ब्रिटेन ने यूक्रेन में अपनी स्पेशल फोर्स को किया तैनात? रूसी मीडिया का बड़ा दावा, जांच करवाएंगे पुतिन

ब्रिटेन ने इस साल की शुरुआत में ब्रिटिश स्पेशल फोर्स की टीम यूक्रेनी सैनिकों को एंटी टैंक हथियारों का इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग देने के लिए यूक्रेन गई थी।

मॉस्को/कीव, अप्रैल 24: रूसी मीडिया के एक दावे ने सनसनी मचा कर रख दी है। रूसी मीडिया ने दावा किया है कि, ब्रिटेन ने यूक्रेनी सेना की मदद करने के लिए स्पेशल फोर्स को यूक्रेन में तैनात कर दिया है। रूसी मीडिया का ये दावा इसलिए सनसनीखेज है, क्योंकि रूस ने साफ तौर पर चेतावनी दे रखी है, कि अगर यूक्रेन युद्ध में कोई भी दूसरा देश शामिल होता है, तो फिर विश्वयुद्ध छिड़ जाएगा।

रूस करवाएगा जांच

रूस करवाएगा जांच

अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी मीडिया के दावे के बाद अब रूस ने यूक्रेन में ब्रिटिश सैनिकों की मौजूदगी की जांच करने का फैसला लिया है। रूस इस बात की जांच करेगा, कि क्या यूनाइटेड किंगडम ने अपनी स्पेशल एयर सर्विस (एसएएस) को यूक्रेन में तैनात किया है? रूस के शीर्ष इन्वेस्टिगेटिव बॉडी ने शनिवार को कहा है कि, उसने रूसी मीडिया रिपोर्ट के बाद जांच करने का फैसला लिया है, जिसमें कहा गया है कि, ब्रिटिश सैनिकों को पश्चिमी यूक्रेन स्थिति लवीव शहर में तैनात किया गया है।

रूसी मीडिया का दावा क्या है?

रूसी मीडिया का दावा क्या है?

रूस की आरआईए नोवोस्ती समाचार एजेंसी ने एक रूसी सुरक्षा सूत्र के हवाले से दावा किया है कि, ब्रिटिश सैना की स्पेशल फोर्स एसएएस के लगभग 20 सदस्य, विशेष सैन्य अभियान, निगरानी और आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए प्रशिक्षित टीम साथ काम कर रहे हैं और वो लवीव शहर में मौजूद हैं। जिसके बाद एक बयान में रूस की जांच टीम ने कहा कि, वह उस रिपोर्ट पर अनुवर्ती कार्रवाई करेगी कि ब्रिटिश स्पेशल फोर्स को "यूक्रेन के क्षेत्र में यूक्रेनी सेना की मदद के लिए भेजा गया था या नहीं? वहीं, रूसी जांच पर ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय की तत्काल कोई टिप्पणी नहीं है।

साल की शुरूआत में गये थे ब्रिटिश सैनिक

साल की शुरूआत में गये थे ब्रिटिश सैनिक

ब्रिटेन ने इस साल की शुरुआत में ब्रिटिश स्पेशल फोर्स की टीम यूक्रेनी सैनिकों को एंटी टैंक हथियारों का इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग देने के लिए यूक्रेन गई थी। लेकिन, 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूसी आक्रमण से एक हफ्ते पहले, यानि 17 फरवरी को ब्रिटेन ने कहा था कि, उसने अपने राजदूत की रक्षा के लिए आवश्यक सैनिकों को छोड़कर सभी सैनिकों को हटा लिया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि, रूस की जांच समिति ने यूक्रेन में किसी भी एसएएस की भागीदारी के जवाब में क्या कदम उठाने की योजना बनाई है।

अगर ब्रिटिश सैनिकों की मौजूदगी हुई तो...

अगर ब्रिटिश सैनिकों की मौजूदगी हुई तो...

ब्रिटेन नाटो देश का काफी अहम सदस्य है और अगर यूक्रेन में नाटो देश के सैनिकों की मौजूदगी की पुष्टि हो गई, तो ये लड़ाई काफी विध्वंसक हो सकती है, क्योंकि रूस ने पश्चिम को चेतावनी जारी करते हुए कहा था, कि वह यूक्रेन पर अपने आक्रमण के रास्ते में न आए। वहीं, अगर नाटो देश के सैनिक यूक्रेनी सेना की मदद करते हुए पाए जाते हैं, तो इसका मतलब यही होगा, कि नाटो अब इस युद्ध में आधिकारिक तौर पर शामिल हो चुका है, क्योंकि अभी तक नाटो देश यूक्रेन में सिर्फ हथियारों की सप्लाई ही कर रहे हैं।

'आवश्यक प्रशिक्षण'

'आवश्यक प्रशिक्षण'

युद्ध की शुरुआत के बाद से ही यूनाइटेड किंगडम ने यूक्रेन को एंटी शिप मिसाइल, विमान-रोधी और हल्के एंटी-टैंक हथियार प्रदान किए हैं, जो रूस के बख्तरबंद वाहनों के खिलाफ उपयोग करने के लिए मोबाइल यूक्रेनी फाइटर्स के लिए काफी उपयोगी साबित हुए हैं। ब्रिटिश सरकार ने इस सप्ताह पुष्टि की थी, कि रूसी आक्रमण की शुरुआत के बाद पहली बार यूके में कम संख्या में यूक्रेनी सैनिकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। वहीं, प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि, यूक्रनी सैनिकों ने इस महीने यूकेद्वारा सौंपे गये बख्तरबंद गश्ती वाहनों के साथ प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। प्रवक्ता ने कहा कि यूके, अपने सहयोगियों के साथ, यूक्रेनी सैनिकों को नए प्रकार के उपकरण प्रदान कर रहा था, जिनका उन्होंने पहले इस्तेमाल नहीं किया होगा।

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