VIDEO: रूसी टीवी चैनल के पूरे स्टाफ ने On-Air दिया इस्तीफा, आखिरी प्रसारण में लिखी ये बड़ी बात
मास्को, 04 मार्च: रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग हर दिन भयानक रूप लेती जा रही है। रूस एक के बाद एक यूक्रेनी शहरों को तबाह कर रहा है। रूस के यूक्रेन पर आक्रमण की पूरी दुनिया में आलोचना हो रही है। अब पुतिन को अपने घर में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में रूस के कई शहरों में लोगों ने पुतिन के इस कदम के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं। अब एक रूसी टेलीविजन चैनल के पूरे स्टाफ ने अपने अंतिम प्रसारण में 'नो टू वॉर' के संदेश के साथ लाइव ऑन-एयर इस्तीफा दे दिया।

यूक्रेन युद्ध की कवरेज दिखाए जाने से नाराज थे अधिकारी
दरअसल रूसी अधिकारियों द्वारा यूक्रेन युद्ध के कवरेज के लिए 'टीवी रेन' के संचालन को सस्पेंड कर दिया था। अब 'टीवी रेन' चैनल के संस्थापकों में से एक नतालिया सिंदेयेवा ने अपने आखिरी प्रसारण में 'नो टू वॉर' कहा, इसके बाद चैनल के सभी कर्मचारियों ने स्टूडियो से वॉकआउट कर दिया। चैनल ने बाद में जारी अपने एक बयान में कहा कि उसने अपना ऑपरेशन 'अनिश्चित काल के लिए' निलंबित कर दिया है।

सामूहिक इस्तीफे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है
टीवी चैनल स्टाफ के सामूहिक इस्तीफे का यह वीडियो लेखक डेनियल अब्राहम ने लिंक्डइन पर शेयर किया है। सामूहिक इस्तीफे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है। इस्तीफा देने और स्टाफ के बाहर निकलने के बाद, चैनल ने 'स्वान लेक' बैले वीडियो चलाया, जिसे 1991 में सोवियत संघ के पतन के समय रूस में सरकारी टीवी चैनलों पर चलाया गया था। रूस के आखिरी उदार मीडिया कंपनी में से एक एखो मोस्किवी रेडियो स्टेशन को भी यूक्रेन में युद्ध के कवरेज को लेकर दबाव के बाद इसके बोर्ड द्वारा भंग कर दिया गया था।
‘ईको मोस्किवी' रेडियो स्टेशन भी हुआ बंद
रूस के एक अन्य मीडिया आउटलेट 'ईको मोस्किवी' रेडियो स्टेशन को भी यूक्रेन युद्ध के कवरेज लिए रूसी अधिकारियों की ओर से दबाव बनाकर बंद करा दिया गया है। इस रेडियो स्टेशन के संपादक ने गुरुवार को कहा कि दबाव के चलते हमारे बोर्ड को भंग कर दिया गया है। 'ईको ऑफ मॉस्को' के प्रधान संपादक अलेक्सी वेनेडिक्टोव ने इस सप्ताह समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि उनका रेडियो स्टेशन अपने स्वतंत्र संपादकीय लाइन को नहीं छोड़ेगा जो तीन दशकों से इसकी पहचान है। उन्होंने यह घोषणा करते हुए कहा, हमारी संपादकीय नीतियां नहीं बदलेंगी।

अमेरिका लगा चुका है प्रेस फ्रीडम के संगीन आरोप
वहीं संयुक्त राज्य अमेरिका ने बुधवार को रूस पर स्वतंत्र समाचार आउटलेट्स को प्रतिबंधित करके, रूसियों को यूक्रेन युद्ध की खबर सुनने से रोककर, 'मीडिया स्वतंत्रता और सच्चाई पर पूर्ण युद्ध' शुरू करने का आरोप लगाया। अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने एक बयान में कहा, रूस की सरकार ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म का भी गला घोंट रही है।












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