काबुल के करीबी शहर गजनी पर तालिबान का कब्जा, 90 दिनों में गिरेगी अफगानिस्तान सरकार ?
गजनी शहर काबुल-कंधार राजमार्ग के पास स्थित है, जो अफगानिस्तान की राजधानी काबुल को उन इलाकों से जोड़ता है, जहां तालिबान ने कब्जा कर रखा है।
काबुल, अगस्त 12: अफगानिस्तान में तालिबान ने अब प्रमुख शहर गजनी पर नियंत्रण कर लिया है, जो देश की राजधानी और सत्ता की सीट काबुल से सिर्फ 150 किलोमीटर दूर है। गुरुवार सुबह समाचार एजेंसी एएफपी ने एक वरिष्ठ अफगान सांसद के हवाले से दावा किया है कि अफगानिस्तान की राजधानी के बेहद करीबी शहर पर तालिबान ने कब्जा जमा लिया है। गजनी पर कब्जा करने के साथ ही सिर्फ एक हफ्ते में तालिबान ने अफगानिस्तान के 10 प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा जमा लिया है।
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काबुल के करीब पहुंचा तालिबान
गजनी पर कब्जे के साथ ही अब सवाल ये उठने लगे हैं कि कि आखिर अफगानिस्तान सरकार कब तक खैर मनाएगी? गज़नी शहर पर तालिबान के कब्जे ने तेजी से बिगड़ती राजनीतिक स्थिति के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका को टेंशन में डाल दिया है, क्योंकि खुफिया अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि सिर्फ 90 दिनों के अंदर तालिबान पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा जमा सकता है। एएफपी ने गजनी की प्रांतीय परिषद के प्रमुख नासिर अहमद फकीरी के हवाले से कहा है कि, "तालिबान ने शहर के प्रमुख सरकारी स्थलों, जैसे राज्यपाल कार्यालय, पुलिस मुख्यालय और जेल पर नियंत्रण कर लिया है।" उन्होंने कहा कि, हालांकि शहर के कुछ हिस्सों से संघर्ष की खबरें आ रही हैं, लेकिन इस समय प्रांतीय राजधानी काफी हद तक तालिबान के नियंत्रण में है।

बेहद महत्वपूर्ण है गजनी शहर
गजनी शहर काबुल-कंधार राजमार्ग के पास स्थित है, जो अफगानिस्तान की राजधानी काबुल को उन इलाकों से जोड़ता है, जहां तालिबान ने कब्जा कर रखा है। यह संभावना है कि गजनी के पतन से अफगान वायु सेना पर काफी ज्यादा दबाव पड़ेगा, जो पहले से ही तालिबान से निपटने में काफी परेशानी का सामना कर रही है। क्योंकि तालिबान ने देश भर की प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा करने का सिलसिला और तेज कर दिया है। एक हफ्ते से भी कम समय में तालिबान के हाथ ऐसे 10 शहर लग गये हैं, जो ना सिर्फ रणनीतिक रूप से काफी अहम है, बल्कि तालिबान ने अफगानिस्तान के उत्तर में स्थिति सबसे बड़े शहर, मजार-ए-शरीफ पर भी कब्जा जमा लिया है, जहां सबसे ज्यादा तालिबान विरोधी लोग रहते हैं।

बस 3 महीने और बाकी
रॉयटर्स के अनुसार एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने बुधवार देर रात देश के खुफिया सूत्रों का हवाला देते हुए अनुमान लगाया है कि करीब तीन महीने में तालिबान काबुल पर कब्जा जमा सकता है। अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि तालिबान जितनी तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है और जिस तरीके से उसे आगे बढ़ने दिया जा रहा है, उससे लगता है कि अफगानिस्तान सरकार के पास सिर्फ 3 महीने का वक्त है और 3 महीने के अंदर तालिबान के आतंकी देश की राजधानी काबुल पर कब्जा जमा सकते हैं।

अमेरिकी सेना की वापसी जारी
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अफगानिस्तान से सभी सैनिकों को वापस लेने की अमेरिकी योजना में किसी भी बदलाव से इनकार किया है, जबकि तालिबान समूह ने युद्धग्रस्त देश के बड़े हिस्से पर तेजी से नियंत्रण हासिल कर लिया है। जो बाइडेन ने कहा है कि अफगान नेताओं को अपने और अपने देश के लिए लड़ने की जरूरत है। अप्रैल में जो बाइडेन ने अमेरिका के सबसे लंबे युद्ध को समाप्त करने के लिए 11 सितंबर तक अफगानिस्तान से सभी अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने का आदेश दिया था। अमेरिकी सेना के मदद करने वालों और सैनिकों के तमाम उपकरणों को अफगानिस्तान से करीब करीब बाहर निकाल लिया गया है, वहीं 31 अगस्त से पहले अफगानिस्तान से एक-एक अमेरिकी सैनिक बाहर निकल जाएंगे। वहीं, जो बाइडेन से जब व्हाइट हाउस में सवाल पूछा गया कि क्या तालिबान की बढ़की ताकत देखकर वो अमेरिकी सेना की वापसी को रोकने के बारे में सोच रहे हैं, तो जो बाइडेन ने साफ तौर पर कहा दिया ''नहीं''।

अमेरिका ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस में एक सवाल के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि ''देखिए, हमने 20 सालों में एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक अफगानिस्तान में खर्च किए हैं। हमने 3 लाख से ज्यादा अफगान सुरक्षा बलों को ट्रेनिंग की है और उन्हें हथियारों से सुसज्जित किया है और अफगान नेताओं को अब आगे आना होगा।'' जो बाइडेन ने कहा कि ''इस लड़ाई में हमने हजारों जानें गंवाए हैं, लिहाजा अब अफगानिस्तानियों को खुद अपने लिए लड़ना है"देखो, हमने 20 वर्षों में एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक खर्च किए हैं। हमने 300,000 से अधिक अफगान बलों को प्रशिक्षित और सुसज्जित किया। लिहाजा अफगान नेताओं को साथ आना होगा। और अफगान के लोगों को खुद अपने लिए अपने देश के लिए लड़ना होगा।''












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