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पाकिस्तान में भारत के दुश्मनों को कौन ‘जन्नत’ भेज रहा है? एक हफ्ते में दूसरे आतंकी की हत्या

पाकिस्तान में भारत का एक और दुश्मन मारा गया है। कश्मीर में दहशत फैलाने वाले अल बद्र के पूर्व कमांडर सैयद खालिद रजा की रविवार को कराची में उसके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई।

Sindhudesh Revolutionary Army

Image: Twitter

पाकिस्तान में भारत का एक और दुश्मन मारा गया है। कश्मीर में दहशत फैलाने वाले अल बद्र के पूर्व कमांडर सैयद खालिद रजा की रविवार को कराची में उसके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। एक हफ्ते में यह दूसरा और एक साल में यह तीसरा ऐसा मामला है, जब पाकिस्तान में इस तरह से किसी खूंखार आतंकी हत्या कर डाली गई है। इससे पहले 20 फरवरी को रावलपिंडी में हिजबुल मुजाहिद्दीन के इम्तियाज आलम की हत्या कर दी गई थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि भारत के इन दुश्मनों को पाकिस्तान में कौन ठिकाने लगा रहा है?

विदेशी साजिश होने का शक

सैयद खालिद रजा 1990 के दशक में लगभग 8 वर्षों तक आतंकी संगठन अल बद्र का कमांडर था। इसके बाद वह कश्मीर से भागकर पाकिस्तान चला आया था। वह वहीं से आतंकियों की भर्ती किया करता था। जांच में पता चला है कि शूटर वेल ट्रेंड था, उसने सैयद खालिद रजा के सीधे सिर में गोली मारी। जांच एजेंसी के मुताबिक, हमलावर ने पहले रजा की पहचान की थी, इसके बाद ये हमला किया। जांचकर्ताओं ने इसे टार्गेट किलिंग करार दिया है और इस घटना के पीछे विदेशी हाथ होने का संकेत दिया है।

SRA ने ली जिम्मेदारी

खालिद रजा पर हमले की जिम्मेदारी सिंधुदेश रिवॉल्युशनरी आर्मी नामक संगठन ने ली है। संगठन ने खालिद को कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी संगठन अल-बद्र का सदस्य करार दिया है। सिंधुदेश रिवॉल्युशनरी आर्मी यानी (SRA) पाकिस्तान में अलग सिंधु देश की मांग को लेकर आंदोलन चला रहा है। SRA आमतौर पर बलूच विद्रोहियों से अलग अपने छोटे हमलों के लिए जाना जाता है। जैसे ट्रेन की पटरियों को उड़ा देना, मोबाइल संचार टावरों को नुकसान पहुंचाना और बिजली लाइनों पर बमबारी करना लेकिन अचानक बड़े घटनाक्रमों को अंजाम देने की वजह से ये संगठन दुनिया भर में सुर्खियां बटोरने लगा है।

हाल में बड़ी घटनाओं को दिया अंजाम

इससे पहले SRA तब अधिक चर्चा में आया था जब सितंबर 2022 में कराची में एक चीनी डेंटल क्लिनिक पर हमला किया गया था। इसमें रोनाल्ड रेमंड चाउ की मौत हो गई और डॉ रिचर्ड हू और उनकी पत्नी फेन टेयिन गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि चीन ने तुरंत इनकार कर दिया कि ये लोग चीनी नागरिक नहीं थे, इस खबर ने अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरीं। इससे पहले यह संगठन अगस्त 2020 में कराची में निकाली गई एक रैली पर हुए ग्रेनेड हमले में भी शामिल था जिसमें करीब 30 लोग घायल हुए थे। SRA संगठन को वैचारिक ताकत सिंध मुत्तहिदा मूवमेंट से मिलती है।

BLA से मिलाया हाथ

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक SRA ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी से हाथ मिला लिया है। यह संगठन अक्सर अपने हमलों में पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाता है और क्षेत्र में चीन की मौजूदगी का विरोध करता है। उग्रवादी संगठन BLA भी बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने की मांग करता है। 2020 में चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का विरोध करने के उद्देश्य से चार बलूच संगठनों ने एक छाता संगठन- बलूच राजी अजोई संगर (BRAS) बनाने के लिए SRA के साथ हाथ मिलाया था। बलूच राष्ट्रवादियों की तरह, कई सिंधी भी मानते हैं कि सीपीईसी पाकिस्तान के पंजाब बहुल क्षेत्रों और चीन को लाभ पहुंचाने के लिए स्थानीय लोगों का शोषण कर रहा है।

दोनों को मिलती है एक-दूसरे से मदद

यह गठबंधन सिंधी संगठनों को युद्ध में प्रशिक्षण प्राप्त करने में मदद करता है, जबकि वे बलूच लड़ाकों को कराची और सिंध के अन्य हिस्सों में अपने अभियान चलाने के लिए रसद सहायता प्रदान करते हैं। हाल में ही पाकिस्तान में उपरी राजनीतिक संकट और देश की नीतियां विद्रोही समूहों के लिए सिंध में काम करना आसान बना रही हैं। सिंधी लोग तेजी से सिंध में अफगान प्रवासियों और अन्य जातियों को बसाने पर पाकिस्तानी सरकार के प्रति अपने असंतोष को व्यक्त कर रहे हैं।

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