रूसी सेना से 'रिहा' होंगे सभी भारतीय: PM मोदी ने ऐसी क्या बात कही, कि फौरन तैयार हो गये पुतिन?
Indians in Russian Army: प्रधानमंत्री मोदी के मॉस्को दौरे के बीच रूस ने रूसी आर्मी में भर्ती किए गये सभी भारतीयों को 'रिहा' करने और उन्हें वापस भारत भेजने का फैसला किया है, जो एक बड़ी कूटनीतिक जीत है।
पीएम मोदी के दौरे के पहले दिन रूस ने रूसी सेना में कार्यरत सभी भारतीय नागरिकों को बर्खास्त करने और उनकी वापसी की सुविधा प्रदान करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सामने यह मामला उठाया था।

रूसी सेना से 'रिहा' किए जाएंगे भारतीय
इससे पहले उम्मीद की जा रही थी, कि भारत रूस-यूक्रेन संघर्ष में दो लोगों की मौत के बाद भर्ती हुए भारतीयों के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगा और उनकी शीघ्र रिहाई की मांग करेगा और उम्मीद के मुताबिक ही प्रधानमंत्री मोदी ने किया और उसका नतीजा अब सामने भी आ गया है।
मोदी सरकार से उम्मीद थी, कि वह रूस-यूक्रेन संघर्ष में भर्ती भारतीय नागरिकों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाएगा और उनकी शीघ्र रिहाई की मांग करेगा। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 4 जुलाई को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से पहले अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के समक्ष इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया था।
जून में विदेश मंत्रालय ने कहा था, कि रूसी सेना में भर्ती हुए दो भारतीय नागरिक रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष में मारे गए हैं और भारत ने रूसी सेना में शामिल सभी भारतीय नागरिकों की जल्द रिहाई और वापसी का मामला उठाया है। जयशंकर ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए साक्षात्कार में कहा था, कि "कई भारतीयों को रूसी सेना में काम करने के लिए लगाया गया है, जब वे वापस आएंगे तभी हमें पूरी परिस्थिति का पता चलेगा। लेकिन, परिस्थितियां जो भी हों, हमारे लिए यह अस्वीकार्य है, कि भारतीय नागरिक युद्ध क्षेत्र में किसी दूसरे देश की सेना में खुद को पाएं।" उन्होंने कहा था, कि भारत इस मामले पर रूसी रक्षा मंत्रालय के संपर्क में है।
विदेश मंत्रालय ने अप्रैल में पुष्टि की थी, कि रूसी सेना में सहायक कर्मचारी के रूप में काम करने वाले भारतीय नागरिकों में से 10 भारत लौट आए हैं। 20 अन्य लोगों को कथित तौर पर आकर्षक नौकरियों के बहाने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूसी सेना के लिए लड़ने के लिए धोखा से भर्ती किया गया था।
मोदी-पुतिन में अनौपचारिक बातचीत
इस बीच, पुतिन और पीएम मोदी ने नोवो-ओगारियोवो में रूसी राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास पर अनौपचारिक बातचीत की, जहां पुतिन ने भारतीय नेता को उनके फिर से चुने जाने पर बधाई दी और इसका श्रेय मोदी के दीर्घकालिक समर्पण और प्रभावी शासन को दिया। पुतिन ने मोदी के ऊर्जावान नेतृत्व, अभिनव विचारों और भारत और उसके लोगों के लिए लाभकारी परिणाम देने की क्षमता पर उनकी तारीफ की।
रूसी राष्ट्रपति ने कहा, कि "मैं आपको प्रधानमंत्री के रूप में आपके फिर से चुने जाने पर बधाई देना चाहता हूं। मुझे लगता है, कि यह कोई दुर्घटना नहीं है, बल्कि कई वर्षों के आपके काम का नतीजा है।" पुतिन ने पीएम मोदी से मॉस्को के बाहर अपने आधिकारिक निवास पर अनौपचारिक बैठक के दौरान कहा, कि "आपके अपने विचार होते हैं। आप बहुत ऊर्जावान व्यक्ति हैं, जो भारत और भारतीय लोगों के हितों में परिणाम प्राप्त करने में सक्षम हैं... परिणाम स्पष्ट है।"
दोनों नेता आज आधिकारिक द्विपक्षीय बैठक करने वाले हैं, जिसमें आर्थिक एजेंडे, ऊर्जा और व्यापार के मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा, रूस-यूक्रेन संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान बातचीत का मुख्य केंद्र होगा। रूसी समाचार एजेंसी TASS ने भारतीय सूत्रों के हवाले से कहा है, कि "यात्रा का फोकस आर्थिक एजेंडे पर है, जिसमें ऊर्जा, व्यापार, उत्पादन और उर्वरक के मुद्दे शामिल हैं, साथ ही यूक्रेन में संघर्ष का समाधान भी शामिल है, जिसे युद्ध के मैदान में हल नहीं किया जा सकता है।"












Click it and Unblock the Notifications