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उमर बिन लादेन और ओसामा के कुत्तों की असली कहानी

उमर बिन लादेन और उनकी पत्नी जेंस फेलिक्स ब्राउन
Elisabetta A. Villa/Getty Images
उमर बिन लादेन और उनकी पत्नी जेंस फेलिक्स ब्राउन

"हालांकि मुस्लिम समुदाय में कुत्तों से परहेज़ किया जाता है लेकिन मेरे पति, ओसामा बिन लादेन, ने यूरोप से दो जर्मन शेफ़र्ड कुत्ते मँगवाए थे जिनका नाम सफ़ियर और ज़ाएर रखा था. मुझे हैरानी हुई थी जब उमर ने मुझे खारतूम में बताया था कि मेरे पिता उन कुत्तों को सहला रहे थे. हैरानी इसलिए थी कि वे तो इस्लाम मानने वाले थे जिसमें मुस्लिमों को कुत्तों से दूर रहने को कहा गया है."

"ग्रोइंग अप बिन लादेन: ओसामाज़ वाइफ़ एंड सन टेक अस इंसाइड देयर सीक्रेट वर्ल्ड" नाम की क़िताब में ये लिखा है नजवा बिन लादेन ने.

ओसामा बिन लादेन की पहली पत्नी नजवा ने ये क़िताब अपने बेटे उमर बिन लादेन और लेखक जॉन सैसों के साथ 2015 में लिखी थी जिसके 17वें चैप्टर में इस बात का ज़िक्र है कि ओसामा के कुत्तों के प्रति प्यार के बाद क्या हुआ.

नजवा ने आगे लिखा है, "अफ़सोस हुआ था जब एक कुत्ते को चुरा लिया गया. लेकिन दूसरे को बड़ी तकलीफ़ सहनी पड़ी थी क्योंकि उसे कोई रहस्यमयी बीमारी हो गई थी जिससे उसकी एकाएक मौत हो गई".

इस क़िताब के छपने के पूरे सात साल बाद उमर बिन लादेन ने 'द सन' अख़बार को दिए एक इंटरव्यू में दावा किया है कि पिता ओसामा बिन लादेन ने कुत्तों पर रासायनिक हथियारों का परीक्षण किया था.

2011 में ओसामा बिन लादेन की पाकिस्तान में एक अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में हुई मौत के बाद ऐसी कई रिपोर्ट्स आती रहीं हैं जिनमें दावा किया गया कि बिन लादेन के सहयोगियों ने रासायनिक हथियारों का परीक्षण किया था. इस पर उमर ने कहा, "मैंने ये देखा था."

"उन्होंने मेरे कुत्ते पर इसका परीक्षण किया और मैं इससे ख़ुश नहीं था. मैं बस उन सब बुरी यादों को भूलना चाहता हूं. ये मुश्किल है. आप हर समय इससे जूझते हैं."

उमर जब अपने पिता और परिवार के साथ अफ़ग़ानिस्तान में रह रहे थे तब भी उनके पास अपना कुत्ता था जिसका नाम बॉबी था. उसे वे गार्ड डॉग की तरह ट्रेन भी करते थे. क़िताब में इस बात का ज़िक्र है कि "उसकी मौत बहुत जल्द हुई, वजह किसी को पता नहीं चली थी".

कौन हैं उमर बिन लादेन


जनवरी, 2010 की एक सर्द-सी रात थी जब दमिश्क में ओसामा बिन लादेन के चौथे बेटे, उमर, ने न्यूयॉर्क टाइम्स बेस्टसेलर रहे लेखक और इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट गाई लॉसन से एक नाइटक्लब में दाखिल होने के लिए कहा.

'रोलिंग स्टोन' पत्रिका की कवर स्टोरी "ओसामास सन: द डार्क, टविस्टेड जर्नी ओफ़ उमर बिन लादेन" में गाई लॉसन ने आगे लिखा, "बेसमेंट की बार में धीमी रौशनी थी जहां क़रीब एक दर्जन अरबी पुरुष व्हिस्की पीते हुए पोल-डांस देख रहे थे. अपनी सॉफ़्ट ड्रिंक पीते हुए उमर ने कहा, "रूसी महिलाएं बेहद खूबसूरत होती हैं, डॉल की तरह".

गाई लॉसन और उमर की इस मुलाक़ात के समय ओसाम बिन लादेन ज़िंदा थे और छिप कर कहाँ रह रहे थे किसी को पता नहीं था. ज़ाहिर है, उस समय वे दुनिया के मोस्ट वांटेड टेररिस्ट भी थे जिनकी तलाश अमेरिका को लम्बे समय से थी.

कई साल पहले जब ओसामा बिन लादेन अपने परिवार के साथ अफ़ग़ानिस्तान के तोराबोरा के पहाड़ों में रह रहे थे. तब एक किशोर रहे उमर भी उनके साथ थे. क़रीबी लोगों में सभी को पता था कि ओसामा ने उमर को ही अपना उत्तराधिकारी चुना है 'ग्लोबल जिहाद' के लिए.

लेकिन इससे पहले की 2001 में अमरीका में हुए चरमपंथी हमलों को प्लान करने वाले ओसामा बिन लादेन दुनिया के मोस्ट वांटेड शक़्स बनते, उमर बिन लादेन ने अपने पिता का घर छोड़ दिया.

