दुनिया भर में तेजी से फैल रहा डेल्टा वेरिएंट, लगातार बढ़ रहे संक्रमण और मौतों के मामले- WHO प्रमुख
कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चिंता व्यक्त की है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेबियस ने कहा कि डेल्टा वेरिएंट तेजी से दुनिया भर में फैल रहा है।
नई दिल्ली, 13 जुलाई। कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चिंता व्यक्त की है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेबियस ने कहा कि डेल्टा वेरिएंट तेजी से दुनिया भर में फैल रहा है, जिसके कारण संक्रमण और इससे होने वाली मौतों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यह वायरस दुनिया के 104 देशों में फैल चुका है और जल्द ही इसके पूरे देश में फैलने की आशंका है।
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सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंन कहा कि पिछले सप्ताह वैश्विक स्तर पर कोरोना के बढ़ते मामलों में लगातार चौथे सप्ताह बढ़ोतरी दर्ज की गई। उन्होंने आगे कहा कि संगठन के 6 क्षेत्रों में से एक में भी कोरोना के मामलों में वृद्धि देखी गई। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार 10 सप्ताह की गिरावट के बाद मौतों की संख्या एक बार फिर बढ़ रही है। COVID-19 वायरस लगातार बदल रहा है और अधिक ट्रांसमिसिबल (संक्रमणीय) हो रहा है।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, 'आज मैं आपको बताना चाहता हूं कि हम एक बिगड़ती सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति का सामना कर रहे हैं जो आगे चलकर जीवन, आजीविका और एक बेहतर वैश्विक आर्थिक सुधार के लिए खतरा है। यह उन जगहों पर निश्चित रूप से बदतर है जहां बहुत कम टीके हैं, लेकिन महामारी कहीं खत्म नहीं हुई है।' उन्होंने आगे कहा कि दुनिया को इस महामारी को खत्म करन के लिए मिलकर लड़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह वेरिएंट असुरक्षित और कमजोर लोगों को निशाना बना रहा है, इसकी वजह से स्वास्थ्य प्रणाली पर एक बार फिर से दबाव बढ़ना शुरू हो गया है।
कम टीकाकरण वाले देशों में स्थिति खराब
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा कि जिन देशों में टीकाकरण कम हुआ है वहां स्थिति विशेष रूप से खराब है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कोरोना के डेल्या और अन्य तेजी से फैलने वाले वेरिएंट एक बार फिर तबाही का कारण बन सकते हैं। इनके कारण मौतों की संख्या में वृद्धि हो सकती है और अस्पतालों की स्थिति फिर से खराब हो सकती है।
उन्होंने वैक्सीन के प्रभाव के बारे में कहा कि इस महामारी ने हमें बताया है कि वैक्सीन वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ने कितनी शक्तिशाली है।
वैक्सीन की आपूर्ति में वैश्विक अंतर पर जताई चिंता
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वैक्सीन आपूर्ति में वैश्विक अंतर बेहद असमान है। उन्होंने कहा कि कुछ देश लाखों की संख्या में वैक्सीन का ऑर्डर कर रहे हैं जबकि कुछ देशों के पास अपने स्वास्थ्य कर्मियों और सबसे कमजोर लोगों तक को लगाने के लिए भी वैक्सीन नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं आपसे पूछता हूं कि बिना सुरक्षा के कौन स्वास्थ्यकर्मियों को आगे लाएगा। इस महामारी की चपेट में सबसे ज्यादा कौन लोग है? फ्रंटलाइन वर्कर, स्वास्थ्यकर्मी, वृद्धि व्यक्ति या कमजोर लोग।
उन्होंने आगे कहा कि वैक्सीन वायरस से लंबे समय तक लड़ने में अपनी भूमिका निभाती है। ऐसे समय में हमें उन लोगों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए जिन लोगों को वैक्सीन की एक भी डोज नहीं लगी।
तेज करना होगा वैक्सीन का उत्पादन
उन्होंने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (पुणे की वैक्सीन निर्माता कंपनी) को लेकर कहा कि सीरम वैक्सीन का सबसे बड़ा उत्पादक बना हुआ है। अन्य वैक्सीन निर्माताओं को भी अपनी गती बढ़ाने की जरूरत है क्योंकि हजारों लोग अभी भी रोजाना मर रहे हैं।












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