भारत ने बजट में अफगानिस्तान के लिए बरसाया पैसा, 200 करोड़ रुपये के ऐलान से गदगद हुए तालिबानी
भारत सरकार ने बुधवार को साल 2023 के लिए बजट पेश किया है। इस बजट में अफगानिस्तान के विकास के लिए 24.3 मिलियन डॉलर सहायता राशि की घोषणा की गयी है।

File Image: PTI
तालिबान ने केंद्रीय बजट 2023-24 में अफगानिस्तान के लिए भारत की घोषणा का स्वागत किया है। तालिबान ने भारत सरकार के उस फैसले को सराहा है जिसमें अफगानिस्तान को 200 करोड़ देने का ऐलान किया गया है। आपको बता दें कि भारत सरकार ने बुधवार को साल 2023 का बजट पेश किया है। इस बजट में अफगानिस्तान के विकास के लिए 24.3 मिलियन डॉलर की सहायता राशि की घोषणा की गई है। आपको बता दें कि बीते साल भी भारत ने इतनी राशि देने की घोषणा की थी।
तालिबान ने जाहिर की खुशी
तालिबान ने भारतीय मीडिया को दी प्रतिक्रिया में फैसले के लिए अपनी खुशी जाहिर की है। तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने WION से कहा, "हम भारत द्वारा अफगानिस्तान के लिए विकास सहायता की सराहना करते हैं। यह दोनों देशों के बीच संबंधों और विश्वास को बढ़ाने में योगदान देगा।" आपको बता दें कि भारत ने तालिबान शासन को मान्यता न देने के बावजूद, अफगानिस्तान को अपना समर्थन जारी रखा है। अगस्त 2021 में तालिबान ने अफगानिस्तान में दोबार कब्जा कर किया था।
सबसे अधिक भूटान को मिला हिस्सा
भारत ने कई बार अफगानिस्तान के साथ ऐतिहासिक संबंध बनाए रखने की दिशा में कोशिशें की हैं। भारत ने कई बार अफगान लोगों के लिए गेंहू, वैक्सीन और मानवीय मदद भेजी हैं। बुधवार को संसद में पेश किए गए भारतीय केंद्रीय बजट में, विकास साझेदारी पोर्टफोलियो को विदेश मंत्रालय के कुल बजट का 32.40% हिस्सा मिला। भारत के सहायता पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा हिस्सा भूटान को मिला है। भारत ने भूटान को 2400 करोड़ रुपए की सहायता राशि का ऐलान किया है। यह विदेश मंत्रालय की विकास सहायता राशि का लगभग 41.04 फीसदी और अफगानिस्तान को मिली सहायता राशि का बारह गुना है। विदेश मंत्रालय की तरफ से 18,050 करोड़ रुपए की सहायता राशि इस साल बजट में तय की गई है। यह पिछले साल की तुलना में 4.64 फीसदी अधिक है।
हेरात में अफगान संसद बनाएगा भारत
शाहीन ने यह भी कहा कि पहले भारत की तरफ अफगानिस्तान में कई तरह के प्रोजेक्ट्स के लिए फंड उपलब्ध कराया जा रहा था। अब अगर भारत एक बार फिर से इन प्रोजेक्ट्स को शुरू करता है तो इसकी वजह से दोनों देशों के रिश्ते और सुधरेंगे। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच जो भरोसा कम हुआ है, वह भी सुधर सकेगा। आपको बता दें कि भारत ने हेरात प्रांत में 'संसद' और 'भारत-अफगानिस्तान मैत्री बांध' बनाने की जिम्मेदारी ली है। इससे पहले तालिबान की वार्ता टीम का हिस्सा रहे शाहीन ने कहा कि अफगानिस्तान के लोग इस समय गरीबी और बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। ऐसे में उन्हें पहले से और अधिक विकास और पुनर्निमाण योजनाओं की आवश्यक्ता है।












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