इजराइल से युद्ध की आशंका के बीच ईरान को 'भारत वाला' डिफेंस सिस्टम दे रहा रूस, पुतिन ने बिगाड़ा US का गेम?
Russia Supplying S-400 To Iran: ईरानी अधिकारियों ने कहा है, कि कहना है कि रूस ने ईरान को एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम और रडार उपकरण देना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने कहा है, कि तेहरान ने क्रेमलिन से हथियारों के लिए अनुरोध किया था, जिसके बाद ईरान को हथियारों की सप्लाई शुरू की गई है।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स के एक सदस्य और एक अन्य अधिकारी ने न्यूयॉर्क टाइम्स से पुष्टि की है, कि ईरान ने ना सिर्फ अनुरोध किया गया था, बल्कि रूस ने इसकी डिलीवरी भी शुरू कर दी है।

रूस ने उस वक्त ईरान को एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम देना शुरू किया है, जब जब मध्य पूर्व में 31 जुलाई को तेहरान में हमास के राजनीतिक नेता इस्माइल हानिया की कथित हत्या के लिए इजराइल पर सीधे ईरानी हमले की आशंका जताई जा रही है।
ईरान का आरोप है, कि हानिया की हत्या के लिए इजरायल को "दंडित" किया जाना चाहिए और उसने इजराइल के खिलाफ कार्रवाई करने की कसम खाई है, जिससे यह चिंता बढ़ गई है, कि उसकी प्रतिक्रिया से अशांत मध्य पूर्व पूरी तरह से युद्ध के करीब पहुंच सकता है। ईरानी प्रॉक्सी समूह हिजबुल्लाह ने भी पिछले सप्ताह बेरूत के पास एक हमले में अपने सैन्य नेता फुआद शुकर की हत्या के बाद लेबनान से इजरायल पर हमला करने की धमकी दी है, जिसकी जिम्मेदारी इजरायल ने ली है।
इजराइल ने कहा है, कि वह अपनी रक्षा के लिए तैयार है और किसी भी आक्रमण का जवाब देगा। वाईनेट आउटलेट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार की बैठक में, प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने देश के सुरक्षा प्रमुखों के साथ ईरानी हमले को नाकाम करने के लिए ईरान पर पहले से हमला करने के विकल्प पर चर्चा की है। सोमवार को, रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा, कि देश को ईरानी हमले की स्थिति में तुरंत आक्रामक होने के लिए तैयार रहना चाहिए।
ईरान को S-400 मिसाइल सिस्टम भेज रहा रूस
टाइम्स की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है, कि ईरान ने रूस से कौन से उपकरण मांगे थे या क्या डिलीवर किया गया है। लेकिन, ईरान के पास पहले से ही रूस निर्मित कुछ S-300 एयर डिफेंस सिस्टम है, लेकिन अब मॉस्को के पास अब ज्यादा एडवांस S-400 सिस्टम भी है। ऐसी रिपोर्ट है, कि रूस ने ईरान को एस-400 सिस्टम दिए हैं, और ये वही एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल भारत करता है।
अप्रैल में ईरान ने इजराइल पर एक अभूतपूर्व सीधा हमला किया था, जिसके बारे में उसने कहा कि यह सीरिया में एक वरिष्ठ सेना कमांडर की हत्या का बदला था, जिसके लिए उसने इजरायल को दोषी ठहराया था। करीब 300 मिसाइलों और ड्रोनों की लहर को इजराइली एयर डिफेंस सिस्टम्स ने अमेरिका और क्षेत्र में सहयोगियों और अरब देशों के सहयोग से लगभग पूरी तरह से रोक दिया था। ईरानी हमले में इजराइल को मामूली नुकसान हुआ था।
उसके बाद इजराइल ने भी ईरान के एक परमाणु स्थल के नजदीक एस-300 सिस्टम पर हमला करके ईरानी हमले का जवाब दिया था, हालांकि इजराइस ने इसकी पुष्टि नहीं की।
रूसी हथियार ईरान को देने को लेकर टाइम्स की रिपोर्ट तब आई है, जब ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा है, कि देश के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने क्रेमलिन नेता व्लादिमीर पुतिन के एक वरिष्ठ सहयोगी से कहा, कि तेहरान अपने "रणनीतिक साझेदार रूस" के साथ संबंधों का विस्तार करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पेजेशकियन ने रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु से कहा, कि "रूस उन देशों में से है, जो कठिन समय में ईरानी राष्ट्र के साथ खड़ा रहा है।"
शोइगु के साथ बैठक के दौरान रिपोर्ट की गई आगे की टिप्पणियों में, पेजेशकियन ने कहा, कि गाजा में इजराइल की "आपराधिक कार्रवाइयां" और पिछले हफ्ते तेहरान में हानिया की हत्या "सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों और विनियमों के उल्लंघन के स्पष्ट उदाहरण हैं।"
आपको बता दें, कि तेहरान सालों से मध्य पूर्व में हिज्बुल्लाह, हमास और यमन के हूती विद्रोहियों समेत कई और प्रॉक्सी समूहों को इजराइल के खिलाफ वित्तीय मदद, हथियार और प्रशिक्षण दे रहा है।












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