चीन के पूर्व राजनयिक ने कहा अगर डोकलाम से नहीं हटे भारतीय सैनिक तो कर दी जाएगी हत्या
बीजिंग। सिक्किम में जारी तनाव पर एक पूर्व चीनी राजनयिक ने चेतावनी दी है कि अगर भारतीय सैनिक डोकलाम से नहीं हटे तो फिर या तो सैनिकों को अपहरण हो जाएगा या फिर उनकी हत्या कर दी जाएगी। आपको बता दें कि सिक्किम के डोकलाम में भारत और चीन के बीच जारी तनाव को अब एक माह से ज्यादा का समय हो चुका है। 16 जून को उस समय दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा था जब भारतीय सैनिकों ने डोकलाम में एक सड़क निर्माण कार्य को रोक दिया था।

या तो लौट जाएं नहीं तो मारे जाएंगे!
पूर्व चीनी राजनयिक ल्यू यूफा मुंबई में चीन के काउंसलेट जनरल के तौर पर कार्यरत रहे हैं। चीन, भारत के सैनिकों पर उसकी सीमा में दाखिल होने और सड़का निर्माण का कार्य रोकने का आरोप लगा रहा है। इस क्षेत्र पर भूटान भी अपना दावा करता है। चीनी के सीसीटीवी से बात करते हुए ल्यू यूफा ने कहा, 'अंतराष्ट्रीय कानून के मुताबिक मैं जो समझ रहा हूं उसके तहत वर्दी में तैनात लोग जब सीमा पार करके दूसरे देशों की सीमा में दाखिल होते हैं तो प्राकृतिक तौर पर वह दुश्मन बन जाते हैं। इन दुश्मनों को तीन तरह की स्थितियों का सामना करना पड़ता है- पहली या तो वे अपनी खुशी से वापस लौट जाएं, या फिर उन्हें पकड़ लिया जाएगा या फिर जब सीमा विवाद बढ़ेगा तो उनकी हत्या हो सकती है।' ल्यू की मानें तो वर्तमान समय में जो स्थिति है उसे सीमा विवाद का हिस्सा कहा जा सकता है लेकिन यह एक आक्रमण है। ल्यू ने एक कार्यक्रम में ये बातें कहीं और उन्होंने कहा कि चीन अब तक काफी धैर्यवान बना हुआ है।
भारत को कई बार समझाया गया
उन्होंने कहा कि जब तीन तरह की संभावनाएं हैं तो ऐसे में उन्हें लगता है कि चीनी पक्ष भारतीय पक्ष की ओर से समझदारी से विकल्प को चुनने का इंतजार कर रहा है। ल्यू ने तर्क दिया कि दोनों पक्षों के लिए यही बेहतर होगा कि दोनों ही किसी तरह के टकराव से बचने की कोशिश करें। चीनी पक्ष की ओर से अभी तक भारत को काफी समय दिया जा चुका है। अब भारत के ऊपर है कि वह समझदारी से फैसला करे। चीन चाहता है कि भारत, डोकलाम से अपनी सेनाएं हटाए तभी कोई बात हो सकेगी। वहीं भारत का कहना है कि अगर भारत ने ऐसा किया तो फिर सुरक्षा के तौर पर इसके गंभीर नतीजे होंगे। ल्यू ने भारत की चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि भारत की सेनाओं ने बिना चेतावनी दिए सीमा पार की है। उनका कहना था कि चीन हमेशा से कहता आ रहा था कि भारत ने उसके क्षेत्र में पैर रख दिया और भारत से वापस जाने को कहा गया है। लेकिन भारत ने हर बार चीन की बात को नजरअंदाज कर दिया है।












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