भारत को लेकर सामने आई तालिबान की विदेश नीति, अफगानिस्तान के पुननिर्माण में मांगा समर्थन!

तालिबान के प्रवक्ता शाहीन सुहैल ने भारतीय मीडिया से बात करते हुए कहा है कि तालिबान उम्मीद कर रहा है कि भारत अपनी नीतियों को लेकर बदलाव करेगा।

काबुल, अगस्त 16: तालिबान के प्रवक्ता शाहीन सुहैल ने सीएनएन-न्यूज18 के साथ एक विशेष बातचीत में भारत को लेकर अपनी विदेश नीति साफ की है। तालिबान ने अफगानिस्तान के "पुनर्निर्माण" के साथ साथ तालिबान, भारत से क्या चाहता है, इन सब बातों का भी बातचीत के समय जिक्र किया है। तालिबान के प्रवक्ता शाहीन सुहैल ने भारत को लेकर उम्मीद जताई है कि ''भारत तालिबान को लेकर अपना नजरिया बदलेगा''।

भारत से तालिबान को उम्मीद

भारत से तालिबान को उम्मीद

तालिबान के प्रवक्ता शाहीन सुहैल ने भारतीय मीडिया से बात करते हुए कहा है कि तालिबान उम्मीद कर रहा है कि भारत अपनी नीतियों को लेकर बदलाव करेगा। क्योंकि अब तक अफगानिस्तान पर थोपी गई एक सरकार का पक्ष भारत ले रहा था और वो उम्मीद कर रहा है कि भारत, तालिबान को समर्थन दे, ये भारत और अफगानिस्तान, दोनों के लिए अच्छा होगा। तालिबान के प्रवक्ता सुहैल ने यह भी कहा कि तालिबान को उम्मीद है कि भारत अपना रुख बदलेगा और तालिबान का समर्थन करेगा। आपको बता दें कि तालिबान ने रविवार को काबुल पर कब्जा कर लिया है और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति देश छोड़कर जा चुके हैं।

मौजूदा हालात पर तालिबान

मौजूदा हालात पर तालिबान

अफगानिस्तान और काबुल के मौजूदा हालात परतालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि, ''हमारी सुरक्षा बलों ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए काबुल शहर में प्रवेश किया है ताकि लोगों की संपत्ति को नुकसान न पहुंचे और उनकी जान बच जाए''। तालिबानी प्रवक्ता ने कहा कि हम काबुल शहर के बारे रूके हुए थे, लेकिन फिर हमें पता चला कि काबुल में दुकानों की लूटपाट शुरू हो गई और पूरे शहर में हिंसा होने लगी है, जिसके बाद हमने काबुल शहर में कानून व्यवस्था संभालने के लिए दाखिल होने का फैसला किया''। आपको बता दें कि भारत ने अपने राजनयिकों और नागरिकों को तेजी के साथ अफगानिस्तान से निकालना शुरू कर दिया है। हालांकि, तालिबानी प्रवक्ता सुहैल ने आश्वासन दिया है कि वे सभी विदेशी दूतावासों को सुरक्षा मुहैया कराएंगे।

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    दूतावासों की करेंगे रक्षा

    दूतावासों की करेंगे रक्षा

    तालिबान के प्रवक्ता सुहैल ने कहा कि ''अब तक स्थिति यह है कि हम सभी दूतावासों और राजनयिकों के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करेंगे। अन्य देशों में स्थित हमारे दूतावासों के बारे में सरकार बनने के बाद फैसला किया जाएगा''। तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि ''अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के बारे में मेरा ये कहना है कि दुनिया के सभी देशों के साथ सहयोग करना हमारी नीति है। अब एक नया अध्याय खुला है, वह है देश का निर्माण, लोगों का आर्थिक विकास, सभी देशों के बीच शांति का एक अध्याय, खासकर हमारे आस-पास के देशों में।''। तालिबानी प्रवक्ता ने कहा कि ''हमें दूसरे देशों के सहयोग की जरूरत है। हमारा इरादा देश का पुनर्निर्माण करना है और यह अन्य देशों के सहयोग के बिना नहीं किया जा सकता है।" आपको बता दें कि भारत ने साफ कर दिया है कि काबुल में बंदूक के दम पर बनाई गई सत्ता को वो मान्यता नहीं देगा। कतर में हुई एक बैठक में भारत के साथ साथ पाकिस्तान, चीन, रूस ने भी वादा किया था कि वो तालिबान को मान्यता नहीं देंगे। लेकिन इन तीनों देश ने यू-टर्न ले लिया है। वहीं, ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने चेतावनी दी है, कि अफगानिस्तान को फिर से 'आतंक के लिए प्रजनन स्थल' बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

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