भारतीय मूल के 6 अमेरिकी सांसदों ने अमेरिकी संसद में ली शपथ, पहली बार रचा गया इतिहास, जानिए कितना बढ़ा दबदबा?
Indian Americans House of Representatives: अमेरिका की राजनीति में भारतीयों का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है और इस बार एक नया इतिहास रचा गया है। शनिवार, 4 जनवरी को छह भारतीय-अमेरिकियों ने पहली बार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य के रूप में शपथ ली है। इन छह नेताओं ने हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिनिधि सभा के लिए हुए चुनावों में जीत हासिल की थी।
यह मील का पत्थर भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका में इस अल्पसंख्यक जातीय समुदाय के लिए अब तक का सबसे बड़ा नंबर है। साथ में, वे अनौपचारिक 'समोसा कॉकस' बनाते हैं।

अमेरिका में कैसे बढ़ रहा 'समोसा कॉकस' दबदबा? (indian americans in house of representatives)
'समोसा कॉकस' का सबसे पहले इस्तेमाल राजा कृष्णमूर्ति ने किया था, जिन्होंने एक बार फिर से जीत हासिल की है और यह शब्द कांग्रेस (अमेरिकी संसद) में भारतीय मूल के सदस्यों के समूह को संदर्भित करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब 2023 में अमेरिका की राजकीय यात्रा की थी, उस वक्त अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने भी 'समोसा कॉकस' का जिक्र किया था।
कॉकस में अब छह प्रतिनिधि शामिल हैं। अमेरिकी संसद के पिछले चुनाव में भारतीय मूल के पांच नेताओं ने जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार 6 नेताओं ने जीत हासिल की है। जिनके नाम हैं, अमी बेरा, राजा कृष्णमूर्ति, रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, जेरेमी कूनी और श्री थानेदार। सबसे दिलचस्प बात ये है, कि ये सभी सांसद जो बाइडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हैं।
अमी बेरा (Ami Bera)
समोसा कॉकस की सबसे वरिष्ठ सदस्य अमी बेरा हैं, जिन्होंने कैलिफोर्निया के 7वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट के प्रतिनिधि के रूप में लगातार सातवीं बार जीत हासिल की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, कि "जब मैंने बारह साल पहले पहली बार शपथ ली थी, तब मैं कांग्रेस की एकमात्र भारतीय-अमेरिकी सदस्य था और अमेरिकी इतिहास में सिर्फ तीसरा सदस्य था। अब, हमारा गठबंधन छह सदस्यों वाला है! मैं आने वाले सालों में कांग्रेस के हॉल में और भी ज्यादा भारतीय-अमेरिकियों का स्वागत करने के लिए उत्साहित हूं!"
सुहाश सुब्रमण्यम (Suhash Subramaniam)
सुहाश सुब्रमण्यम, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में शामिल होने वाले सबसे नए भारतीय-अमेरिकी हैं, जो वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल जिले का प्रतिनिधित्व करते हैं। सुब्रमण्यम ने एक्स पर एक पोस्ट में अपने परिवार और हाउस स्पीकर माइक जॉनसन के साथ एक तस्वीर के साथ कहा, "काम का पहला दिन! 119वीं कांग्रेस में शपथ लेने पर सम्मानित महसूस कर रहा हूं और VA10 के लिए परिणाम देने के लिए काम करने को लेकर उत्साहित हूं।"
प्रमिला जयपाल (Pramila Jayapal)
वाशिंगटन राज्य के 7वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने वाली कांग्रेस की महिला सांसद प्रमिला जयपाल प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी गई पहली भारतीय-अमेरिकी महिला हैं। वह सांसदों के एक शक्तिशाली प्रगतिशील समूह के भीतर एक प्रमुख नेता हैं।
श्री थानेदार (Shri Thanedar)
मिशिगन के 13वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेसी श्री थानेदार ने हाउस फ्लोर से एक सेल्फी पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने लिखा, "सेवा के लिए तैयार।" प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब 2023 में अमेरिका की राजकीय यात्रा की थी, उस वक्त संसद में श्री थानेदार ने ही उनका स्वागत किया था।
रो खन्ना (Ro Khanna)
कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले रो खन्ना को विभिन्न हाउस कमेटियों में उनकी प्रभावशाली भूमिकाओं के लिए जाना जाता है। अपने पिछले कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई मौकों पर भारत के पक्ष में बात की थी। जब भारत ने रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदा था, उस वक्त अमेरिका में भारत पर प्रतिबंध लगाने की बात की जा रही थी, उस वक्त रो खन्ना ने अमेरिकी संसद में एक प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया था, जिसमें भारत को प्रतिबंधों से बाहर रखने की मांग की गई थी। ये बिल संसद से पास भी हुआ था।
राजा कृष्णमूर्ति (Raja Krishnamoorthi)
इलिनोइस के 8वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले राजा कृष्णमूर्ति शक्तिशाली चीन समिति के रैंकिंग सदस्य के रूप में काम करते हैं और हाउस इंटेलिजेंस कमेटी के सदस्य हैं। राजा कृष्णमूर्ति भी भारत के पक्ष में आवाज बुलंद करते रहते हैं।
रो खन्ना, कृष्णमूर्ति और जयपाल ने लगातार पांचवीं बार शपथ ली है।
हालांकि, अमेरिकी संसद में चुने जाने की आकांक्षा रखने वाले कई भारतीय अमेरिकियों को या तो प्राइमरी में या 5 नवंबर को हुए आम चुनावों में हार का सामना करना पड़ा। उनमें से कम से कम तीन महिलाएं थीं: सुशीला जयपाल, भवानी पटेल और क्रिस्टल कौल।
दलीप सिंह सौंद 1957 में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुने जाने वाले पहले भारतीय अमेरिकी थे। वे इस पद पर चुने जाने वाले पहले सिख भी थे और डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य के रूप में लगातार तीन कार्यकालों तक सेवा की। दूसरे भारतीय अमेरिकी को अमेरिकी सदन में प्रवेश करने में लगभग पांच दशक लग गए।
बॉबी जिंदल ने 2005 से 2008 तक लुइसियाना के पहले कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व किया। बाद में वे लुइसियाना के दो बार गवर्नर बने और किसी अमेरिकी राज्य के पहले भारतीय अमेरिकी गवर्नर के रूप में इतिहास रच दिया। जिंदल रिपब्लिकन टिकट पर सदन में चुने जाने वाले एकमात्र भारतीय अमेरिकी हैं।












Click it and Unblock the Notifications