Tarique Rahman Oath: तारिक रहमान बने बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री, कितने हिंदू मंत्री बनाए गए
Tarique Rahman Oath Ceremony: बांग्लादेश में महीनों की राजनीतिक उठापटक के बाद आखिरकार एक नए युग की शुरुआत हुई है। 17 फरवरी, 2026 को बीएनपी (BNP) प्रमुख तारिक रहमान ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। 13वीं राष्ट्रीय संसद के इस ऐतिहासिक समारोह में भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला समेत दुनिया भर के प्रतिनिधि शामिल हुए।
इस चुनाव में बीएनपी गठबंधन ने 297 में से 211 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल की है। आवामी लीग की गैर-मौजूदगी में हुए इन चुनावों ने सत्ता के हस्तांतरण की प्रक्रिया को औपचारिक रूप दे दिया है।

Bangladesh New Cabinet Ministers List: कैबिनेट में किसे मिली क्या जिम्मेदारी?
तारिक रहमान की नई टीम में अनुभव और वफादारी का मिश्रण दिख रहा है। पार्टी के कद्दावर नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को स्थानीय सरकार और ग्रामीण विकास मंत्रालय सौंपा गया है, जबकि सलाहुद्दीन अहमद देश के नए गृह मंत्री होंगे। वित्त और योजना की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अमीर खसरू महमूद चौधरी को दी गई है। इसके अलावा, विदेश मंत्रालय का कार्यभार खलीलुर रहमान संभालेंगे। यह मंत्रिमंडल अब बांग्लादेश की पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था और कानून व्यवस्था को सुधारने की चुनौती का सामना करेगा।
ये भी पढे़ं: Bangladesh Election Results 2026: कैसे बिखरी NCP और BNP को मिली धमाकेदार जीत? चुनाव का ये है इनसाइड गेम!
Nitai Roy Chowdhury Bangladesh Hindu Minister: हिंदू और अल्पसंख्यक चेहरों को जगह
समावेशी राजनीति का संदेश देने के लिए तारिक रहमान ने अपने मंत्रिमंडल में अल्पसंख्यकों को भी खास तवज्जो दी है। इस कैबिनेट में दो प्रमुख अल्पसंख्यक चेहरों को शामिल किया गया है, जिसमें एक हिंदू और एक बौद्ध नेता शामिल हैं। वरिष्ठ नेता निताई रॉय चौधरी को सांस्कृतिक मामलों का मंत्रालय दिया गया है, जबकि दीपेन दीवान को चटगांव पहाड़ी इलाकों के मामलों का मंत्री बनाया गया है। इन नियुक्तियों के जरिए बीएनपी सरकार ने सभी समुदायों को साथ लेकर चलने की कोशिश की है।
ये भी पढ़ें: Bangladesh: कहां भागने की तैयारी कर रहे यूनुस? चुनावी हार ने फैलाया रायता, 18 भ्रष्ट मंत्री भी कतार में!
Who is Nitai Roy Chowdhury: कौन हैं निताई रॉय चौधरी?
कैबिनेट में हिंदू समुदाय का सबसे बड़ा चेहरा निताई रॉय चौधरी हैं। वे बीएनपी के उपाध्यक्ष और एक वरिष्ठ वकील हैं। 1949 में जन्मे निताई रॉय ने पश्चिमी मगुरा क्षेत्र से जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार को हराकर जीत दर्ज की है। वे पहले भी सांसद और मंत्री रह चुके हैं। उनकी गिनती तारिक रहमान के मुख्य सलाहकारों और रणनीतिकारों में होती है। वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के काफी भरोसेमंद माने जाते हैं और उनका अनुभव नई सरकार के लिए काफी अहम साबित होगा।
ये भी पढे़ं: Bangladesh Election: कट्टर मुस्लिम इलाकों से जीते 3 हिन्दू कौन? कैसे मिली एंटी-इंडिया माहौल में जीत?
Bangladesh Hindu Minister: भारत के लिए क्यों अहम?
निताई रॉय चौधरी की नियुक्ति भारत और बांग्लादेश के बीच डैमेज कंट्रोल की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों, विशेषकर दीपू चंद्र दास जैसी बर्बर घटनाओं ने भारत में गहरी चिंता पैदा कर दी थी। भारत ने इन मानवाधिकार उल्लंघनों पर कड़ा रुख अपनाया था। ऐसे में एक अनुभवी हिंदू नेता को कैबिनेट में शामिल करना तारिक रहमान की ओर से भारत को यह भरोसा दिलाने की कोशिश है कि नई सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और समावेशी शासन के प्रति गंभीर है।












Click it and Unblock the Notifications