South Korea के पूर्व राष्ट्रपति की पत्नी Kim Keon के काले कारनामे खुले! 15 साल बताएंगी जेल में?
South Korea की पूर्व प्रथम महिला किम केओन ही, जो महाभियोग झेल चुके पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल की पत्नी हैं, इन दिनों बड़े कानूनी संकट में हैं। उन पर राज्य के मामलों में दखल देने, महंगे गिफ्ट्स और पैसे के बदले घूस लेने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। मामला देश की राजनीति और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
एक साल चली जांच अब खत्म
एक विशेष अभियोजक ने सोमवार, 29 दिसंबर को जानकारी दी कि इस मामले की जांच रविवार को पूरी हो गई है। यह जांच पिछले एक साल से चल रही थी और इसमें पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल द्वारा मार्शल लॉ लगाने सहित इस शक्तिशाली दंपति से जुड़े कई विवाद शामिल थे।

अभियोजन पक्ष ने मांगी 15 साल की सजा
अभियोजन पक्ष ने किम केओन ही के लिए 15 साल की जेल की सजा की मांग की है। उन पर बिचौलिया बनकर सौदे कराने, घूसखोरी और सरकारी नियुक्तियों में हस्तक्षेप जैसे आरोप लगाए गए हैं।
हिरासत में किम, लेकिन आरोपों से इनकार
किम इस समय हिरासत में हैं और उन्होंने सभी आरोपों को गलत बताया है। हालांकि, इस महीने की शुरुआत में अदालत में हुई एक सुनवाई के दौरान उन्होंने जनता को हुई असुविधा और परेशानी के लिए माफी जरूर मांगी थी।
विशेष अभियोजक का बड़ा बयान
विशेष अभियोजक मिन जूंग-की ने जांच पूरी होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "किम ने राष्ट्रपति की पत्नी होने की स्थिति का फायदा उठाया। उन्होंने पैसे और महंगे सामान स्वीकार किए और विभिन्न नियुक्तियों और नामांकन में बड़े पैमाने पर दखल दिया।"
यूनिफिकेशन चर्च पर भी रिश्वत का शक
इस मामले में यूनिफिकेशन चर्च की प्रमुख हान हक-जा पर भी आरोप लगाए गए हैं। अभियोजन का दावा है कि चर्च ने किम को प्रभाव बढ़ाने के लिए दो महंगे Chanel बैग और एक हीरे का हार जैसे कीमती सामान दिए। इसके साथ ही उन पर कुल $200000 की रिश्वत का भी आरोप है। हान हक-जा, जो अब इस मामले में मुकदमे का सामना कर रही हैं, ने साफ इनकार किया है कि उन्होंने किम को रिश्वत देने के लिए अपने चर्च को कोई निर्देश दिया था।
लोग राष्ट्रपति नहीं, पहली महिला से मिल रहे थे
सहायक विशेष अभियोजक किम ह्योंग-ग्यून ने बताया,- "अलग-अलग पृष्ठभूमि के कई लोग राष्ट्रपति के बजाय सीधे किम केओन ही से मिले। उन्होंने अपनी इच्छाएं बताईं और बदले में पैसे व महंगे सामान दिए। इसके बाद उनकी मांगें पूरी हुईं।"
पूर्व राष्ट्रपति यून पर विद्रोह भड़काने का आरोप
इस बीच, बर्खास्त किए गए राष्ट्रपति यून सुक येओल पर भी विद्रोह भड़काने का आरोप लगाया गया है। यह आरोप बेहद गंभीर है और इसमें आजीवन कारावास या यहां तक कि मौत की सजा तक हो सकती है। यून ने भी इन सभी आरोपों से इनकार किया है।
फैसलों की तारीख तय
किम केओन ही के मामले में निचली अदालत का फैसला 28 जनवरी को आने की उम्मीद है। वहीं, यून सुक येओल के खिलाफ चल रहे मामले में 2026 की शुरुआत में फैसला आने की संभावना जताई जा रही है। किम के वकीलों ने सोमवार को सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा,- "जांच किसी के कहने से खत्म नहीं होती, बल्कि अदालत में सबूतों के आधार पर पूरी होती है।"
'राजनीतिक रंग नहीं चढ़ने देंगे'
वकीलों ने आगे कहा कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रक्रियात्मक वैधता और बचाव के अधिकारों की पूरी गारंटी हो, ताकि तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश न किया जाए और मामले को राजनीतिक रंग न दिया जाए।
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