उम्र के संकट से गुजरने लगा है सूर्य, आने वाले समय में दिखेगा बड़ा परिवर्तन, अंत को लेकर भी हो गई भविष्यवाणी
नई दिल्ली, 15 अगस्त: सूरज, पृथ्वी या सौर मंडल के बाकी ग्रहों की भी उम्र निर्धारित है। यह सभी अपना जीवन चक्र पूरा कर रहे हैं। लेकिन,अब वैज्ञानिकों को ऐसे आंकड़े मिल गए हैं, जिसके विश्लेषण से धरती तो छोड़िए, उसपर अपनी ऊर्जा से जीवन का संचार करने वाले सूरज के भी अंत के समय का पता चल गया है। बात हमारे लिए चौंका देने वाली है, लेकिन यह वैज्ञानिक विश्लेषणों का नतीजा है। आइए जानते हैं कि सूर्य अभी कितनी सदियों तक हमें अपनी ऊर्जा देने वाला है और पृथ्वी का अंत कब लिखा गया है।

सूर्य के मूल में मौजूद हाइड्रोजन खत्म हो रहा है- रिपोर्ट
हम जानते हैं कि सूर्य की असीम ऊर्जा का स्रोत न्यूक्लियर फ्यूजन है। इस न्यूक्लियर फ्यूजन का स्रोत हाइड्रोजन है, जो सूरज के मूल (कोर) में है। लेकिन यह हाइड्रोजन हमेशा उसी मात्रा में नहीं रहने वाला है, जिसकी वजह से अरबों वर्षों से यह हमें और हमारे सौर मंडल के बाकी ग्रहों को अपनी ऊर्जा से सींचता आया है। यह हाइड्रोजन धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। यह अनंत नहीं है। खगोलविदों ने अब हमारे सूरज के क्रमिक विकास का एक चार्ट तैयार कर लिया है और इसकी समाप्ति के समय का भी अंदाजा लगा लिया है।

अपनी आधी उम्र को पार कर चुका है सूर्य- वैज्ञानिक
गैया स्पेसक्राफ्ट जिसे ब्रह्मांड का बहुत ही सटीक नक्शा तैयार करने का श्रेय दिया जाता है, उसने सूर्य के भूत और भविष्य को लेकर बहुत बड़ी जानकारी उजागर की है। सूरज जिसकी वजह से अनगिनत सौर ज्वालाएं फूट रही हैं, आए दिन कोरोनल मास इजेक्शन हो रहा है, वहां से उठने वाले सौर तूफानों की वजह से धरती की संचार व्यवस्था और उपग्रहों पर खतरा मंडराता रहता है, उसने तकरीबन अपनी आधी उम्र पार कर ली है।

सूर्य का 4.57 अरब वर्ष पूरा- ईएसए
गैया स्पेसक्राफ्ट से जून में मिले डेटा के विश्लेषणों से अब सूर्य के बाकी बची उम्र को लेकर वैज्ञानिकों को भविष्यवाणी करने का बड़ा आधार मिल गया है। इसी डेटा के आधार पर यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ईएसए) ने कहा है कि 4.57 अरब वर्ष पूरा करने के साथ सूर्य लगभग अपनी आधी उम्र से गुजर रहा है। सूर्य का सौर चक्र अभी भी चरम है, जिसकी वजह से पिछले हफ्ते इसपर हुए विस्फोटों की वजह से 17 कोरोनल मास इजेक्शन देखने को मिले हैं और 9 सनस्पॉट सामने आए हैं।

दूसरे नष्ट हुए तारों के साथ हुआ तुलनात्मक अध्ययन
वैज्ञानिकों का मानना है कि सूर्य पर बढ़ी हुई गतिविधियों के साथ ही इसके मूल से हाइड्रोजन खत्म होना शुरू होगा और न्यूक्लियर फ्यूजन प्रक्रिया प्रभावित होना शुरू हो जाएगा। इसके चलते यह लाल विशाल तारे की तरह फुल जाएगा; और इस प्रक्रिया के साथ ही इसकी सतह की तापमान कम होने लगेगी। इसका आखिरी अंजाम क्या होगा, इसके लिए आकाशगंगा के दूसरे ग्रहों के इतिहास और नतीजों का भी अध्ययन किया गया है। फ्रांस के एक वैज्ञानिक ओरलाघ क्रीवे ने बताया कि उन्होंने सिर्फ उन तारों के सैंपल को छांट कर अध्ययन किया है, जिनका द्रव्यमान और रासायनिक संरचना सूरज के समान ही था।

सूर्य का भविष्य क्या है ?
सारे डेटा को जुटाने और उनके विश्लेषण के आधार पर शोधकर्ता इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि लगभग 8 अरब वर्ष की उम्र जाते-जाते सूरज का तापमान इससे निकलने वाली अबतक की ऊष्मा के चरम को छू लेगा। इसके बाद यह ठंडा होने लगेगा और इसका आकार बढ़ जाएगा और यह लाल विशाल तारे में परिवर्तित हो जाएगा। इस तरह से सूर्य 10 से 11 अरब वर्ष की उम्र में आते-आते अपने जीवन के अंत में पहुंच जाएगा।

सूर्य के अंत होने पर क्या होगा ?
यूरोपियन स्पेस एजेंसी का कहना है कि जब सूरज के जीवन का अंत होने लगेगा तब आखिर में यह एक मंद सफेद बौना बन जाएगा। उधर ओरलाघ ने कहा, 'अगर हम अपने सूर्य को नहीं समझते हैं और बहुत सी ऐसी चीजें हैं, जिसके बारे में हम नहीं जानते हैं तो हम उन सभी तारों को समझने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं, जो हमारी अद्भुत आकाशगंगा बनाते हैं।'

फिर पृथ्वी का भविष्य क्या होगा ?
जब सूरज अपनी उम्र की आधी दहलीज को पार कर चुका है तो पृथ्वी कितने समय तक जीवित रहेगी ? वैज्ञानिकों का मानना है कि धरती के पास अब सिर्फ 1 अरब साल बच गए हैं। इसकी वजह ये है कि प्रत्येक 1 अरब साल में सूर्य का तापमान और इसकी चमक में 10% की वृद्धि हो रही है। यह बढ़ोतरी इतनी ज्यादा है कि धरती किसी भी जीवन के लिए रहने लायक नहीं बचेगी।












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