भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद बोले.. तो फिर युद्ध के लिए भारत को हो जाना चाहिए चीन के खिलाफ आक्रामक
Ro Khanna on India: भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना, जिन्होंने इसी महीने भारत की यात्रा की है, उन्होंने कहा है, कि अपने रणनीतिक विरोधियों, चीन और रूस से निपटने के लिए भारत के साथ अमेरिका के संबंध काफी "महत्वपूर्ण" हैं।
रो खन्ना ने भारत से लौटने के बाद मंगलवार को रेडियो टॉक शो होस्ट ह्यू हेविट से बात की है, जहां उन्होंने भारत और अमेरिका के संबंधों को लेकर अपनी राय रखी है। आपको बता दें, कि रो खन्ना ने द्विदलीय कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का भारत में नेतृत्व किया था, जिसमें डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन, दोनों ही पार्टियों के सांसद थे।

रो खन्ना ने रेडियो टॉक शो में बात करते हुए कहा, कि "चीन और रूस, स्पष्ट रूप से अमेरिका के लिए दो रणनीतिक चुनौतियां और प्रतिद्वंद्वी हैं। इसीलिए इनसे निपटने के लिए, भारत के साथ रिश्ते बहुत महत्वपूर्ण होने वाले हैं।"
सांसद रो खन्ना ने आगे कहा, कि "मुझे लगता है, कि चीन और रूस हमेशा एक साथ नहीं रहेंगे और वो अवसर के साथ हैं, लेकिन कुल मिलाकर, हमें इस बारे में स्पष्ट नजर रखनी चाहिए, कि वे क्या कर रहे हैं।"
भारत-अमेरिका संबंधों पर क्या बोले?
वहीं, सांसद रो खन्ना ने कहा, कि अमेरिका के लिए यह उम्मीद करना गलत है, कि चीन के साथ संघर्ष के दौरान भारत, मलक्का जलडमरूमध्य को ब्लॉक कर देगा, लेकिन अगर बीजिंग ताइवान पर आक्रमण करता है, तो नई दिल्ली लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में अपनी सीमाओं पर दो मोर्चों पर युद्ध शुरू करने के लिए आक्रामक हो सकती है।
आपको बता दें, कि मलक्का जलडमरूमध्य अंडमान सागर (हिंद महासागर) और दक्षिण चीन सागर (प्रशांत महासागर) को जोड़ने वाला एक जलमार्ग है और चीन के लिए ये सबसे कमजोर नस है। अगर भारत मलक्का स्ट्रेट को ब्लॉक कर देता है, तो चीन के व्यापार का एक बड़ा हिस्सा ब्लॉक हो जाएगा और चीन को घुटने पर आने में दो दिन का भी वक्त नहीं लगेगा।
हिंद महासागर और दक्षिण चीन सागर, जिसे चीन अपना समुद्र कहता है, उसके बीच की कड़ी के रूप में, मलक्का जलडमरूमध्य भारत और चीन के बीच सबसे छोटा समुद्री मार्ग है, और इसलिए यह दुनिया में सबसे ज्यादा यात्रा वाले शिपिंग चैनलों में से एक है।
मलक्का स्ट्रेट पूरी तरह से भारत के नियंत्रण में है और मलक्का स्ट्रेट को काउंटर करने लिए ही चीन बार बार हिंद महासागर में घुसने की कोशिश करता है और म्यांमार में द्वीप का निर्माण भी कर रहा है।
रो खन्ना, जो वर्तमान में कांग्रेसनल इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष हैं, वो रिपब्लिकन पार्टी के भारतीय अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी से सहमत नहीं थे, जिन्होंने मंगलवार को कहा था, कि वह चाहते हैं कि ताइवान पर चीनी आक्रमण के मामले में भारत मलक्का जलडमरूमध्य को बंद कर दे।
वहीं, चीन स्व-शासित ताइवान को एक अलग प्रांत के रूप में देखता है, और ताइवान पर कब्जा करने के लिए बल प्रयोग करने की बात से इनकार नहीं करता है।
लिहाजा, रो खन्ना ने इस सवाल पर कहा, कि "हमें इस बारे में स्पष्ट नजरिया रखना चाहिए, कि भारत क्या करेगा या क्या नहीं करेगा। मेरा मतलब है, कि यह एक और महत्वपूर्ण बिंदु है। यह विचार, कि वे मलक्का जलडमरूमध्य को ब्लॉक करने जा रहे हैं, यह उम्मीद करना बिल्कुल अनुचित है। जापान और दक्षिण कोरिया भारत के साथ नहीं जाएंगे।"
रो खन्ना ने कहा, कि "हमारे बीच हुई बातचीत के अनुसार, हम ऐसा नहीं करने जा रहे हैं, क्योंकि आप लोम्बोक या सुंडा के माध्यम से इसे बायपास कर सकते हैं और आपको इसके लिए एशियाई समर्थन नहीं मिलेगा।"
आपको बता दें, कि लोम्बोक इंडोनेशिया के पश्चिम नुसा तेंगारा प्रांत में एक द्वीप है। यह लेसर सुंडा द्वीप समूह की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसे लोम्बोक जलडमरूमध्य अलग करता है।
रो खन्ना ने आगे कहा, कि "हम भारत से क्या उम्मीद कर सकते हैं? हम उम्मीद कर सकते हैं, कि भारत लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में अपनी सीमाओं पर आक्रामक होगा, ताकि चीन को दो-मोर्चे की चिंता हो। उन्हें भारत के साथ सीमा नियंत्रण रेखा के बारे में चिंता करनी होगी, न कि अपने सभी संसाधनों को ताइवान के संभावित आक्रमण और समुद्र की स्वतंत्रता को बाधित करने में लगाना होगा।"












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