भारत की बादशाहत पर ब्रेक लगाने जा रहा ये मुस्लिम देश, मार्च में बन जाएगा सबसे तेज इकोनॉमी
विश्व बैंक ने खुलासा किया कि 20 देशों के समूह में सऊदी अरब सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश है। विश्व बैंक ने कहा कि सऊदी अरब में महंगाई दर 2.9 है जो जी20 देशों में सबसे कम है।

साल 2023 में भारत से 'सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था' का तमगा छिन सकता है। जल्द ही सऊदी अरब भारत को पछाड़ कर सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का टैग अपने नाम कर लेगा। इसके पीछे की अहम वजह रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से वैश्विक मांग पर बेहद बुरा असर पड़ना और तेल की बढ़ती कीमतो का सऊदी अरब को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचना है।

भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 7 फीसदी वृद्धि
शुक्रवार को सांख्यिकी मंत्रालय ने अपना आधिकारिक अनुमान जारी किया जिसके मुताबिक, मार्च में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद में 7 फीसदी की वृद्धि होगी। अरब न्यूज के मुताबिक सऊदी अरब 7.6 फीसद सकल घरेलू उत्पाद के इजाफे के साथ भारत से आगे निकल जाएगा। मार्च में खत्म होने वाले वित्तीय वर्ष तक भारत दूसरे स्थान पर आ जाएगा। आपको बता दें कि 2021-22 के दौरान भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 8.7 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई थी।

रूस-यूक्रेन युद्ध का मिला फायदा
रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से तेल और प्राकृतिक गैस की कीमते बढ़ने का फायदा सऊदी अरब को मिला ही है लेकिन इस खाड़ी देश की अर्थव्यवस्था के लगातार बढ़ने में बस यही एक वजह नहीं है। सऊदी अरब के आर्थिक विकास के लिए प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कई तरह के आर्थिक सुधार किए हैं। उन्होंने सऊदी अरब की तेल पर निर्भरता को कम करने के लिए पर्यटन, निवेश आदि क्षेत्रों पर ध्यान देना शुरू किया है। अब क्राउन प्रिंस द्वारा 'विजन 2030' के तहत किए गए सुधार धरातल पर दिखने लगे हैं।

निवेश के लिए बेहतर माहौल बना रहा सऊदी अरब
सऊदी अरब ने देश में निवेश को आकर्षित करने के लिए देश में बेहतर वातावरण तैयार किया है और प्राइवेट सेक्टर पर भी फोकस किया है। बेहद रूढ़िवादी देश के रूप में जाना जाने वाले सऊदी अरब में महिलाओं को कई अधिकार मिल रहे हैं। महिला को नौकरियों में वरीयता दी जा रही है। कुछ ही सालों में महिलाएं बढ़-चढ़ कर देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रही हैं। ऐसा दावा किया जा रहा है कि आने वाले कुछ सालों में सऊदी अरब कई विकसित देशों को पीछे छोड़ देगा।

जी20 देशों में सबसे कम महंगाई
पिछले साल दिसंबर में, सऊदी अरब ने 102 अरब सऊदी रियाल का सरप्लस बजट पेश किया, जो पिछले अनुमान से 12 अरब रियाल ज्यादा था। 2023 के बजट की मंजूरी के बाद, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा कि राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र और अर्थव्यवस्था में किए गए सुधारों की वजह से सरप्लस बजट पेश किया गया था। इससे पहले नवंबर में, विश्व बैंक ने खुलासा किया कि 20 देशों के समूह में सऊदी अरब सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश है। विश्व बैंक ने कहा कि सऊदी अरब में महंगाई दर 2.9 है जो जी20 देशों में सबसे कम है।
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