'खेलने का समय खत्म हुआ, अब तुम सैनिक हो!' पुतिन के फरमान से रूस में 'भगदड़', वीडियो वायरल
रूसी सैनिक अधिकारी जंग में शामिल होने के लामबंद हुए लोगों पर जोर-जोर से चिल्लाते हुए नजर आ रहे हैं। रूसी अधिकारी चिल्लाकर कह रहे हैं, 'बस हो गया- खेलने का समय खत्म हो गया है। अब तुम सैनिक हो!'
मास्को, 24 सितंबर : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (vladimir putin) ने यूक्रेन के खिलाफ जारी जंग के बीच (Russia Ukraine conflict) तीन लाख रिजर्व सैनिकों को लामबंद करने का ऐलान किया है। इसके बाद से देश में इसके खिलाफ प्रदर्शन हुए। वहीं, खबर के मुताबिक भारी संख्या में लोग जंग में उतरने के डर से देश छोड़कर भाग रहे हैं। पुतिन की घोषणा के बाद से पूरे देश में बड़े पैमाने पर प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। एक वायरल वीडियो में रूसी अधिकारी उन रूसी पुरुषों पर चिल्ला रहे हैं, जो जंग के लिए सैनिकों के तौर पर लामबंद हुए हैं।

खेलने का समय खत्म हो गया है। अब तुम सैनिक हो!'
जब से पुतिन ने रिजर्व सैनिकों को लामबंद करने की घोषणा की है, तब से लोग या तो इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं या फिर जंग में जाने के डर से देश छोड़कर भाग रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडिया वायरल हुआ जिसमें आप साफ देख सकते हैं कि, कैसे एक रूसी सैनिक अधिकारी जंग में शामिल होने के लामबंद हुए लोगों पर जोर-जोर से चिल्लाते हुए नजर आ रहे हैं। रूसी अधिकारी चिल्लाकर कह रहे हैं, 'बस हो गया- खेलने का समय खत्म हो गया है। अब तुम सैनिक हो!'
दहशत में आए लोग
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में रूस-जॉर्जिया, कजाकिस्तान और मंगोलिया सीमाओं पर चौकियों पर वाहनों की लंबी लाइनें भी दिखाई दे रही हैं। पुतिन की घोषणा के बाद रूसियों में दहशत फैल गई, जिसने उन्हें मसौदे के डर से देश छोड़ने के तरीके खोजने के लिए मजबूर कर दिया। वहीं,रूस की सरकार का दावा है कि करीब 10 हजार लोग अपनी इच्छा से सेना में भर्ती होने के लिए सामने आए हैं। वहीं, वीडियो में आप देख सकते हैं कि, कैसे रूसी अधिकारी लोगों पर जोर-जोर से चिल्ला रहे हैं।

सैन्य लामबंदी के ऐलान के बाद देश छोड़ रहे लोग
पुतिन सैन्य लामबंदी के ऐलान के बाद से रूस के दहशत में हैं। कई लोग जंग के बारे में सोचकर भी कांप रहे हैं। वे सोच रहे हैं कि जंग में जाने पर उनकी जान भी जा सकती है। इसलिए मौत के मुंह में जाने से तो अच्छा है कि देश से बाहर निकल जाएं। वहीं, देश में इसको लेकर जोरदार प्रदर्शन भी हो रहे हैं। हालांकि, रूसी प्रशासन का दावा है कि उसने प्रदर्शन को कुचल कर रख दिया है। कुछ दिन पहले हुए प्रदर्शन के क्रम में मॉस्को में प्रदर्शनकारियों ने "NO To War और "Life to our children! 'कोई लामबंदी नहीं' के नारे लगाए थे। इस दौरान कई रूसी नागरिकों के देश छोड़कर जाने की खबरें मिल रही थीं। वहीं, कुछ पश्चिमी देशों ने सुझाव दिया है कि, राष्ट्रपति पुतिन की आंशिक लामबंदी की घोषण के बाद रूस से पलायन करने वाले लोगों को उनके देश में शरण नहीं दी जाएगी।

मैं डरा हुआ हूं!
प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा था'यहां हर कोई डरा हुआ है। मैं शांति चाहता हूं मैं बंदूक नहीं चलाना चाहता। अब बाहर आना बहुत खतरनाक है। छात्र ने प्रदर्शन के दौरान अपने सीने पर शांतिवादी प्रतीक पहने हुए था। एक दूसरे छात्र ओक्साना सिदोरेंको ने एएफपी को बताया कि वह युद्ध और लामबंदी के खिलाफ हैं। एक छात्रा ने पुतिन पर निशाना साधते हुए कहा था कि, 'वे लोग (पुतिन सरकार) मेरे लिए मेरा भविष्य क्यों तय कर रहे हैं? मैं अपने लिए, अपने भाई के लिए डरी हुई हूं।'

सैन्य लामबंदी की घोषणा का असर
इससे पहले युद्ध विरोधी आंदोलन वेस्ना यूथ डेमोक्रेटिक मूवमेंट ने प्रदर्शनों का आह्वान किया था। वेस्ना ने रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए अपनी वेबसाइट पर एक अपील में कहा था, "हम इकाइयों में और अग्रिम पंक्ति में रूसी सेना से 'विशेष अभियान' में भाग लेने से इनकार करने या जल्द से जल्द आत्मसमर्पण करने का आह्वान करते हैं।" आपको पुतिन के लिए मरने की ज़रूरत नहीं है। रूस में आपकी जरूरत उन लोगों को है जो आपसे प्यार करते हैं। अधिकारियों के लिए आप तोप के चारे की तरह हैं, जहां बिना किसी अर्थ या उद्देश्य के आपको बर्बाद किया जाएगा।
(Photo Credit : PTI & Twitter)












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