सुनीता विलियम्स-बुच विल्मोर कब जाएंगे व्हाइट हाउस? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया प्लान
Sunita Williams: नासा के एस्ट्रोनॉट्स बुच विल्मोर और भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स आखिरकार 9 महीने के लंबे इंतजार के बाद धरती पर लौट आए हैं। 19 मार्च 2025 को इनकी सकुशल वापसी हुई है। अंतरिक्ष में फंसे रहने के बाद उनकी वापसी से अमेरिका के साथ-साथ भारत में भी खुशी की लहर है।
"स्पेस में रहने से शरीर पर होता है असर"
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में जब ट्रंप से पूछा गया कि विलमोर और विलियम्स को व्हाइट हाउस कब बुलाया जाएगा, तो उन्होंने जवाब दिया, "उन्हें पहले ठीक होना होगा। जब आप इतने लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहते हैं, तो आपका शरीर प्रभावित होता है। वहां कोई ग्रैविटी नहीं होती, आपकी मांसपेशियों में ताकत नहीं रहती। वे जल्द ही ठीक हो जाएंगे और फिर ओवल ऑफिस में आएंगे।"

ट्रंप ने किया वादा पूरा?
ट्रंप प्रशासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट किया, "PROMISE MADE, PROMISE KEPT: राष्ट्रपति ट्रंप ने वादा किया था कि अंतरिक्ष में फंसे एस्ट्रोनॉट्स को वापस लाया जाएगा। आज वे सुरक्षित अमेरिका लौट आए हैं, इसके लिए @ElonMusk, @SpaceX और @NASA का धन्यवाद!"
अनिश्चितता से भरी 9 महीने की यात्रा
बुच विलमोर और सुनीता विलियम्स को केवल कुछ दिनों के मिशन के लिए भेजा गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से उनकी वापसी में 278 दिनों की देरी हो गई। इस दौरान उन्होंने 4,576 बार पृथ्वी का चक्कर लगाया और लगभग 121 मिलियन मील (195 मिलियन किलोमीटर) की यात्रा पूरी की। सुनीता विलियम्स ने इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष स्टेशन की कमान भी संभाली।
अंतरिक्ष में भविष्य की योजनाएं
नासा ने स्पेसएक्स और बोइंग जैसी निजी कंपनियों को अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाने और वापस लाने के लिए अनुबंध दिया है। 2030 तक, जब अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को बंद कर दिया जाएगा, तब तक प्राइवेट कंपनियां नए अंतरिक्ष स्टेशनों के संचालन की जिम्मेदारी ले सकती हैं। नासा तब चंद्रमा और मंगल मिशन पर ध्यान केंद्रित करेगा।
अब सवाल यह है कि क्या ट्रंप प्रशासन इस ऐतिहासिक घटना को अपने चुनाव प्रचार के लिए इस्तेमाल करेगा? और क्या अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने वाले एस्ट्रोनॉट्स के लिए भविष्य में नई तकनीकों को विकसित किया जाएगा?












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