अमेरिका में कृपाण रखने पर सिख छात्र की गिरफ्तारी, वीडियो में देखिए, कैसे की जा रही बदसलूकी
भारतीय सांसदों ने भी विश्वविद्यालय प्रबंधन से माफी मांगने के लिए कहा है और वीडियो पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
वॉशिंगटन, सितंबर 25: दूसरे देशों को भले ही अमेरिका मानवाधिकार और धर्म को लेकर सहिष्णु बनने का उपदेश देता रहता है, लेकिन खुद अमेरिका जितनी नस्लीय हिंसा का गवाह बनता है, उसपर कम ही सवाल उठते हैं। अमेरिका में इस बार एक सिख छात्र को कृपाण रखने के लिए गिरफ्तार किया गया है और उसके साथ बदसलूकी की गई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

कृपाण रखने पर गिरफ्तारी
संयुक्त राज्य अमेरिका में हुई एक चौंकाने वाली घटना में चार्लोट शहर में उत्तरी कैरोलिना विश्वविद्यालय में एक सिख छात्र को कृपाण पहनने के आरोप में परिसर में गिरफ्तार किया गया है और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना को सबसे पहले तब सार्वजनिक किया गया, जब छात्र ने घटना का वीडियो ट्विटर पर अपलोड किया और कहा कि पुलिस ने उसे म्यान से अपना कृपाण निकालने से मना करने पर हथकड़ी लगा दी। वीडियो के कैप्शन में छात्र ने अपने साथ हुई ज्यादती को विस्तार से बताया है और लिखा है कि, "मैं इसे पोस्ट नहीं करने जा रहा था, लेकिन मुझे नहीं लगता कि मुझे @unccharlotte से कोई समर्थन प्राप्त होगा। मुझे बताया गया कि किसी ने 911 पर कॉल किया और मेरे बारे में रिपोर्ट किया गया। जिसके बाद पुलिस आ गई और मैं पुलिस को देखकर घबरा गया था। और मैं इसके लिए हड़बड़ा गया। मैंने कृपाण हटाने का विरोध किया, जिसके बाद मुझे हथकड़ी पहना दिया गया।
सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया
दुनिया भर के सिखों और अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने इस घटना पर गुस्से में प्रतिक्रिया व्यक्त की है। वहीं, इस वीडियो को वीडियो को 21 लाख बार से ज्यादा बार देखा गया है और 56,000 से ज्यादा लाइक्स और सैकड़ों टिप्पणियां इस वीडियो पर की गई हैं। वहीं, पुलिस ने छात्र के साथ जिस तरह का सलूक किया है, उसकी निंदा पूरी दुनिया में की जा रही है। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा है कि, यह "बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आपको बिना किसी उकसावे या धमकी के गिरफ्तार किया गया। कई अमेरिकी कानूनी तौर पर अपने होल्स्टर्स में छोटे हैंडगन रखते हैं, वे गिरफ्तार नहीं होते हैं। मुझे उम्मीद है कि शिकायत खारिज हो जाएगी और पुलिस की तरफ से माफीनामा जारी किया जाएगा।" वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा है कि, "इस पर गौर किया जाना चाहिए और अधिकारी को फटकार लगाई जानी चाहिए और उन्हें इस बाबत ट्रेनिंग दी जानी चाहिए, ताकि वह धार्मिक वस्तुओं को ले जाने वाले बपतिस्मा लेने वाले सिखों की वैधता को जान सके। सिखों को इन्हें कई वर्षों तक ले जाने में कभी कोई समस्या नहीं हुई।
'सिख धर्म का हो बुनियादी ज्ञान'
वही, एक ट्वीटर यूजर ने पुलिस प्रशासन को अमेरिका के बहुसांस्कृतिक समाज में धर्म की बुनियादी समझ रखने के महत्व के बारे में लिखा है और लिखा कि, "सभी को सिख धर्म और 5K'S सहित सभी धर्मों का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए"। वहीं, एक यूजर ने लिखा है कि, कृपाण पांच सिख काकरों के अभिन्न अंगों में से एक है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की वेबसाइट के अनुसार, K अक्षर से शुरू होने वाले खालसा के पांच प्रतीक हैं: केशोर लंबे बाल और दाढ़ी, कंघा, केश में एक कंघी जो इसे साफ-सुथरा रखने के लिए है। उन्होंने दुनिया को त्यागने के संकेत में इसका वर्णन किया है। कारा, एक स्टील ब्रेसलेट, कच्छ, शॉर्ट ब्रीच और कृपाण।
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भारतीय सांसदों की कड़ी प्रतिक्रिया
वहीं, भारतीय सांसदों ने भी विश्वविद्यालय प्रबंधन से माफी मांगने के लिए कहा है और वीडियो पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ट्विटर पर वीडियो साझा करते हुए, भारतीय जनता पार्टी के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने लिखा है कि, "सिख काकरों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए कई वैश्विक अभियानों के बावजूद, यह देखना निराशाजनक है कि उत्तरी कैरोलिना विश्वविद्यालय में कैंपस पुलिस ने एक सिख युवक को उसके कृपाण के लिए हिरासत में लिया है। मैं सिख छात्रों के प्रति विश्वविद्यालय के अधिकारियों के भेदभावपूर्ण रवैया की निंदा करता हूं।" वहीं, सिरसा के एक पूर्व विधायक ने लिखा है कि, "हम कैंपस पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन से @unccharlotte से माफी की मांग करते हैं, जिसने एक सिख युवक को उसके कृपाण के लिए हिरासत में लिया, जो कि सिख काकरों का एक सर्वोत्कृष्ट हिस्सा है। हम अमृतधारी छात्र को उचित सम्मान के साथ रिहा करने के लिए @IndianEmbassyUS और @MEAIndia के साथ लगातार संपर्क में हैं।" एक पूर्व विधायक सिरसा ने एक ट्वीट में कहा।












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