स्‍टडी में किया गया दावा: दूसरी खुराक के छह महीने बाद Moderna की कोरोना वैक्‍सीन 90% प्रभावी

नई दिल्‍ली। एक स्‍टडी में दावा किया गया है कि मॉडर्ना की कोरोना वैक्‍सीन ना सिर्फ संक्रमण रोकने में प्रभावी है बल्‍कि इंसानों को बीमार होने से भी बचा रही है। स्‍टडी में यह भी कहा गया है कि पहला डोज लेने के 2 हफ्ते बाद शरीर में काफी प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो रही है। स्‍टडी में कहा गया है कि मॉडर्ना वैक्‍सीन के दो डोज लेने के बाद कोरोना संक्रमण के खिलाफ 90 फीसदी सुरक्षा मिलती है। कंपनी ने अपने एक स्‍टेटमेंट में कहा है कि कंपनी के वैरिएंट-विशिष्ट वैक्सीन उम्मीदवारों के एक प्रीक्लिनिकल अध्ययन के नए परिणामों से पता चला है कि कंपनी के वैरिएंट-विशिष्ट बूस्टर वैक्सीन लेने वाले (mRNA-1273.351 और mRNA-1220.211) SARS-CoV-2 वेरिएंट के खिलाफ न्यूट्रलाइजिंग टाइटर्स बढ़ाते हैं।

स्‍टडी में किया गया दावा: दूसरी खुराक के छह महीने बाद Moderna की कोरोना वैक्‍सीन 90% प्रभावी

आपको बता दें कि आज तक, कंपनी ने वैक्सीन की लगभग 132 मिलियन खुराक विश्व स्तर पर वितरित की है। कंपनी ने कहा कि वैक्‍सीन का प्रभाव दूसरी खुराक के बाद दो सप्ताह से शुरू हो रही है और स्‍टडी किए गए मामलों के आधार पर पूर्व अद्यतन के अनुरूप है, जिसमें कोरोना के सभी मामलों में 90% से अधिक शामिल है। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन की स्टडी में यह जानकारी दी गई है। इससे पहले सामने आए क्लिनिकल ट्रायल की स्टडी में कहा गया था कि कोरोना वैक्सीन का शॉट मरीजों को बीमार होने, अस्पताल में भर्ती होने और मौत से बचाने के मामले में काफी प्रभावी साबित हुआ है।

द हिल के मुताबिक मॉडर्ना अपने वैक्सीन को अमेरिका द्वारा पूरी तरह से अनुमोदित करने के लिए काम कर रहा है क्योंकि यह केवल खाद्य और औषधि प्रशासन से आपातकालीन प्राधिकरणों के अधीन है।

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