कीव पर कब्जे के लिए भीषण जंग, रूस की US को धमकी, यूक्रेन को हथियार दिए तो भुगतने होंगे बुरे नतीजे

यूक्रेन ने दावा किया है कि, रूसी सैनिकों ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर कब्जा करने के लिए भीषण लड़ाई शुरू कर दी है और शरणार्थियों के गांव पर भी रूसी सैनिकों ने हमला किया है।

कीव/मॉस्को, मार्च 13: रूस ने राजधानी कीव पर कब्जा करने के लिए भीषण लड़ाई की शुरूआत कर दी है और यूक्रेन की सेना अपनी राजधानी को बचाने के लिए उसी रफ्तार से पलटवार कर रही है। वहीं, यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूसी सेना के भीषण आक्रमण को देखते हुए कहा है कि, अगर रूसी सेना कीव पर कब्जा करने के लिए आगे बढ़ती है, तो उन्हें 'मौत की लड़ाई' का सामना करना पड़ेगा।

कीव पर कब्जा के लिए भीषण लड़ाई

कीव पर कब्जा के लिए भीषण लड़ाई

यूक्रेन ने दावा किया है कि, रूसी सैनिकों ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर कब्जा करने के लिए भीषण लड़ाई शुरू कर दी है और यूक्रेनी सरकार ने दावा किया है, कि शरणार्थियों के गांव पर भी रूसी सैनिकों ने हमला किया है। वहीं, रूसी सैनिकों ने राजधानी कीव के पड़ोसी शहर इरपिन, वासिलकीव और ब्रोवरी में भीषण हमले किए हैं और अब कीव पर कब्जा करने के लिए रूस फाइनल लड़ाई शुरू कर चुका है। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति ने धमकी देते हुए कहा है कि, "अगर वे कारपेट बम बनाने और इस क्षेत्र के इतिहास को मिटाने का फैसला करते हैं.... और हम सभी को नष्ट कर देते हैं, उसके बाद ही वे कीव में प्रवेश कर पाएंगे। अगर यही उनका लक्ष्य है, तो उन्हें अंदर आने दें, लेकिन उन्हें इस जमीन पर अकेले रहना होगा"। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि, ''यूक्रेन युद्ध में करीब 1300 यूक्रेनी सैनिक मे गये हैं'', और उन्होंने पश्चिमी देशों को फिर से शांति वार्ता में शामिल होने का आग्रह किया है।

निशाने पर पश्चिमी देशों के हथियार

निशाने पर पश्चिमी देशों के हथियार

वहीं, अब रूस ने एक और बड़ी चेतावनी देते हुए साफ कर दिया है कि, अब उसके सैनिक यूक्रेन में भेजे गये पश्चिमी देशों से आए हथियाप को निशाना बना सकते हैं और रूस की ये धमकी काफी बड़ी है। क्योंकि, पश्चिमी देशों ने भारी संख्या में हथियार यूक्रेन युद्ध में यूक्रेनी सेना की मदद के लिए भेजे हैं और रूस की सेना युद्ध की शुरूआत से ही यूक्रेनी सैन्य ठिकानों को बर्बाग करते हुए आगे बढ़ रही है। रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने शनिवार को सरकारी टेलीविजन से कहा कि, "हमने संयुक्त राज्य अमेरिका को चेतावनी दी है, कि कई देशों से हथियारों की सुनियोजित पंपिंग सिर्फ एक खतरनाक कदम नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा कदम है, जो इन काफिलों को वैध लक्ष्यों में बदल देता है।"

