अब भारतीय करेगा अंग्रेजों पर 'राज'! ब्रिटेन में पीएम पद की दावेदारी ठोकने वाले ऋषि सुनक कौन हैं?
दरअसल, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, क्रिस पिंचर नाम के एक सांसद की वजह से मुसीबत में फंस गये, जिन्हें बोरिस जॉनसन ने सरकार में बड़े पद पर बिठा दिया था।
लंदन, जुलाई 09: अंग्रेजो ने भारत पर 400 सालों तक राज किया और अब बारी भारतीयों की हैं। ब्रिटेन की राजनीति में पहले से ही कई भारतीय मूल के नेता ऊंचे पदों पर और ऊंचे रसूख वाले हैं, लेकिन पहली बार किसी भारतीय मूल के नेता ने ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनने के लिए दावेदारी ठोंकी है। जी हां, प्रसिद्ध भारतीय उद्योगपति और इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि सुनक ने ब्रिटेन में प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी ठोक दी है और अगर नारायण मूर्ति ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बनने में कामयाब हो जाते हैं, तो वो पहले ऐसे भारतीय मूल के नेता होंगे, जो ब्रिटेन में शीर्ष राजनीतिक पद पर पहुंचेंगे।

ऋषि सुनक ने ठोकी दावेदारी
बोरिस जॉनसन के यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद, पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने उन्हें कंजरवेटिव पार्टी के नेता और देश के पीएम के रूप में सफल बनाने के लिए अपनी दावेदारी की घोषणा कर दी है। ऋषि सुनक ने ट्विटर पर लिखा कि, "मैं कंजरवेटिव पार्टी का अगला नेता और आपका प्रधानमंत्री बनने के लिए खड़ा हूं। आइए विश्वास बहाल करें, अर्थव्यवस्था का पुनर्निर्माण करें और देश को फिर से जोड़ें।" आपको बता दें कि, ऋषि सुनक ने चांसलर ऑफ द एक्सचेकर के उच्च यूके कैबिनेट कार्यालय को संभालने वाले पहले भारतीय मूल के राजनेता के तौर पर इस सप्ताह की शुरुआत में जॉनसन कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। ऋषि सुनक, जो कथित तौर पर खर्च के बारे में प्रधानमंत्री के साथ निजी तौर पर भिड़ गए थे, उन्होंने कहा था, कि 'कोविड संकट के बीच, जब दुनिया इस महामारी के खतरनाक आर्थिक परिणामों को भुगत रही है, मेरे लिए पद छोड़ने का फैसला करना आसान नहीं था और मैंने ये फैसला हल्के में नहीं लिया है।' ऋषि सुनक के साथ साथ ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद समेत दर्जनों नेताओं ने बोरिस जॉनसन की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद बोरिस जॉनसन ने भी अपना पद छोड़ दिया।
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ब्रिटेन की राजनीति में क्यों हुआ हंगामा?
दरअसल, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, क्रिस पिंचर नाम के एक सांसद की वजह से मुसीबत में फंस गये, जिन्हें बोरिस जॉनसन ने सरकार में बड़े पद पर बिठा दिया, जबकि क्रिस पिंचर पर सेक्स अपराध को अंजाम देने का आरोप है। आरोप है कि, क्रिस पिंचर ने लंदन के पब में नशे की हालत में सेक्स अपराध को अंजाम देने की कोशिश की थी और उसके बाद भी बोरिस जॉनसन ने उसे सरकार में बड़े पद पर नियुक्त कर दिया। ये विवाद उस वक्त बढ़ा, जब खुलासा हुआ, को बोरिस जॉनसन को क्रिस पिंचर के बारे में सब पता था और उन्होंने उसके बाद भी उन्हें बड़े पद पर बिठाया, जिसे बोरिस जॉनसन ने बाद में कबूल भी किया और उसके लिए खेद भी जताया। लेकिन, ब्रिटेन के करीब 55 केन्द्रीय और राज्य मंत्रियों ने यह कहकर इस्तीफा दे दिया, कि झूठ बोलने वाले प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन पर अब उन्हें यकीन नहीं रहा।

