'रूसी विमान ने ऑन-बोर्ड हथियारों का नहीं किया उपयोग', अमेरिकी ड्रोन मार गिराने के मामले में रूस का बड़ा बयान
रूस ने स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारा विमान हथियारों का उपयोग नहीं किया। साथ ही मानव रहित विमान के संपर्क में भी नहीं आया। सुरक्षित रूप से लौट आया।

Russia-USA: रूसी लड़ाकू विमान और अमेरिकी ड्रोन के बीच ब्लैक सी में टक्कर के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। वहीं इस बीच रूसी रक्षा मंत्रालय ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि ड्यूटी पर मौजूद वायु रक्षा बल के लड़ाकू विमानों ने घुसपैठिए की पहचान करने के लिए हाथापाई की। मास्को समयानुसार करीब 09:30 बजे MQ-9 अमेरिकी ड्रोन अनियंत्रित होकर पानी की सतह से टकरा गया। जिसके बाद ड्रोन काला सागर में गिर गया।
साथ ही रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रूसी विमान ने ऑन-बोर्ड हथियारों का उपयोग नहीं किया और मानव रहित विमान के संपर्क में भी नहीं आया। सुरक्षित रूप से अपने घरेलू हवाई क्षेत्र में लौट आया। उन्होंने कहा कि 14 मार्च की सुबह काला सागर के ऊपर उड़ते हुए एक अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन का पता लगाया। रूस ने अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने से इनकार किया है।
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वहीं, अमेरिका ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है। अमेरिका का कहना है कि रूस ने हमारे ड्रोन को मार गिराया है। अमेरिकी सेना की ओर से कहा गया है कि इस टक्कर के चलते हमे मजबूरन अपने ड्रोन को नीचे मार गिराना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार ड्रोन अंतरराष्ट्रीय एयरस्पेस पर रूटीन ऑपरेशन पर था, इसी दौरान दो रूसी जेट ने इसका रास्ता रोकने की कोशिश की। रूस ने यह असुरक्षित और अव्यवसायिक हरकत की है, जिसकी वजह से एक फाइटर जेट गिरने से बचा और एक ड्रोन क्रैश हो गया।
बताया जा रहा है कि रूसी लड़ाकू विमान Su-27 और यूएस MQ-9 ड्रोन आपस में टकरा गए, जिसकी वजह से अमेरिकी सेना को ड्रोन को अंतरराष्ट्रीय समुद्र में गिराना पड़ा। अमेरिकी सेना ने कहा कि रूसी Su-27 लड़ाकू विमान ने एमक्यू-9 रीपर को रोका और इसके प्रोपेलर को टक्कर मारी, जिसकी वजह से ड्रोन क्रैश हो गया। यह निंदनीय घटना है।
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