ऋषि सुनक का ब्रिटेन का PM बनना करीब करीब पक्का, दूसरे राउंड में भी बंपर जीत, आगे क्या होगा?
अगला प्रधानमंत्री कौन होगा, इसके लिए ब्रिटेन की बहुमत वाली कंजर्वेटिव पार्टी के अंदर मतदान कराया जा रहा है और नये नेता का चुनाव किया जा रहा है। पहले राउंड की वोटिंग में भी ऋषि सुनक ने भारी बहुमत हासिल किया था।
नई दिल्ली, जुलाई 15: भारत के जिगरी दोस्त संयुक्त अरब अमीरात ने समूचे भारत में इंटीग्रेटेड फूट पार्क्स नेटवर्क के निर्माण का फैसला किया है और इसके लिए यूएई भारत में 2 अरब डॉलर यानि 200 करोड़ डॉलर का निवेश करेगा। संयुक्त अरब अमीरात ने भारत में इंटीग्रेटेड फूड पार्क्स बनाने का ये फैसला 'I2U2' की बैठक के दौरान लिया है। 'I2U2' के वर्चुअल सम्मेलन में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, इजरायल के प्रधान मंत्री यायर लापिड और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने हिस्सा लिया था और चारों नेता पहली बार किसी प्लेटफॉर्म पर एक साथ आए हैं, जिसमें भारत को लेकर यूएई ने ये बड़ी घोषणा की है।

दूसरे राउंट की वोटिंग को समझिए
अगला प्रधानमंत्री कौन होगा, इसके लिए ब्रिटेन की बहुमत वाली कंजर्वेटिव पार्टी के अंदर मतदान कराया जा रहा है और नये नेता का चुनाव किया जा रहा है। पहले राउंड की वोटिंग में भी ऋषि सुनक ने भारी बहुमत हासिल किया था और दूसरे राउंड में भी उन्हें सबसे ज्यादा मत मिले हैं। दूसरे राउंड की वोटिंग में ऋषि सुनक को 101 वोट मिले हैं, जबकि 83 वोट के साथ पेनी मोर्टंड दूसरे पॉजीशन पर रहे हैं। वहीं, ब्रिटेन की विदेश मंत्री लिज ट्रस 64 वोटों के साथ तीसरे, जबकि पूर्व कैबिनेट मंत्री केमी बडेनोच 49 वोटों के साथ चौथे और बैकबेंचर टॉम तुगेंदत 32 वोटों के साथ पांचवें स्थान पर रहे हैं। आपको बता दें कि, पहले राउंड की वोटिंग में भी 88 वोटों के साथ ऋषि सुनक पहले स्थान पर रहे थे।

आगे क्या होगा, जानिए प्रोसेस
दूसरे राउंड में जिन दो दावेदारों को सबसे ज्यादा वोट मिले हैं, वो ही तीसरे राउंड में जाएंगे। इसका मतलब ये हुआ, कि तीसरे और फाइनल राउंड में ऋषि सुनक और पेनी मोर्टंड के बीच आमने-सामने का मुकाबला होगा और जिस उम्मीदवार को ज्यादा वोट मिलेंगे, वो प्रधानमंत्री बन जाएगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही विजयी उम्मीदवार को ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ दिलवाई जाएगी और उस वक्त तक बोरिस जॉनसन ही कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे। आपको बता दें कि, तय कार्यक्रम के मुताबिक, ब्रिटेन में अगले प्रधानमंत्री को 5 सितंबर को प्रधानमंत्री पद के लिए शपथ दिलवाई जाएगी और फिर 7 सितंबर को वो ब्रिटिश संसद में विपक्षी सांसदों के सवालों का जवाब देंगे। दूसरे राउंड में जीत हासिल करने के बाद ऋषि सुनक ने समर्थन करने वाले सांसदों को धन्यवाद दिया और उन्होंने लिखा कि, 'मैं अपने देश की सेवा में अपना सब कुछ देने के लिए तैयार हूं। हम एक साथ विश्वास बहाल कर सकते हैं, अपनी अर्थव्यवस्था का पुनर्निर्माण कर सकते हैं और देश को फिर से एक सकते हैं।"

