रूस की टूट गई कमर! यूक्रेन जंग में 82 अरब डॉलर खर्च किए, नहीं निकला कोई नतीजा
फोर्ब्स का कहना है कि तेल और गैस के निर्यात से रूस का संघीय बजट राजस्व कम हो रहा है, क्योंकि रूस से अधिकांश यूरोपीय गैस बाजार ने दूरी बना ली है।
रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) ने दुनिया की तस्वीर ही बदल दी है। दुनिया में जंग की वजह से घोर ऊर्जा संकट छाया हुआ है। मॉस्को ने इस साल 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमला किया था। जंग आज भी जारी है। इस युद्ध में रूस और यूक्रेन दोनों को भारी आर्थिक और मानवीय क्षति हुई है। एक अनुमान के मुताबिक रूस ने 9 महीने की जंग में अपने वार्षिक बजट का एक चौथाई खर्च किया है। फोर्ब्स के मुताबिक, रूस ने यूक्रेन जंग पर 82 अरब डॉलर खर्च किए हैं।

रूस का एक चौथाई बजट जंग में खर्च
पिछले साल रूस का राजस्व बजट 340 बिलियन पाउंड था। इसका सीधा-सीधा मतलब यह हुआ कि मास्को ने युद्ध पर अपने वार्षिक बजट का एक चौथाई खर्च किया है। इस अनुमान में केवल रूस के सैन्य अभियान की प्रत्यक्ष लागत शामिल है। हालांकि, इसमें रक्षा खर्च या पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान को शामिल नहीं किया गया है।

रूस का राजस्व कम हो रहा है?
फोर्ब्स का कहना है कि तेल और गैस के निर्यात से रूस का संघीय बजट राजस्व कम हो रहा है, क्योंकि रूस से अधिकांश यूरोपीय गैस बाजार ने दूरी बना ली है। रूस का संघीय बजट राजस्व में कमी आने का एक बड़ा कारण यह है कि पतझड़ के मौसम में युद्ध का खर्च दोगुना हो गया है। जंग के रूस को हर महीने कम से कम 10 अरब डॉलर की जरूरत है। रूस को इतना ज्यादा खर्च इसलिए भी वहन करना पड़ रहा है क्योंकि इसी से सैनिकों के लिए वेतन का इंतजाम किया जाता है। मृतकों और घायलों के लिए मुआवजा, हथियार और गोला-बारूद खरीदना या बनाना और खोए हुए उपकरणों को बदलना शामिल है।

यहां खर्च करता है रूस
फोर्ब्स के अनुसार युद्ध के आखिरी महीने में मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की राशि 3.5 अरब डॉलर से अधिक आंकी गई थी। फोर्ब्स की गणना के मुताबिक, रूस प्रति दिन 10 हजार से 50 हजार गोले का उपयोग जंग में करता है। सोवियत-कैलिबर शेल की औसत कीमत लगभग 1,000 डॉलर है। इसलिए, अकेले तोपखाने की आपूर्ति पर रूस का खर्च 5 बिलियन डॉलर से अधिक होने का अनुमान है।

जंग जारी है....
इन सबके बीच जंग की बात करें तो, दक्षिणी यूक्रेनी शहर खेरसॉन पर रूसी गोलाबारी में 15 नागरिकों की मौत हो गई है। हाल में हुए रूसी हमले के कारण यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे तबाह कर दिए गए। इससे कीव घुटनों पर आ गया है। हालांकि, रूस को भी जंग में भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।












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