पहली बार सामने आया तालिबान का 'अमीरुल मोमिनीन', हैबतुल्लाह अखुंदजादा ने समर्थकों को दिया संदेश
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद तालिबान का सर्वोच्चे नेता हैबतुल्लाह अखुंदजादा पहली बार जनता के सामने आया।
काबुल, अक्टूबर 31: अगस्त में तालिबान राज स्थापित होने के बाद पहली बार तालिबान का सर्वोच्च नेता हैबतुल्लाह अखुंदजादा अपने समर्थकों के सामने आया है, जिसके बारे में अभी तक कहा जाता था कि, उसकी मौत हो गई है। हालांकि, हैबतुल्लाह अखुंदजादा के सार्वजनिक होने का दावा भी तालिबान की तरफ से ही किया गया है, लेकिन उसकी मौजूदगी को लेकर कोई पुष्ट सबूत पेश नहीं किए हैं।

सामने आया हैबतुल्लाह अखुंदजादा
दक्षिणी अफगान शहर कंधार में समर्थकों को संबोधित करने के बाद तालिबान के सर्वोच्च नेता हैबतुल्लाह अखुंदजादा ने रविवार को अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति की घोषणा की है। अखुंदजादा 2016 से इस्लामिक संगठन तालिबान का आध्यात्मिक प्रमुख रहा है, लेकिन अगस्त में तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद भी वो सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आया था। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि, अफगानिस्तान के अंदर तालिबान ईरान जैसी ही सरकार का निर्माण करना चाहता था, जिसमें सुप्रीम लीडर हैबतुल्लाह अखुंदजादा को बनाया जाता, लेकिन एन वक्त पर पाकिस्तान ने तालिबान की सरकार में हस्तक्षेप कर दिया और हक्कानी नेटवर्क की सरकार में भूमिका बढ़ा दी, जिसके बाद हैबतुल्लाह अखुंदजादा के सार्वजनिक उपस्थिति फिर से टल गई थी।

जारी किया गया सिर्फ ऑडियो
हैबतुल्लाह अखुंदजादा को लेकर कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि, उसकी मौत हो चुकी है, लेकिन हमेशा की तरह तालिबान ने उसकी मौत की बात छिपा कर रखी है। तालिबान अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार को हैबतुल्लाह अखुंदजादा दारुल उलूम हकीमा मदरसे में "अपने बहादुर सैनिकों और शिष्यों से बात करने" के लिए गया हुआ था। तालिबान की तरफ से कहा गया कि, कार्यक्रम में काफी ज्यादा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। हालांकि, तालिबान ने अखुंदजादा के सार्वजिन कार्यक्रम में हिस्सा लेने का दावा जरूर किया है, लेकिन उसकी कोई तस्वीर या कोई वीडियो जारी नहीं किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने कार्यक्रम के दौरान किसी को भी तस्वीर लेना या वीडियो बनाने पर मना किया गया था। वहीं, तालिबान के सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा दस मिनट की ऑडियो रिकॉर्डिंग साझा की गई है।

अमीरुल मोमिनीन माना जाता है अखुंदजादा
आपको बता दें कि, तालिबान के अंदर अखुंदजादा को संगठन का "अमीरुल मोमिनीन" या वफादारों के कमांडर के रूप में जाना जाता है, जिसका काम तालिबान के लोगों को धार्मिक संदेश देना है। रिपोर्ट के मुताबिक, अखुंदजादा ने अपने भाषण में तालिबान की राजनीति का जिक्र नहीं किया, लेकिन उसने तालिबान के नेतृत्व में शासन को लेकर दुआएं मांगी। ऑडियो क्लिप से पता चलता है कि, उसने तालिबान की तरफ से मरने वाले लड़ाकों के लिए, घायलों के लिए और इस 'बड़ी परीक्षा' में शामिल होने वाले इस्लामिक अमीरात के अधिकारियों की सफलता के लिए प्रार्थना की। आपको बता दें कि, 2016 में अमेरिकी ड्रोन हमले में मुल्ला अख्तर मंसूर के मारे जाने के बाद अखुंदजादा को तालिबान का नया प्रमुख नेता नियुक्त किया गया था और उसकी सिर्फ एक ही तस्वीर सार्वजनिक हो पाई है।












Click it and Unblock the Notifications