रूस को तेल मार्केट से 'OUT' करने की कोशिश! जयशंकर ने जताया अफसोस, कहा, क्या ऐसे होगा संकट का समाधान?

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अफसोस जताया है कि ईरानी और वेनेजुएला के तेल के बाद रूसी तेल को वैश्विक बाजार से बाहर करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन देशों ने नीतिगत विकल्प बनाए हैं।

नई दिल्ली, 27 सितंबर : भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान और वेनेजुएला के तेल के बाद रूसी तेल को भी वैश्विक बाजार से बाहर करने के प्रयासों पर अफसोस जताया। बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच जंग ने दुनिया में ईंधन की कमी हो गई है। वहीं, पश्चिम देश रूस और अन्य बड़े तेल निर्यातक देशों पर प्रतिबंध लगाकर ऊर्जा और ईंधन की कमी को और ज्यादा बढ़ाने का काम कर रहे हैं। जयशंकर ने विश्व समुदाय से ईंधन संकट से कैसे निपटे इस पर अपनी राय दी है। साथ ही उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि,प्रतिबंध लगाने और रूस, ईरान जैसे बड़े तेल निर्यातक देशों को बाजार से बाहर करने से संकट का समाधान कैसे होगा? (S Jaishankar has rued that attempts are being made to put Russian oil out of the global market)

रूस को बाहर करने की कोशिशों पर अफसोस जताया

रूस को बाहर करने की कोशिशों पर अफसोस जताया

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अफसोस जताया है कि ईरानी और वेनेजुएला के तेल के बाद रूसी तेल को वैश्विक बाजार से बाहर करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन देशों ने नीतिगत विकल्प बनाए हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विश्व के ताकतवर देशों से सवाल किया, तेल और गैस को देख लीजिए, अगर आप रूस, ईरान और वेनेजुएला जैस बड़े निर्यातक देशों को बाहर करते हैं तो ऐसे में दुनिया को क्या करना चाहिए? यहां सिर्फ जोखिम कम करने की बात नहीं हो रही है, हम बाजार को भी जीवित रखने की बात कर रहे हैं। ये नीतिगत विकल्प हैं। एक ऐसी व्यवस्था जिसे हम सबने (दुनिया के देशों) मिलकर बनाया है।

हमें दुनिया की राजनीति को सही करने के बारे में सोचना चाहिए

हमें दुनिया की राजनीति को सही करने के बारे में सोचना चाहिए

एस जयशंकर ने ईंधन की संकट से जूझ रही दुनिया के देशों को सीख देते हुए कहा कि, यहां ऊर्जा संक्रमण को ठीक करने की बात नहीं हो रही है। हमें दुनिया की राजनीति को सही करने के बारे में सोचना चाहिए। बता दें कि, रूस और यूक्रेन में जंग के बीच अमेरिका ने रूसी तेल के आयात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। वहीं, पश्चिम देशों ने भी इसका पुरजोर समर्थन करते हुए रूस पर प्रतिबंधों की बौछार लगा दी थी। इससे पहले भी अमेरिका ने पूर्वी एशिया में आपूर्ति के लिए लाखों डॉलर मूल्य के ईरानी तेल की अवैध बिक्री में मदद देने के आरोप में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) स्थित एक फर्म और कई एशियाई कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया था।

मार्केट से बाहर करने से क्या समस्या का हल हो जाएगा?

मार्केट से बाहर करने से क्या समस्या का हल हो जाएगा?

विदेश मंत्री एस जयशंकर दुनिया को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि,किसी भी देश पर प्रतिबंध लगाने, मार्केट से आउट करने से समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता है। अगर बाजार व्यवस्था के साथ खिलवाड़ होता है तो इसका सीधा असर सभी मुल्कों पर पड़ेगा। रूस और ईरान जैसे देशों से दुनिया को तेल और ऊर्जा की सप्लाई की जाती है। लेकिन कई ताकतवर देशों के फैसले ऐसे होते हैं जो संकट से निपटने के बजाय दुनिया को परेशानी में डालने का काम करती है। इन्हीं मुद्दों पर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दुनिया को आईना दिखाने की कोशिश की है। वह अमेरिका, पश्चिम व अन्य देशों को बताने की कोशिश कर रहे हैं कि कोई भी फैसला करने से पहले हमें वैश्विक बाजारों की परिस्थितियों का मूल्यांकन करना चाहिए।

जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों की उपेक्षा की जा रही है

जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों की उपेक्षा की जा रही है

उन्होंने बड़े संघर्ष के लिए विकसित दुनिया द्वारा की गई प्रतिबद्धता का भी खंडन किया। उन्होंने कहा कि प्रशांत क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों की उपेक्षा की जा रही है। साथ ही उन्होंने वैश्विक खाद्य संकट पर भी अपनी बात रखी।

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