कौन हैं ऋषि सुनक?
12 मई 1980 को जन्मे ऋषि सुनक यूनाइटेड किंगडम के बड़े राजनेता माने जाते हैं, जिन्होंने फरवरी 2020 में ब्रिटेन के वित्तमंत्री का कार्यभार संभाला था। वह कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य हैं और 2019 से 2020 तक ट्रेजरी के मुख्य सचिव के रूप में भी कार्य किया। ऋषि सुनक 2015 से उत्तरी यॉर्कशायर में रिचमंड (यॉर्क) सीट से संसद सदस्य हैं और साउथेम्प्टन में पूर्वी अफ्रीका से आए भारतीय माता-पिता के संतान हैं। उनके माता पिता पूर्वी अफ्रीका से यूनाइटेड किंगडम गये थे। ऋषि सुनक ने अपनी शिक्षा विनचेस्टर कॉलेज से प्राप्त की और बाद में उन्होंने लिंकन कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की और बाद में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से फुलब्राइट स्कॉलर के रूप में एमबीए किया।
भारत से अफ्रीका गये थे माता-पिता
ऋषि सुनक के माता पिता मूल रूप से भारत के पंजाब के रहने वाले थे और वो बाद में पूर्वी अफ्रीका चले गये थे, लेकिन फिर वो लंदन आ गये। ऋषि सुनक के पिता एक डॉक्टर थे, जबकि उनकी मां एक केमिस्ट थीं और दवा की दुकान चलाती थीं। राजनीति में कदम रखने से पहले ऋषि सुनक एक इन्वस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स और हेज फंड में काम करते थे और बाद में उन्होंने अपनी इन्वेस्टमेंट कंपनी भी बनाई। बाद में ऋषि सुनक की बनाई कंपनी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म की बाजार वैल्यू करीब 10 करोड़ पाउंड से भी ज्यादा हो गई।

गीता पर हाथ रखकर ली थी शपथ
आपको बता दें कि ब्रिटेन में काफी मशहूर हो चुके ऋषि सुनक 2017 से ही श्रीमद्भागवत गीता पर हाथ रखकर अपने पथ की शपथ लेते आए हैं और उनकी उम्र अभी सिर्फ 41 साल है। उनका परिवार पहले भारत से ईस्ट अफ्रीका गया था और फिर ईस्ट अफ्रीका से ब्रिटेन आ गया था। उनका संबंध एक साधारण परिवार से रहा है, लिहाजा, ब्रिटेन के आम नागरिकों के बीच वो काफी पसंद किए जाते हैं और उनके काम को लेकर उनकी काफी तारीफ होती है। 2020 में भी जब ब्रिटेन की एक प्राइवेट कंपनी ने सर्वे करवाया था तो ब्रिटेन की करीब 60 प्रतिशत जनता ने ऋषि सुनक को अपना पसंदीदा प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताया था।

लोकप्रियता का मिलेगा फायदा?
अगस्त 2021 में डेली मेल ने एक सर्वे कराया था, और उस रिपोर्ट के मुताबिक 47 प्रतिशत वोटर्स ने कहा था कि, अगले एक साल में ही बोरिस जॉनसन को अपना पद छोड़ देना चाहिए और ऋषि सुनक को प्रधानमंत्री का दायित्व संभाल लेना चाहिए। डेली मेल के मुताबिक, ब्रिटिश चांसलर ऋषि सुनक वोटर्स के बीच अपनी राजनीतिक समझ और अपने व्यक्तित्व को लेकर एकतरफा पसंदीदा उम्मीदवार हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि, ब्रिटेन की जनता ऋषि सुनक को एक समझदार, सुलझा हुआ, ताकतवर, काबिल और प्रधानमंत्री पद के लिए विश्वसनीय उम्मीदवार मानती है। डेली मेल के लिए पोलस्टर जेएल पाार्टनर्स ने बोरिस जॉनसन और ऋषि सुनक के बीच में ये ओपिनियन पोल करवाया था।

नारायण मूर्ति के दामाद हैं ऋषि सुनक
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान ऋषि सुनक की मुलाकात नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति से हुई थी, और फिर दोनों में प्यार हो गया था। ग्रेजुएशन के बाद ऋषि सुनक ने कई कंपनियों में काम करने के बाद द चिल्ड्रन इन्वेस्टमेंट फंड मैनेजमेंट और थेलेम पार्टनर्स में बतौर पार्टनर काम किया। बाद में उनकी शादी अक्षता मूर्ति के साथ हो गई और ऋषि सुनक ने भी ब्रिटेन की राजनीति में मजबूती के साथ कदम रख गिया। बतौर चांसलर सुनक ने देश में कोविड महामारी के आर्थिक प्रभावों के लिए सरकार की आर्थिक प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।












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