Syria Civil War: सीरिया गृहयुद्ध में अमेरिका क्या करे? विदेश नीति के अहम मोर्चे पर फिर कनफ्यूज जो बाइडेन
Syria Civil War: बाइडेन प्रशासन की अब विदाई होने वाली है, लेकिन अपने चार सालों के कार्यकाल के दौरान राष्ट्रपति जो बाइडेन की सबसे कड़ी आलोचना अगर की जानी चाहिए, तो वो उनकी विदेश नीति को लेकर।
अफगानिस्तान से लेकर यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट से लेकर अब सीरिया युद्ध, हर एक बार बाइडेन प्रशासन को कनफ्यूज देखा गया है और उसने बार बार अपने ही फैसलों से पलटी मारी गई है। सीरिया में अब जबकि एक बार फिर से गृहयुद्ध शुरू हो चुके हैं और विद्रोहियों ने महत्वपूर्ण अलेप्पो शहर पर कब्जा कर लिया है, तो बाइडेन प्रशासन इस उधेड़बुन में फंसा हुआ है, कि आखिर सीरिया को लेकर उसकी नीति क्या होनी चाहिए?

बाइडेन प्रशासन की दुविधा की इंतहा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है, कि क्योंकि अभी तक सीरिया गृहयुद्ध को लेकर उसने कोई कदम नहीं उठाए हैं, जबकि अमेरिका के 1000 सैनिक अभी भी सीरिया में मौजूद हैं।
सीरिया को लेकर कनफ्यूजन में बाइडेन प्रशासन
पेंटागन के प्रेस सचिव मेजर जनरल पैट राइडर ने सोमवार को विद्रोही समूह द्वारा अचानक किए गए हमले से संयुक्त राज्य अमेरिका को अलग कर दिया, जिसने सीरियाई शासन से अलेप्पो पर कब्ज़ा कर लिया है। सीएनएन के मुताबिक, राइडर ने कहा, "मैं स्पष्ट कर दूं कि उत्तर-पश्चिमी सीरिया में अलेप्पो और उसके आस-पास चल रहे अभियानों में अमेरिका किसी भी तरह से शामिल नहीं है, जैसा कि आप जानते हैं, कि इनका नेतृत्व हयात तहरीर अल-शाम (HTS) कर रहा है, जो एक नामित आतंकवादी संगठन है और अमेरिका तनाव कम करने का आग्रह कर रहा है।"
अमेरिका के लिए स्थिति को और कठिन बनाने वाला राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन का CNN को दिया गया बयान था, जिसमें उन्होंने कहा, कि "सीरियाई शासन पर हमला करने वाले विद्रोही बलों को अमेरिका ने आतंकवादी संगठन घोषित किया है।"
उन्होंने कहा कि "साथ ही, हम इस बात पर रोना नहीं रोते, कि रूस, ईरान और हिज्बुल्लाह द्वारा समर्थित असद सरकार को कुछ खास तरह के दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए, यह एक जटिल स्थिति है। हम इस पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और हम इस बारे में क्षेत्रीय भागीदारों के साथ निकट संपर्क में हैं।"
सीरिया की राजनीति को अगर सरल भाषा में समझें, तो अभी वहां के राष्ट्रपति बशर अल-असद हैं, जिन्हें क्रूर तानाशाह माना जाता है और उन्हें ईरान, ईरानी प्रॉक्सी हिज्बुल्लाह और रूस का समर्थन हासिल है। जबकि, तुर्की उनके खिलाफ है और अमेरिका सीरिया में एक अलग समूह को समर्थन देता है, जिसका नाम सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्स है, जो देश में कामिशी और रक्का जैसे दो बड़े क्षेत्रों पर कंट्रोल रखते हैं।
यूक्रेन में फंसा रूस भी सीरिया में एक्टिव
सीरिया में असद प्रशासन को रूस का समर्थन हासिल है और यूक्रेन जंग में फंसे होने के बाद भी रूस ने विद्रोहियों के खिलाफ अलेप्पो शहर में बमबारी की है। रूस, राष्ट्रपति बशर अल-असद की सीरियाई शासन व्यवस्था का मुख्य समर्थक है। राइडर ने बताया, कि इराक और सीरिया में ISIS को हराने के लिए गठबंधन में लड़ रहे अमेरिका ने पहले से स्थापित हॉटलाइन पर रूसी अधिकारियों के साथ बातचीत की है।
राइडर ने कहा, "मैं उन वार्तालापों के बारे में विस्तार से नहीं बताऊंगा, सिवाय इसके, कि हमारे पास संभावित गलत अनुमान को रोकने के लिए संचार तंत्र है।"
सीरिया गृहयुद्ध को लेकर कहा जा रहा है, कि अगर विद्रोही आगे बढ़ते हैं, तो राष्ट्रपति असद की सरकार गिर भी सकती है, क्योंकि इजराइल-हमास जंग में फंसे ईरान और यूक्रेन जंग में फंसे रूस के लिए सीरिया में ताकत के साथ शामिल होना संभव नहीं है और विद्रोही बलों को तुर्की का मौन समर्थन हासिल है, ऐसी स्थिति में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है, कि मौका मिलते ही विद्रोही बल, राष्ट्रपति असद को सत्ता से बेदखल कर दे।












Click it and Unblock the Notifications