SCO Meeting: 'आतंकवाद को डिप्लोमेसी का हथियार ना बनाएं', एससीओ में जयशंकर और बिलावल के बीच 'बहसबाजी'
जयशंकर ने अपने उद्घाटन भाषण में पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा, कि "आतंकवाद का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता है"।

SCO Meet in India: भारत के समुद्री शहर गोवा में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर वार पलटवार हुआ है।
गोवा में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की परिषद (सीएफएम) की बैठक के दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सीमा पार से आतंकवाद का मुद्दा उठाकर सीधे तौर पर पाकिस्तान को कटघरे में खड़ा किया और सदस्य देशों से कहा, कि 'सीमा पार से आतंकी घटनाएं निश्चित तौर पर बंद होनी चाहिए।'
एस. जयशंकर ने आतंकवाद पर क्या कहा?
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हालांकि अपने उद्घाटन भाषण में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके भाषण के बाद पाकिस्तान को जबरदस्त मिर्ची लगी। पिछले हफ्ते ही कश्मीर के पुंछ में सेना के जवानों को निशाना बनाकर आतंकी हमला किया गया है, जिसको लेकर भारत ने कहा है, कि ये पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों का काम है।
शंघाई सहयोग संगठन, जिसका एक एजेंडा साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ काम करना है, उस प्लेटफॉर्म पर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, कि आतंकवाद को "सीमा पार आतंकवाद सहित सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में" रोका जाना चाहिए। जिसके बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलवाल उठे और उन्होंने भारत को आतंकवाद पर लेक्चर देने की कोशिश की।
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, कि "जब दुनिया कोविड-19 महामारी और उसके परिणामों का सामना करने में लगी हुई थी, उस वक्त भी आतंकवाद का खतरा बेरोकटोक जारी था। हमारा दृढ़ विश्वास है, कि आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता है और इसे सीमा पार आतंकवाद सहित इसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में रोका जाना चाहिए। आतंकवाद का मुकाबला करना एससीओ के मूल कार्यों में से एक है"।
आतंकवाद पर बिलबिलाए बिलावल
वहीं, भारत के अपने बहुप्रतीक्षित दौरे के दूसरे दिन विदेश मंत्रियों की परिषद (सीएफएम) को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी ने सदस्य देशों से आग्रह किया, कि वे "आतंकवाद का इस्तेमाल डिप्लोमेटिक अंक बनाने के लिए ना करें।"
बिलावल भुट्टो का ये बयान बताता है, कि एस. जयशंकर ने आतंकवाद का मुद्दा उठाकर पाकिस्तान के ना सिर्फ कमजोर नश को दबा दिया था, बल्कि भारत ने पाकिस्तान को एससीओ देशों के सामने बेनकाब भी कर दिया था। बिलावल भुट्टो ने कहा, कि "हमारे लोगों की सुरक्षा हमारी सामुहिक जिम्मेदारी है और हमें आतंकवाद को किसी हथियार की तरह डिप्लोमेटिक प्वाइंट स्कोरिंग के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।"
यानि, आतंकवाद के मुद्दे पर एससीओ की बैठक में भारत और पाकिस्तान के बीच डायरेक्ट एनकाउंटर देखने को मिला है।
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आपको बता दें, कि भारत ने जब भी पाकिस्तान के साथ रिश्ते सामान्य करने की कोशिश की है, पाकिस्तान की तरह से भारत की पीठ पर खंजर भोंका गया है। जिसके बाद मोदी सरकार ने पाकिस्तान से सभी तरह की बातचीत बंद कर रखी है। भारत ने साफ तौर पर कहा है, कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को नहीं छोड़ेगा, भारत उससे बात नहीं करेगा।












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