'स्वर्ग से आए चावल': चीन में हो रही है चांद से लाए चावलों की खेती, जानिए कैसा रहा परिणाम

बीजिंग, जुलाई 14: चीन अपनी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के साथ गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण पर जोर दे रहा है। अब बीजिंग ने अपनी खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चांग-5 मिशन के साथ चंद्रमा की यात्रा से लौटे चावल के बीजों को उगाने की मंजूरी दे दी है। राज्य टेलीविजन के अनुसार, वैज्ञानिकों ने 40 ग्राम बीज से चावल की खेती शुरू की है। वे अब फसल का अध्ययन करने की प्रक्रिया में हैं ताकि देश भर में खेती के लिए स्वीकृत सर्वोत्तम किस्म के बीजों की पहचान की जा सके। चीन की विशाल आबादी और उपभोग्य सामग्रियों की मांग के बीच खाद्य सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है।

चीन उगा रहा है स्पेस राइस

चीन उगा रहा है स्पेस राइस

चांद से वापस लौटे इन चावलों को चीनी प्रशासन 'स्वर्ग से आए चावल' नाम दिया है। इन बीजों ने पिछले नवंबर में चंद्रमा तक की 7,60,000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा की थी और चीन के चांग -5 की 23 दिनों की उड़ान के बाद 17 दिसंबर को पृथ्वी पर लौट आए। दक्षिण चीन कृषि विश्वविद्यालय (एससीएयू) में प्लांट स्पेस ब्रीडिंग के नेशनल इंजीनियरिंग रिसर्च सेंटर में सीडलिंग विकसित की। (Photo: CGTN)

इस लिए खास है ये स्पेस राइस

इस लिए खास है ये स्पेस राइस

यात्रा के दौरान, बीज ब्रह्मांडीय विकिरण और शून्य गुरुत्वाकर्षण के अलावा हिंसक सनस्पॉट गतिविधि के संपर्क में थे। चीनी शोधकर्ताओं का मानना है कि इनमें से कुछ बीज उत्परिवर्तित हो सकते हैं और उच्च पैदावार और बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन कर सकते हैं।रिसर्च सेंटर के उप निदेशक गुओ ताओ ने चाइना मीडिया ग्रुप को बताया कि सबसे अच्छे बीज प्रयोगशालाओं में पैदा किए जाएंगे और बाद में खेतों में लगाए जाएंगे।

स्पेस राइस इसलिए उगा रहा है चीन

स्पेस राइस इसलिए उगा रहा है चीन

उन्होंने बताया कि, इस प्रक्रिया से चावल की नई किस्मों की पेश करने की उम्मीद है जो चीन में अनाज उत्पादन को बढ़ावा देगी और प्रजनन उद्योग की दक्षता को बढ़ाएगी। विशेषज्ञों ने कहा है कि केवल उच्च उपज देने वाली, उच्च गुणवत्ता वाली किस्में जो रोगों के लिए प्रतिरोधी साबित होती हैं, उन्हें आधिकारिक तौर पर स्थिर किस्मों के रूप में मान्यता दी जाएगी। फिर इन्हें बड़े पैमाने पर लगाया जाएगा और हजारों घरों को प्रदान किया जाएगा।

इस कदम से अंतरिक्ष अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा

इस कदम से अंतरिक्ष अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा

ग्लोबल टाइम्स ने अंतरिक्ष विश्लेषक वांग यानान के हवाले से कहा कि, अंतरिक्ष स्टेशन पर लंबे समय तक मानव रहने के साथ, शोधकर्ता अंतरिक्ष में एक स्व-पुनर्चक्रण पारिस्थितिकी तंत्र का परीक्षण करने के लिए प्रयोग करने की उम्मीद कर रहे हैं। इस कदम से अतंरिक्ष में रहने की लागत में बहुत कटौती होगा और भविष्य की मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ानों के लिए आवश्यक संसाधनों को कम करेगा। इससे अधिक गहरे अंतरिक्ष अन्वेषणों को वैधता मिलेगी। जिसमें चंद्र अनुसंधान आधार का निर्माण और मंगल पर मानवयुक्त मिशन शामिल हैं।

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