अफ्रीकी देशों के लिए पुतिन की विशालकाय घोषणा, 23 अरब डॉलर का कर्ज माफ, US को जड़ से उखारने की तैयारी
Russia-Africa Plan: अफ्रीकी महाद्वीप से अमेरिका को जड़ से उखारने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मेगा प्लान की घोषणा की है और 23 अरब डॉलर का कर्ज माफ करने का ऐलान किया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है, कि रूस ने अफ्रीकी राज्यों का 23 अरब डॉलर का कर्ज माफ कर दिया है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ये घोषण सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित दूसरे रूस-अफ्रीका शिखर सम्मेलन में की है, जिसका मकसद अफ्रीकी देशों में रूस के लिए बाजार खोलना है। यूरोपीय देशों की तरफ से लगाए गये गंभीर आर्थिक प्रतिबंधों के बाद रूस के लिए एशिया और अफ्रीका में खुद को स्थापित करना है, लिहाजा पुतिन का ये ऐलान काफी अहम माना जा रहा है।

पुतिन ने की मेगा प्लान की घोषणा
रूस-अफ्रीका शिखर सम्मेलन में बोलते हुए, राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, कि अफ्रीकी देशों के 90% ऋणों का निपटान कर दिया गया है, अब कोई "प्रत्यक्ष" ऋण नहीं बचा है, बल्कि कुछ वित्तीय दायित्व बचे हैं। पुतिन ने कहा, कि अफ्रीका पर रूस का ध्यान लगातार बढ़ रहा है, जो महाद्वीप पर राजनयिक उपस्थिति बढ़ाने की योजना से स्पष्ट है।
उन्होंने जोर देकर कहा, कि "यह राजनीतिक, व्यापार, मानवीय, सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्रों में अफ्रीकी देशों के साथ काम को तेज करने के लिए एक वास्तविक व्यावहारिक कदम है।"
उन्होंने कहा, कि मॉस्को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अन्य संयुक्त राष्ट्र संरचनाओं में अफ्रीकी देशों के और प्रतिनिधित्व का भी समर्थन करता है।
उन्होंने कहा, कि "दुनिया में अफ्रीका की राजनीतिक और आर्थिक भूमिका तेजी से बढ़ रही है, अफ्रीकी महाद्वीप शक्ति का एक नया केंद्र बन रहा है, जिसे सभी को ध्यान में रखना होगा।"

अफ्रीका ने पेश किया है मध्यस्थता प्रस्ताव
आपको बता दें, कि शिखर सम्मलेन में यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए अफ्रीकी देशों की तरफ से एक मध्यस्थता प्रस्ताव भी पेश किया गया है, जिसका जिक्र रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अपने भाषण में किया है।
पुतिन ने अफ्रीकी महाद्वीप की बढ़ती राजनीतिक भूमिका के उदाहरण के रूप में यूक्रेन के लिए अफ्रीकी शांति पहल का हवाला दिया और कहा, कि "यह अपने आप में बहुत कुछ कहता है, क्योंकि पहले किसी भी मध्यस्थता मिशन पर, तथाकथित विकसित लोकतंत्र वाले देशों का एकाधिकार था।"
पुतिन का ये इशारा अमेरिका की तरफ था।

यूरोपीय देशों पर पुतिन का निशाना
राष्ट्रपति पुतिन ने अफ्रीकी देशों के विकास में पिछड़ने के लिए यूरोपीय देशों पर निशाना साधा और कहा, कि अफ्रीका के विकाश में औपनिवेशिक 'विरासत' बाधा बनी है।
पुतिन के मुताबिक, औपनिवेशिक युग की विरासत और पश्चिम द्वारा अपनाई गई "फूट डालो और राज करो" की नीति की वजह से अफ्रीका के कई क्षेत्रों में स्थिति अस्थिर बनी हुई है।
उन्होंने कहा, कि "उपनिवेशवाद की कई अभिव्यक्तियां अभी तक समाप्त नहीं हुई हैं और उनका अभी भी उन शक्तियों की तरफ से इस्तेमाल किया जाता है। फाइनेंस, टेक्नोलॉजी, डिजिटल सेक्टर और फूट सिक्योरिटी में अभी भी कुछ ही देशों का एकाधिकार है, जो अस्वीकार्य है और इससे लड़ने की जरूरत है।"
उन्होंने कहा, कि अफ्रीकी महाद्वीप का विकास आतंकवाद, चरमपंथी विचारधारा के प्रसार, अंतरराष्ट्रीय अपराध और समुद्री डकैती से बाधित है, जिसके लिए पुतिन ने रूसी सेना की तरफ से अफ्रीकी सैनिकों को ट्रेनिंग देने की घोषणा की है।
पुतिन ने कहा, कि रूस ने 40 से ज्यादा अफ्रीकी राज्यों के साथ सैन्य-तकनीकी सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए और उन्हें कई प्रकार के हथियार और उपकरण प्रदान किए हैं।
उन्होंने कहा, "इन राज्यों की सुरक्षा और संप्रभुता को मजबूत करने के लिए कई उपकरणों को फ्री में दिया जा रहा है।"
वहीं, पुतिन ने लीबिया की स्थिति का भी उल्लेख करते हुए कहा, कि "लीबिया के क्षेत्र को तीसरे राज्यों के बीच टकराव का क्षेत्र बनने से रोकने के लिए वास्तविक राष्ट्रीय एकता हासिल करना महत्वपूर्ण है।"












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