भारत के दुश्मन पर भड़के ब्रिटिश पीएम उम्मीदवार ऋषि सुनक, कहा, PM बना, तो उसे छोड़ूंगा नहीं

अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन करते हुए ऋषि सुनक ने चीन को सबसे बड़ा खतरा करार दिया है और कहा है, कि अगर वो प्रधानमंत्री बनते हैं, तो वो चीन के खिलाफ काफी सख्त रहेंगे।

लंदन, जुलाई 25: भारतीय मूल के ब्रिटिश पीएम उम्मीदवार ऋषि सुनक ने चीन को सबसे बड़ा खतरा करार दिया है और उन्होंने कहा है, कि अगर वो ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री बनते हैं, तो वो चीन के खिलाफ काफी ज्यादा सख्त रहेंगे। ऋषि सुनक ने कहा है कि, वैश्विक सुरक्षा के लिए चीन सबसे बड़ा खतरा है और उससे निपटना जरूरी है।

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    Rishi Sunak का China पर कड़ा रुख, बताया बड़ा खतरा, PM बनते ही लूंगा एक्शन | वनइंडिया हिंदी | *News
    चीन-रूस पर लगे थे आरोप

    चीन-रूस पर लगे थे आरोप

    दरअसल, ब्रिटेन में नये प्रधानमंत्री के लिए चुनाव चल रहे हैं और वोटिंग का आखिरी चरण बाकी है, जिसमें सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी के दो उम्मीदवार ऋषि सुनक और लिज ट्रस के बीच मुकाबला है और लिज ट्रस ने पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक पर चीन और रूस को लेकर नरम होने का आरोप लगाया था। वहीं, चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स में लिखे गये एक लेख ने इस बहस को और भी ज्यादा बढ़ा दिया, जिसमें कहा गया था, कि 'ब्रिटेन और चीन के संबंधों को फिर से विकसित करने के लिए एक स्पष्ट और व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ ऋषि सुनक ही एकमात्र उम्मीदवार हैं।' वहीं, ब्रिटिश अखबार डेली मेल, जो सीधे तौर पर बोरिस जॉनसन के उत्तराधिकारी के तौर पर लिज ट्रस की दावेदारी का समर्थन कर रहा है, उसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि, 'ये एक ऐसा समर्थन है, जो कोई नहीं चाहता है।'

    चीन के खिलाफ ऋषि की प्रतिज्ञा

    चीन के खिलाफ ऋषि की प्रतिज्ञा

    अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन करते हुए ऋषि सुनक ने चीन को सबसे बड़ा खतरा करार दिया है और कहा है, कि अगर वो प्रधानमंत्री बनते हैं, तो वो चीन के खिलाफ काफी सख्त रहेंगे, क्योंकि वो काफी खतरनाक है। इसके अलावा उन्होंने जो प्रस्ताव पेश किए हैं, उसमें उन्होंने कहा ब्रिटेन में चल रहे चीन के 30 कनफ्यूशियस संस्थानों को बंद करने और संस्कृति और भाषा के माध्यम से सॉफ्ट तरीके से चीनी प्रभाव के विस्तार और प्रचार को रोकना शामिल है। इसके साथ ही ऋषि सुनक ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि, शिक्षा प्रतिष्ठानो में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को उखाड़ फेकेंगे और उन सभी विश्वविद्यालयों में विदेशी मदद को बंद करवा देंगे, जिसे 60 हजार डॉलर से ज्यादा की मदद मिलती है।

    चीनी जासूसों को खदेड़ने का वादा

    चीनी जासूसों को खदेड़ने का वादा

    इसके साथ ही ऋषि सुनक ने देश की जनता से वादा किया है, कि अगर वो प्रधानमंत्री बनते हैं, तो ब्रिटन की घरेलू जासूसी एजेंसी एमआई-5 का इस्तेमाल करके चीन के जासूसों को खदेड़ दिया जाएगा और वह साइबर स्पेस में चीनी खतरों से निपटने के लिए "नाटो-शैली" में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का निर्माण करना चाहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि, वह रणनीतिक रूप से संवेदनशील तकनीकी फर्मों सहित प्रमुख ब्रिटिश संपत्तियों के चीनी अधिग्रहण पर प्रतिबंध लगाने के मामले का भी अध्ययन करेंगे। ऋिष सुनक ने दावा किया कि चीन घर पर "हमारी तकनीक चुरा रहा है और हमारे विश्वविद्यालयों में घुसपैठ कर रहा है", रूसी तेल खरीदकर विदेश में व्लादिमीर पुतिन को "प्रस्तुत" कर रहा है, साथ ही ताइवान सहित पड़ोसियों को धमकाने का प्रयास कर रहा है।

    देशों को धमका रहा है चीन- सुनक

    देशों को धमका रहा है चीन- सुनक

    इसके साथ ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की दौर में शामिल ऋषि सुनक ने कहा कि, चीन ने अपने 'बेल्ट एंड रोड' परियोजना के जरिए अपमानजनक ऋण के साथ विकासशील देशों को परेशान किया है। उन्होंने कहा कि, चीन अपने शिनजियांग प्रांत में और हांगकांग में मानवाधिकारों का उल्लंघन करते हुए अपने ही लोगों को प्रताड़ित करने का काम करता है और लोगों को हिरासत में लेता है और उन्हें टॉर्चर करता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, चीन अपनी मुद्रा को दबाकर वैश्विक अर्थव्यवस्था को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार धांधली करता रहता है। इसके बाद ऋषि सुनक ने कहा कि, 'बस, अब बहुत हो गया। बहुत लंबे वक्त से ब्रिटेन और तमाम पश्चिमी देशों ने चीन के लिए लाल कालीन बिछाया है और चीन की नापाक हरकतों, गतिविधियों और महत्वाकांक्षा के खिलाफ आंखे मुंद कर रखी हैं'। उन्होंने कहा कि, 'प्रधानमंत्री बनने के बाद पहले दिन ही मैं इसे बदलूंगा'।

    क्या खुश होंगे कंजर्वेटिव सदस्य?

    क्या खुश होंगे कंजर्वेटिव सदस्य?

    ब्रिटेन में आखिरी राउंड की वोटिंग में सत्ताधारी कंजर्वेटिव पार्टी के एक लाख 60 हजार सदस्यों को ऋषि सुनक और लिज ट्रस के बीच प्रधानमंत्री का चुनाव करना है और ऋषि सुनक की चीन के खिलाफ कही गई ये बातें निश्चित तौर पर सदस्यों को खुश करने के लिए है, लेकिन सवाल ये है, कि क्या वाकई उनके पक्ष में मतदान होगा? वोटरों के बीच पहुंचने के लिए ऋषि सुनक काफी मेहनत कर रहे हैं और अपनी जमीन वापस बना रहे हैं। आपको बता दें कि, ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा, इसका ऐलान 5 सितंबर को होगा। वहीं, लिज ट्रस ने भी चीन के खिलाफ काफी सख्त बयान दिए हैं उन्होंने चीनी खतरों के खिलाफ जी7 के सदस्यों के साथ मिलकर 'आर्थिक नाटो' बनाने का आह्वान किया है और बीजिंग को प्रतिबंधों की चेतावनी दी है, अगर वो अंतर्राष्ट्रीय नियमों के खिलाफ जाता है।

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