रूस ने दी अमेरिका को धमकी

रूस ने दी अमेरिका को धमकी

रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने कहा कि, मास्को ने "यूक्रेन को मैन पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम, एंटी टैंक मिसाइल सिस्टम जैसे हथियार भारी संख्या में ट्रांसफर किए हैं और अमेरिका को अब इसके नतीजों के बारे में सोचना चाहिए।'' रयाबकोव ने कहा कि, वाशिंगटन ने मास्को की चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि, रूस और अमेरिका यूक्रेन को लेकर 'बातचीत प्रक्रिया' में शामिल नहीं हैं। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 24 फरवरी को यूक्रेन में रूसी सैनिकों को भेजा और कहा कि उनका लक्ष्य देश को "डी-नाज़िफाई" करना है। पुतिन के सैनिकों को भेजे जाने के बाद से मॉस्को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की चपेट में आ गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने बार-बार पश्चिमी शक्तियों से अपने देश को अधिक सैन्य सहायता देने का आह्वान किया है, चेतावनी दी है कि अगर मास्को पूर्ण नियंत्रण को जब्त कर लेता है तो रूस की सेना यूक्रेन की सीमाओं तक ही नहीं रुकेगी।

नाटो नहीं बनाएगा ‘नो फ्लाई जोन’

नाटो नहीं बनाएगा ‘नो फ्लाई जोन’

अमेरिका और नाटो ने यूक्रेन पर नो-फ्लाई ज़ोन को लागू करने के लिए ज़ेलेंस्की की अपील को बार-बार खारिज किया है। लेकिन, अमेरिका लगातार यूक्रेन में हथियारों की सप्लाई कर रहा है। अमेरिका के साथ साथ जर्मनी और कुछ अन्य यूरोपीय देशों ने भी यूक्रेन में हथियारों की सप्लाई की है, जिनमें अत्यधिक संवेदनशील आइटम जैसे कि कंधे से चलने वाली मिसाइलें शामिल हैं जिन्हें मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम (MANPADS) कहा जाता है। जो विमान को नीचे गिरा सकता है। इन हथियारों ने रूसी सैनिकों को भारी नुकसान पहुंचाया है और सैकड़ों रूसी टैंकों के साथ साथ दर्जनों रूसी लड़ाकू हेलीकॉप्टर्स को नष्ट किया है, लिहाजा रूस पश्चिमी देशों से होने वाली हथियारों की सप्लाई से भड़का हुआ है।

यूक्रेन को 6.5 अरब डॉलर की मदद

यूक्रेन को 6.5 अरब डॉलर की मदद

पश्चिमी हथियारों की डिलीवरी यूक्रेनियन सेना को रूस के खिलाफ भारी हमलावर बना चुकी है और अमेरिकी खुफिया विभाग की अपेक्षा कहीं अधिक प्रभावी ढंग से रूसी सेना का मुकाबला कर रही है। वहीं, अमेरिकी सीनेट ने गुरुवार को यूक्रेन की सैन्य सहायता के लिए 6.5 अरब डॉलर की मंजूरी दी है। अपने इतिहास में पहली बार, यूरोपीय संघ हथियारों की खरीद और वितरण के लिए वित्तपोषण कर रहा है, और यूरोपीय संघ के नेताओं ने कीव में 450 मिलियन यूरो ($ 502m) के हथियारों के परिवहन के लिए सहमति जताई है।

मारियुपोल में रूस का भीषण हमला

मारियुपोल में रूस का भीषण हमला

यूक्रेनी सरकार के मुताबिक, रूस की सेना ने मारियुपोल शहर पर पूरी तरह से कब्जा करने के लिए भीषण बमबारी की है और रूस की घेराबंदी की वजह से कम से कम 1500 से ज्यादा लोग मारे गये हैं और रूसी सेना ने मृतकों के शवों को अंतिम संस्कार करने से भी रोकने की कोशिश की है। वहीं, मारियुपोल के मेयर ने कहा है कि, अभी भी शहर में 4 लाख 30 हजार लोग फंसे हुए हैं, जिनके पास ना खाने को खाना है, ना पानी है और ना ही बीमार लोगों के पास जरूरी दवाइयां। मेयर ने कहा है कि, रूसी सेना लोगों को बाहर निकलने से रोक रही है। वहीं, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि, 'वे इस पर (मारियुपोल) 24 घंटे बमबारी कर रहे हैं, मिसाइलें दाग रहे हैं। यह नफरत है। वे बच्चों को मारते हैं।

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