देश में लागू किया जाएगा।












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