अब 41 साल के हो चुके उमर बिन लादेन दरअसल 1991 से लेकर 1996 तक अपने पिता के साथ सूडान में रहे क्योंकि ओसामा को सऊदी अरब छोड़ना पड़ा था. बाद में अपने पिता का साथ छोड़ने के बाद उमर ने माना था कि उन्होंने अल-क़ायदा के ट्रेनिंग कैंपों में हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली थी.

"ग्रोइंग अप बिन लादेन: ओसामास वाइफ़ एंड सन टेक अस इंसाइड देयर सीक्रेट वर्ल्ड" नाम की अपनी जीवनी में उमर लिखते हैं, "मैंने अल-क़ायदा इसलिए छोड़ दिया क्योंकि मैं नागरिकों की हत्या से अपने जोड़ कर नहीं देख सकता था. मैं जाना चाहता था लेकिन मेरे पिता मेरे जाने से ख़ुश तो नहीं थे, लेकिन उन्होंने मुझे फिर भी अलविदा कहा".

इसके बाद उमर बिन लादेन सउदी अरब जाकर व्यापार में लग गए और फिर 2006 में उन्होंने यूरोप जाने की सोची.

इस बीच उमर की एक शादी और तलाक़ भी हो चुका था जिससे उन्हें एक बेटा भी है.

बीबीसी वन ने 2006 में इस बात को रिपोर्ट किया था कि उसी साल मिस्र में उनकी मुलाक़ात ब्रितानी नागरिक जेंस फ़ेलिक्स-ब्राउन से हुई जो उमर से उम्र में 24 साल बड़ी थीं और उनके पांच नाती-पोते थे.

दोनों ने वहीं पर शादी की, पत्नी का नाम ज़ैना भी रखा गया और फिर जेद्दाह जाकर कुछ महीने बिताने के बाद वे ब्रिटेन चले गए थे.

अपनी क़िताब में उमर ने लिखा है, "यूरोप जाकर कुछ मुश्किलें ज़रूर हुईं, नागरिकता वग़ैरह की, लेकिन हमारी शादी के बाद ज़िंदगी को एक नई दिशा मिली. मुझे भी अपने को टटोलना था, जानना था कि ज़िंदगी में क्या-क्या और करना चाहता हूँ."

समाचार एजेंसी एपी ने 2008 में रिपोर्ट भी किया था कि, "उमर शांति के लिए काम करना चाहते हैं और कुछ नहीं".

इस दौरान उमर ने कुछ इंटरव्यू भी दिए जिससे बिन लादेन परिवार और आपसी सम्बन्धों पर और जानकरी मिलती रही.

वैनिटी फ़ेयर मैगज़ीन में छपे एक लेख में उमर ने बताया था, "मेरे दादा, मोहम्मद बिन अवाद बिन लादेन, इतने अमीर थे कि जिन चार शादियों की हमारे यहां इजाज़त थी वो करने के कुछ साल बाद सभी को तलाक़ दे देते थे जिससे ख़ाली हुई जगह पर नई शादियाँ कर सकें. अब इतनी बीवियों और पूर्व-बीवियों की वजह से इतने बच्चे और पोते-पोतियाँ हो गए कि वे हम सबसे एक मज़बूत रिश्ता भी क़ायम न कर सके".

उमर अब अपनी पत्नी ज़ेंस के साथ फ़्रांस के नॉरमैंडी में रहते हैं और पेशेवर पेंटर हैं. उनका मानना है कि कला और उनके पसंसदीदा पहाड़ एक थैरेपी की तरह काम करते रहे हैं.

हाल ही में ब्रिटेन के 'द सन' को दिए एक इंटरव्यू उमर ने कहा कि, "2 मई, 2011 को जब मैंने सुना कि अमेरिकी नेवी सील ने मेरे पिता को पाकिस्तान के सेफ़हाउस में मार दिया है, तब मैं क़तर में था".

हालांकि, उमर कहते हैं कि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि अमेरिका ने उनके पिता का शव समुद्र में फेंका.

वो कहते हैं, "मैं नहीं जानता उन्होंने मेरे पिता के साथ क्या किया. वो कहते हैं कि उन्होंने शव सागर में फेंक दिया लेकिन मैं नहीं मानता. मुझे लगता है कि वो शव को अमेरिका ले गए, ताकि लोगों को दिखा सकें."

अपने पिता ओसामा के बारे में उमर पहले भी कहते रहे हैं कि "वे एक अच्छे पिता थे, बस हमारे रास्ते अलग-अलग थे".

लेकिन शायद 2010 की उस रात, दमिश्क की बार में, उमर बिन लादेन ने गाई लॉसन के सामने अपना दिल खोल दिया था.

रोलिंग स्टोन' पत्रिका की कवर स्टोरी "ओसामास सन: द डार्क, टविस्टेड जर्नी ओफ़ ओमार बिन लादेन" के लेख के मुताबिक़ उमर ने कहा था, "इन रूसी पोल-डांसरों से मैंने पहले भी बात की हुई है. नाम बताता हूँ तो कभी-कभी वे यक़ीन भी नहीं करतीं. मुझे पता है ये ग़रीबी की वजह से इस तरह नाचने पर मजबूर हैं. मेरे पिता ने इनकी (रूस) इकोनॉमी को तबाह कर दिया. अब वे अमेरिका के साथ यही कर रहे हैं".

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