तीसरे राउंड में कांटे की टक्कर?
आपको बता दें कि, तीसरे राउंड की वोटिंग उतनी आसान नहीं रहने वाली है, क्योंकि इसका चुनाव सिर्फ सांसद ही नहीं, बल्कि कंजर्वेटिव पार्टी के 2 लाख सदस्य करेंगे। यानि, दूसरे राउंड में जीतने वाले दोनों नेताओं में से कौन प्रधानमंत्री बनेगा, इसके लिए पार्टी के 2 लाख सदस्य वोट डालेंगे और फिर विजयी उम्मीदवार के नाम का ऐलान होगा। हालांकि, ऋषि सुनक, अपनी पार्टी के बाकी दावेदारों के मुकाबले ज्यादा लोकप्रिय दावेदार माने जा रहे हैं, लेकिन लगभग 900 पार्टी सदस्यों के एक YouGov सर्वेक्षण में पाया गया कि, पेनी मोर्टंड थोड़े ज्यादा पसंदीदा हैं। पार्टी के 900 नेताओं के बीच किए गये सर्वे में पेनी मोर्टंड को ऋषि सुनक पर ज्यादा बढ़त देखने को मिली थी, लेकिन माना जा रहा है, कि आखिरी दांव ऋषि सुन के नाम ही रहेगी।

कौन हैं ऋषि सुनक, जानिए
12 मई 1980 को जन्मे ऋषि सुनक यूनाइटेड किंगडम के बड़े राजनेता माने जाते हैं, जिन्होंने फरवरी 2020 में ब्रिटेन के वित्तमंत्री का कार्यभार संभाला था। वह कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य हैं और 2019 से 2020 तक ट्रेजरी के मुख्य सचिव के रूप में भी कार्य किया। ऋषि सुनक 2015 से उत्तरी यॉर्कशायर में रिचमंड (यॉर्क) सीट से संसद सदस्य हैं और साउथेम्प्टन में पूर्वी अफ्रीका से आए भारतीय माता-पिता के संतान हैं। उनके माता पिता पूर्वी अफ्रीका से यूनाइटेड किंगडम गये थे। ऋषि सुनक ने अपनी शिक्षा विनचेस्टर कॉलेज से प्राप्त की और बाद में उन्होंने लिंकन कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की और बाद में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से फुलब्राइट स्कॉलर के रूप में एमबीए किया।

गीता पर हाथ रखकर ली थी शपथ
आपको बता दें कि ब्रिटेन में काफी मशहूर हो चुके ऋषि सुनक 2017 से ही श्रीमद्भागवत गीता पर हाथ रखकर अपने पथ की शपथ लेते आए हैं और उनकी उम्र अभी सिर्फ 41 साल है। उनका परिवार पहले भारत से ईस्ट अफ्रीका गया था और फिर ईस्ट अफ्रीका से ब्रिटेन आ गया था। उनका संबंध एक साधारण परिवार से रहा है, लिहाजा, ब्रिटेन के आम नागरिकों के बीच वो काफी पसंद किए जाते हैं और उनके काम को लेकर उनकी काफी तारीफ होती है। 2020 में भी जब ब्रिटेन की एक प्राइवेट कंपनी ने सर्वे करवाया था तो ब्रिटेन की करीब 60 प्रतिशत जनता ने ऋषि सुनक को अपना पसंदीदा प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताया था।

नारायण मूर्ति के दामाद हैं ऋषि सुनक
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान ऋषि सुनक की मुलाकात नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति से हुई थी, और फिर दोनों में प्यार हो गया था। ग्रेजुएशन के बाद ऋषि सुनक ने कई कंपनियों में काम करने के बाद द चिल्ड्रन इन्वेस्टमेंट फंड मैनेजमेंट और थेलेम पार्टनर्स में बतौर पार्टनर काम किया। बाद में उनकी शादी अक्षता मूर्ति के साथ हो गई और ऋषि सुनक ने भी ब्रिटेन की राजनीति में मजबूती के साथ कदम रख गिया। बतौर चांसलर सुनक ने देश में कोविड महामारी के आर्थिक प्रभावों के लिए सरकार की आर्थिक प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।












Click it and Unblock the Notifications